चीन-पेरू मुक्त व्यापार समझौते का उन्नत प्रोटोकॉल लागू, द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 50.4 अरब डॉलर पहुँचा
सारांश
मुख्य बातें
चीन और पेरू के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को उन्नत बनाने से जुड़ा प्रोटोकॉल 1 नवंबर 2026 को औपचारिक रूप से लागू हो गया। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग को नई ऊँचाई देने की दिशा में ऐतिहासिक महत्व रखता है। गौरतलब है कि यह किसी लैटिन अमेरिकी देश के साथ चीन का पहला व्यापक मुक्त व्यापार समझौता है।
उन्नयन प्रोटोकॉल की पृष्ठभूमि
चीन और पेरू ने नवंबर 2018 में मूल FTA को उन्नत बनाने के लिए द्विपक्षीय वार्ता की शुरुआत की थी। लंबी बातचीत के बाद 14 नवंबर 2024 को दोनों देशों ने इस उन्नयन प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। अब इसके लागू होने से दशकों पुराने व्यापारिक ढाँचे को आधुनिक वैश्विक जरूरतों के अनुरूप ढाला जा सकेगा।
मुख्य घटनाक्रम: क्या बदला और क्या जुड़ा
इस प्रोटोकॉल के तहत पहले से लागू मुक्त व्यापार समझौते के सात प्रमुख अध्यायों में व्यापक सुधार किए गए हैं। इनमें उद्गम नियम, सीमा शुल्क प्रक्रिया और व्यापार सुविधा, स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता उपाय, बौद्धिक संपदा, सेवा व्यापार, कारोबारी लोगों का अस्थायी प्रवेश तथा निवेश जैसे अहम विषय शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, समझौते में पाँच नए अध्याय भी जोड़े गए हैं — मानक और अनुरूपता मूल्यांकन में सहयोग, प्रतिस्पर्धा नीति, ई-कॉमर्स, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, तथा पर्यावरण और व्यापार। यह विस्तार संकेत देता है कि दोनों देश पारंपरिक वस्तु व्यापार से आगे बढ़कर डिजिटल अर्थव्यवस्था और हरित कारोबार में भी साझेदारी को गहरा करना चाहते हैं।
व्यापार के आँकड़े: सात गुना उछाल
आँकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार का कुल मूल्य 2009 में 6.4 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो 2025 में बढ़कर 50.4 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया — यानी इस अवधि में करीब सात गुना की बढ़ोतरी। मूल FTA के 2010 में लागू होने के बाद से यह वृद्धि-पथ निरंतर ऊर्ध्वगामी रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार पर अमेरिकी टैरिफ और भू-राजनीतिक तनावों की छाया है। ऐसे में चीन का लैटिन अमेरिका में व्यापारिक आधार मजबूत करना रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सेवा व्यापार और निवेश: आगे और खुलेगा बाज़ार
दोनों देशों ने सेवा व्यापार और निवेश से जुड़ी नकारात्मक सूची पर आगे वार्ता जारी रखने का प्रावधान भी किया है। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में बाज़ार पहुँच को और अधिक व्यापक बनाना तथा कारोबारी सहयोग के नए रास्ते खोलना है। विशेषज्ञों के अनुसार, ई-कॉमर्स और डिजिटल अध्याय के जुड़ने से दोनों देशों की कंपनियों को क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल व्यापार में भी सुविधा मिलेगी।
आगे की राह
उन्नयन प्रोटोकॉल के लागू होने से दोनों देशों की कंपनियों को बेहतर और अधिक पारदर्शी कारोबारी माहौल मिलने की उम्मीद है। चीन-पेरू आर्थिक संबंधों की यह नई कड़ी लैटिन अमेरिका में चीन की व्यापारिक उपस्थिति को और सुदृढ़ करेगी, और आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय निवेश प्रवाह पर इसका सीधा असर दिखने की संभावना है।