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चीन-पेरू मुक्त व्यापार समझौते का उन्नत प्रोटोकॉल लागू, द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 50.4 अरब डॉलर पहुँचा

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चीन-पेरू मुक्त व्यापार समझौते का उन्नत प्रोटोकॉल लागू, द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 50.4 अरब डॉलर पहुँचा

सारांश

चीन और पेरू के बीच मुक्त व्यापार समझौते का उन्नत प्रोटोकॉल 1 नवंबर को लागू हो गया। 7 पुराने अध्यायों में सुधार और 5 नए अध्यायों के साथ यह समझौता 2009 से अब तक सात गुना बढ़े द्विपक्षीय व्यापार को नई रफ़्तार देने के लिए तैयार है।

मुख्य बातें

चीन-पेरू FTA का उन्नत प्रोटोकॉल 1 नवंबर 2026 को औपचारिक रूप से लागू हुआ।
प्रोटोकॉल पर 14 नवंबर 2024 को हस्ताक्षर हुए थे; बातचीत नवंबर 2018 में शुरू हुई थी।
पुराने समझौते के 7 अध्यायों में सुधार और 5 नए अध्याय — जिनमें ई-कॉमर्स और पर्यावरण व व्यापार शामिल हैं — जोड़े गए।
द्विपक्षीय व्यापार 2009 के 6.4 अरब डॉलर से बढ़कर 2025 में 50.4 अरब डॉलर हो गया — करीब सात गुना की वृद्धि।
यह किसी लैटिन अमेरिकी देश के साथ चीन का पहला व्यापक मुक्त व्यापार समझौता है।

चीन और पेरू के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को उन्नत बनाने से जुड़ा प्रोटोकॉल 1 नवंबर 2026 को औपचारिक रूप से लागू हो गया। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग को नई ऊँचाई देने की दिशा में ऐतिहासिक महत्व रखता है। गौरतलब है कि यह किसी लैटिन अमेरिकी देश के साथ चीन का पहला व्यापक मुक्त व्यापार समझौता है।

उन्नयन प्रोटोकॉल की पृष्ठभूमि

चीन और पेरू ने नवंबर 2018 में मूल FTA को उन्नत बनाने के लिए द्विपक्षीय वार्ता की शुरुआत की थी। लंबी बातचीत के बाद 14 नवंबर 2024 को दोनों देशों ने इस उन्नयन प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। अब इसके लागू होने से दशकों पुराने व्यापारिक ढाँचे को आधुनिक वैश्विक जरूरतों के अनुरूप ढाला जा सकेगा।

मुख्य घटनाक्रम: क्या बदला और क्या जुड़ा

इस प्रोटोकॉल के तहत पहले से लागू मुक्त व्यापार समझौते के सात प्रमुख अध्यायों में व्यापक सुधार किए गए हैं। इनमें उद्गम नियम, सीमा शुल्क प्रक्रिया और व्यापार सुविधा, स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता उपाय, बौद्धिक संपदा, सेवा व्यापार, कारोबारी लोगों का अस्थायी प्रवेश तथा निवेश जैसे अहम विषय शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, समझौते में पाँच नए अध्याय भी जोड़े गए हैं — मानक और अनुरूपता मूल्यांकन में सहयोग, प्रतिस्पर्धा नीति, ई-कॉमर्स, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, तथा पर्यावरण और व्यापार। यह विस्तार संकेत देता है कि दोनों देश पारंपरिक वस्तु व्यापार से आगे बढ़कर डिजिटल अर्थव्यवस्था और हरित कारोबार में भी साझेदारी को गहरा करना चाहते हैं।

व्यापार के आँकड़े: सात गुना उछाल

आँकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार का कुल मूल्य 2009 में 6.4 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो 2025 में बढ़कर 50.4 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया — यानी इस अवधि में करीब सात गुना की बढ़ोतरी। मूल FTA के 2010 में लागू होने के बाद से यह वृद्धि-पथ निरंतर ऊर्ध्वगामी रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार पर अमेरिकी टैरिफ और भू-राजनीतिक तनावों की छाया है। ऐसे में चीन का लैटिन अमेरिका में व्यापारिक आधार मजबूत करना रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सेवा व्यापार और निवेश: आगे और खुलेगा बाज़ार

दोनों देशों ने सेवा व्यापार और निवेश से जुड़ी नकारात्मक सूची पर आगे वार्ता जारी रखने का प्रावधान भी किया है। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में बाज़ार पहुँच को और अधिक व्यापक बनाना तथा कारोबारी सहयोग के नए रास्ते खोलना है। विशेषज्ञों के अनुसार, ई-कॉमर्स और डिजिटल अध्याय के जुड़ने से दोनों देशों की कंपनियों को क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल व्यापार में भी सुविधा मिलेगी।

आगे की राह

उन्नयन प्रोटोकॉल के लागू होने से दोनों देशों की कंपनियों को बेहतर और अधिक पारदर्शी कारोबारी माहौल मिलने की उम्मीद है। चीन-पेरू आर्थिक संबंधों की यह नई कड़ी लैटिन अमेरिका में चीन की व्यापारिक उपस्थिति को और सुदृढ़ करेगी, और आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय निवेश प्रवाह पर इसका सीधा असर दिखने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे समय में जब वैश्विक व्यापार व्यवस्था अमेरिकी टैरिफ और पश्चिमी-चीन तनाव से उथल-पुथल में है। ई-कॉमर्स और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसे नए अध्यायों का जोड़ा जाना बताता है कि चीन अब पारंपरिक वस्तु-निर्यात से आगे बढ़कर डिजिटल और तकनीकी व्यापार में भी वर्चस्व स्थापित करना चाहता है। भारत के नज़रिये से यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है — लैटिन अमेरिका, जो भारतीय निर्यातकों के लिए एक उभरता बाज़ार है, वहाँ चीन के बढ़ते कदम भारत की व्यापारिक महत्वाकांक्षाओं के लिए प्रत्यक्ष चुनौती बन सकते हैं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन-पेरू FTA उन्नयन प्रोटोकॉल क्या है?
यह 2010 में लागू हुए चीन-पेरू मुक्त व्यापार समझौते को अद्यतन करने वाला प्रोटोकॉल है, जिस पर 14 नवंबर 2024 को हस्ताक्षर हुए और 1 नवंबर 2026 को यह लागू हो गया। इसमें 7 पुराने अध्यायों में सुधार और ई-कॉमर्स, पर्यावरण, प्रतिस्पर्धा नीति जैसे 5 नए अध्याय शामिल किए गए हैं।
चीन और पेरू के बीच द्विपक्षीय व्यापार कितना बढ़ा है?
आँकड़ों के अनुसार, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2009 में 6.4 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025 में 50.4 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है, जो करीब सात गुना की वृद्धि है।
इस उन्नयन प्रोटोकॉल में कौन-से नए अध्याय जोड़े गए हैं?
प्रोटोकॉल में पाँच नए अध्याय जोड़े गए हैं — मानक और अनुरूपता मूल्यांकन में सहयोग, प्रतिस्पर्धा नीति, ई-कॉमर्स, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, तथा पर्यावरण और व्यापार। ये अध्याय समझौते को आधुनिक वैश्विक व्यापार की जरूरतों के अनुरूप बनाते हैं।
क्या यह लैटिन अमेरिका के साथ चीन का पहला FTA है?
हाँ, चीन और पेरू के बीच 2010 में लागू हुआ मूल मुक्त व्यापार समझौता किसी लैटिन अमेरिकी देश के साथ चीन का पहला व्यापक मुक्त व्यापार समझौता था। अब इसका उन्नयन उस संबंध को और अधिक गहरा बनाता है।
इस प्रोटोकॉल से कारोबारियों को क्या फायदा होगा?
दोनों देशों की कंपनियों को बेहतर बाज़ार पहुँच, सरल सीमा शुल्क प्रक्रियाएँ और ई-कॉमर्स में नए अवसर मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, सेवा व्यापार और निवेश में नकारात्मक सूची पर आगे वार्ता का प्रावधान बाज़ार को और अधिक खोलने का रास्ता बनाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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