एससीओ देशों के साथ चीन का व्यापार 14.9% बढ़ा, सात महीनों में 24.2 खरब युआन का आयात-निर्यात
सारांश
मुख्य बातें
शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के साथ चीन का द्विपक्षीय व्यापार 2026 के पहले सात महीनों में तेज़ी से बढ़ा है। सीमा शुल्क आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में चीन का एससीओ सदस्य देशों के साथ कुल आयात-निर्यात 24.2 खरब युआन रहा, जो गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14.9 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि दर्शाती है कि दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग मज़बूत लचीलापन और गतिशीलता बनाए हुए है।
विद्युत-यांत्रिक उत्पादों का निर्यात अग्रणी
आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष के पहले सात महीनों में चीन ने एससीओ के अन्य सदस्य देशों को 9 खरब 98 अरब 35 करोड़ युआन के विद्युत-यांत्रिक उत्पादों का निर्यात किया। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.7 प्रतिशत अधिक है और इसी अवधि में एससीओ देशों को किए गए कुल निर्यात मूल्य का 63.1 प्रतिशत हिस्सा है।
ऑटोमोटिव पार्ट्स, निर्माण मशीनरी और बिजली उपकरण जैसे चीनी विद्युत-यांत्रिक उत्पाद एससीओ देशों के बुनियादी ढाँचे के उन्नयन, परिवहन सुविधाओं के विकास और जन-कल्याण परियोजनाओं में व्यापक रूप से उपयोग हो रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य एशियाई देश अपने बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण पर विशेष ज़ोर दे रहे हैं।
नया परिवहन मार्ग: चीन-किर्गिस्तान-उज्बेकिस्तान
हाल ही में ऑटोमोटिव पार्ट्स से लदी एक अंतर्राष्ट्रीय मालगाड़ी एससीओ (ल्यानयुनकांग) अंतर्राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स पार्क से रवाना हुई, जो चीन-किर्गिस्तान-उज्बेकिस्तान सड़क-रेल संयुक्त परिवहन मार्ग से होकर 15 दिनों में किर्गिस्तान पहुँचेगी। यह कुशल और निर्बाध अंतर्राष्ट्रीय परिवहन मार्ग एससीओ सदस्य देशों को चीनी उत्पादों की आपूर्ति को और गति देगा।
गौरतलब है कि यह मार्ग क्षेत्रीय संपर्क को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पारगमन समय और लागत दोनों को कम करता है।
कृषि आयात में भी विस्तार
चीन एससीओ सदस्य देशों से विशेष कृषि उत्पादों का आयात भी लगातार बढ़ा रहा है। इसका उद्देश्य अपने घरेलू उपभोक्ता बाज़ार में आपूर्ति को विविध बनाना है। यह रणनीति एससीओ के कृषि-प्रधान सदस्य देशों के लिए नए निर्यात अवसर खोल रही है।
एससीओ व्यापार का व्यापक संदर्भ
एससीओ में भारत, रूस, पाकिस्तान, कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और ईरान सहित कई देश शामिल हैं। चीन के साथ इन देशों का व्यापार हाल के वर्षों में निरंतर ऊपर की ओर रहा है, और आंकड़ों के अनुसार यह प्रवृत्ति 2026 में और मज़बूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर परिवहन अवसंरचना और व्यापार सुविधा उपाय इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं।