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चीन-SCO व्यापार 2025 में ₹37.5 खरब युआन पार, ऑटोमोबाइल निर्यात में 71% उछाल

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चीन-SCO व्यापार 2025 में ₹37.5 खरब युआन पार, ऑटोमोबाइल निर्यात में 71% उछाल

सारांश

चीन और SCO देशों के बीच व्यापार 2025 के पहले सात महीनों में 14.9% उछला — और ऑटोमोबाइल निर्यात में 71.2% की बढ़त इस रिश्ते की बदलती प्रकृति बताती है। रूस, भारत और कज़ाकिस्तान मिलकर 85.6% हिस्सेदारी के साथ इस व्यापार की धुरी बने हुए हैं।

मुख्य बातें

चीन-SCO व्यापार 2025 में 37 खरब 50 अरब युआन रहा, 2024 की तुलना में 2.8% अधिक।
2025 के पहले 7 महीनों में व्यापार 24 खरब 20 अरब युआन — सालाना आधार पर 14.9% वृद्धि।
ऑटोमोबाइल निर्यात 71.2% उछला — 1 खरब 19 अरब 33 करोड़ युआन ; एकल श्रेणी में सबसे बड़ी बढ़त।
इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद कुल निर्यात का 60% से अधिक — 9 खरब 98 अरब 35 करोड़ युआन ।
ऊर्जा उत्पाद कुल आयात का 43.4% ; धातु अयस्क आयात में 44.9% और कृषि उत्पाद आयात में 25.6% वृद्धि।
रूस, भारत, कज़ाकिस्तान मिलकर चीन के SCO व्यापार का 85.6% हिस्सा।

शांगहाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के साथ चीन का द्विपक्षीय व्यापार लगातार मज़बूत होता जा रहा है। चीनी सामान्य सीमा शुल्क प्रशासन के 29 अगस्त 2025 को जारी आँकड़ों के अनुसार, 2025 में दोनों पक्षों के बीच कुल व्यापार 37 खरब 50 अरब युआन रहा — जो 2024 के 36 खरब 50 अरब युआन से 2.8 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण की बढ़ती रफ़्तार को रेखांकित करती है।

मुख्य व्यापारिक आँकड़े

2025 के पहले सात महीनों में चीन और SCO देशों के बीच व्यापार 24 खरब 20 अरब युआन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14.9 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि दर पिछले दो वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से तेज़ है, जो क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के गहरे एकीकरण का संकेत देती है।

गौरतलब है कि 2024 में वृद्धि दर 3.8 प्रतिशत थी, जबकि 2025 की पूर्ण-वर्ष दर 2.8 प्रतिशत रही — परंतु चालू वर्ष के पहले सात महीनों का 14.9 प्रतिशत का आँकड़ा बताता है कि गति तेज़ हो रही है।

निर्यात में इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल अग्रणी

पहले सात महीनों में चीन ने SCO देशों को 15 खरब 80 अरब युआन का निर्यात किया। इसमें इलेक्ट्रॉनिक एवं मशीनरी उत्पाद सबसे बड़ी श्रेणी रहे — 9 खरब 98 अरब 35 करोड़ युआन, यानी कुल निर्यात का 60 प्रतिशत से अधिक

ऑटोमोबाइल निर्यात इस अवधि में 1 खरब 19 अरब 33 करोड़ युआन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 71.2 प्रतिशत अधिक है। यह एकल श्रेणी में सबसे बड़ी वृद्धि रही, जो चीनी वाहन निर्माताओं की SCO बाज़ारों में बढ़ती पैठ को दर्शाती है।

आयात में ऊर्जा और धातु उत्पाद प्रमुख

आयात के मोर्चे पर, पहले सात महीनों में चीन ने SCO देशों से 8 खरब 40 अरब 21 करोड़ युआन का आयात किया। ऊर्जा उत्पाद इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी के साथ 3 खरब 64 अरब 76 करोड़ युआन — यानी कुल आयात का 43.4 प्रतिशत — रहे।

इसके अतिरिक्त, धातु अयस्कों के आयात में 44.9 प्रतिशत और कृषि उत्पादों के आयात में 25.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह संरचना स्पष्ट करती है कि चीन SCO क्षेत्र से कच्चा माल और ऊर्जा आयात करता है, जबकि तैयार औद्योगिक उत्पाद निर्यात करता है।

शीर्ष व्यापारिक साझेदार: रूस, भारत और कज़ाकिस्तान

SCO देशों में चीन के तीन सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार रूस, भारत और कज़ाकिस्तान हैं। 2025 के पहले सात महीनों में इन तीनों के साथ व्यापार क्रमशः 11 खरब युआन, 7 खरब 48 अरब 39 करोड़ युआन और 2 खरब 24 अरब 29 करोड़ युआन रहा। तीनों मिलकर चीन के कुल SCO व्यापार का 85.6 प्रतिशत हिस्सा हैं।

अन्य सदस्यों में किर्गिज़स्तान के साथ व्यापार 81 अरब 19 करोड़ युआन और मिस्र के साथ 95 अरब 19 करोड़ युआन रहा।

आगे की दिशा

यह ऐसे समय में आया है जब SCO अपने विस्तार के बाद नए सदस्यों को व्यापार ढाँचे में समाहित करने की प्रक्रिया में है। आँकड़ों के अनुसार, यदि चालू वर्ष की गति बनी रही, तो 2025 का पूर्ण-वर्ष व्यापार पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक हो सकता है। आर्थिक और व्यापारिक सहयोग SCO के विस्तार के साथ और गहरा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका अधिकांश हिस्सा तीन देशों — रूस, भारत और कज़ाकिस्तान — पर टिका है, जो SCO के बहुपक्षीय एकीकरण की सीमा उजागर करता है। ऑटोमोबाइल निर्यात में 71.2% की छलांग चीनी EV और यात्री वाहनों की SCO बाज़ारों में बढ़ती पैठ का संकेत है — यह पश्चिमी बाज़ारों में टैरिफ दबाव के बीच चीन की बाज़ार-विविधीकरण रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। आयात में ऊर्जा की 43.4% हिस्सेदारी यह भी दर्शाती है कि यह व्यापार संरचनात्मक रूप से असंतुलित है — चीन तैयार माल बेचता है, कच्चा माल खरीदता है। SCO की असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह ढाँचा छोटे सदस्य देशों को भी समान लाभ दे पाता है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में चीन और SCO देशों के बीच कुल व्यापार कितना रहा?
चीनी सामान्य सीमा शुल्क प्रशासन के आँकड़ों के अनुसार, 2025 में चीन और SCO सदस्य देशों के बीच कुल व्यापार 37 खरब 50 अरब युआन रहा, जो 2024 के 36 खरब 50 अरब युआन से 2.8% अधिक है।
चीन के SCO व्यापार में सबसे तेज़ वृद्धि किस क्षेत्र में हुई?
2025 के पहले सात महीनों में ऑटोमोबाइल निर्यात में 71.2% की वृद्धि दर्ज हुई — 1 खरब 19 अरब 33 करोड़ युआन — जो एकल निर्यात श्रेणी में सबसे बड़ी बढ़त रही। इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद मात्रा में सबसे बड़ी श्रेणी रहे।
SCO देशों में चीन के शीर्ष व्यापारिक साझेदार कौन हैं?
2025 के पहले सात महीनों में रूस (11 खरब युआन), भारत (7 खरब 48 अरब 39 करोड़ युआन) और कज़ाकिस्तान (2 खरब 24 अरब 29 करोड़ युआन) चीन के शीर्ष तीन SCO व्यापारिक साझेदार रहे। ये तीनों मिलकर चीन के कुल SCO व्यापार का 85.6% हिस्सा हैं।
चीन SCO देशों से मुख्यतः क्या आयात करता है?
ऊर्जा उत्पाद सबसे बड़ी आयात श्रेणी हैं — 3 खरब 64 अरब 76 करोड़ युआन, यानी कुल आयात का 43.4%। इसके अलावा, धातु अयस्कों के आयात में 44.9% और कृषि उत्पादों के आयात में 25.6% की वृद्धि हुई।
SCO क्या है और इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं?
शांगहाई सहयोग संगठन (SCO) एक बहुपक्षीय संगठन है जिसमें चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, कज़ाकिस्तान, किर्गिज़स्तान और अन्य देश शामिल हैं। आर्थिक और व्यापारिक सहयोग इस संगठन के विकास का प्रमुख आधार माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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