1 अक्टूबर 2026
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एसआईआर पर विपक्ष को विपिन परमार की नसीहत: चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था, भ्रम फैलाना बंद करें

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एसआईआर पर विपक्ष को विपिन परमार की नसीहत: चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था, भ्रम फैलाना बंद करें

सारांश

हिमाचल प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने केलांग में विपक्ष को खुली चुनौती दी — एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने से पहले चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रक्रिया पढ़ें। उनका तर्क है कि मतदाता सूची का अद्यतन लोकतंत्र की बुनियाद है, न कि राजनीतिक विवाद का विषय।

मुख्य बातें

भाजपा नेता विपिन सिंह परमार ने 1 अक्टूबर 2026 को केलांग में पत्रकारवार्ता कर विपक्ष पर पलटवार किया।
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र नामों को हटाना है।
मतदाता जानकारी में सुधार और नए पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 और चुनाव आयोग का मतदाता सेवा पोर्टल उपलब्ध है।
परमार ने कांग्रेस और विपक्षी दलों से अपील की कि वे आधिकारिक जानकारी का अध्ययन करें और तथ्यों के आधार पर टिप्पणी करें।
पत्रकारवार्ता में विधायक डॉ.
जनक राज , पूर्व विधायक रवि ठाकुर , जिला भाजपा अध्यक्ष रिगजिन हायरापा और जिला महामंत्री संजय कटोच उपस्थित रहे।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता विपिन सिंह परमार ने 1 अक्टूबर 2026 को केलांग में आयोजित पत्रकारवार्ता में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनावी प्रक्रिया पर चर्चा तथ्यों तथा आधिकारिक जानकारी के आधार पर होनी चाहिए, न कि भ्रम फैलाने के उद्देश्य से।

एसआईआर क्या है और इसका उद्देश्य

परमार ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है। चुनाव आयोग के अनुसार एसआईआर का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम, आयु, पता और अन्य आवश्यक विवरणों का सत्यापन किया जाता है।

सुधार और नए पंजीकरण की व्यवस्था

परमार ने बताया कि यदि किसी मतदाता की जानकारी में त्रुटि है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे ठीक किया जा सकता है। नए पात्र मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, चुनाव आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से भी पात्र नागरिक ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। यह सुविधा प्रक्रिया को सुलभ और पारदर्शी बनाती है।

विपक्ष पर निशाना

भाजपा नेता परमार ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि एसआईआर को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने के बजाय राजनीतिक दलों को पहले इसकी वास्तविक प्रक्रिया और तथ्यों को समझना चाहिए। उन्होंने विपक्षी नेताओं से अपील की कि वे किसी भी टिप्पणी से पहले चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी का अध्ययन करें और तथ्यों के आधार पर ही अपनी बात रखें।

लोकतंत्र के लिए अद्यतन मतदाता सूची ज़रूरी

परमार ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि एक सही और अपडेट मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर ही मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जा रहा है और इसमें किसी तरह की अनियमितता का आरोप बेबुनियाद है।

पत्रकारवार्ता में उपस्थित नेता

इस पत्रकारवार्ता में भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज, पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रवि ठाकुर, जिला भाजपा अध्यक्ष रिगजिन हायरापा और जिला महामंत्री संजय कटोच भी मौजूद रहे। यह पत्रकारवार्ता ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रीय स्तर पर भी एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का यह चक्र जारी रहेगा।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है?
एसआईआर चुनाव आयोग द्वारा चलाई जाने वाली एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है — पात्र नागरिकों के नाम जोड़े जाते हैं और अपात्र नामों को हटाया जाता है। इसमें नाम, आयु, पता और अन्य विवरणों का सत्यापन किया जाता है।
विपिन परमार ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
परमार ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे एसआईआर की वास्तविक प्रक्रिया समझे बिना जनता में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से कहा कि पहले चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी का अध्ययन करें, फिर बयान दें।
नया मतदाता पंजीकरण कैसे कराएँ?
नए पात्र मतदाता फॉर्म-6 भरकर पंजीकरण करा सकते हैं। यह फॉर्म चुनाव आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है। मौजूदा मतदाता अपनी जानकारी में त्रुटि निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार सकते हैं।
चुनाव आयोग को संवैधानिक संस्था क्यों कहा जाता है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग की स्थापना की गई है, जो इसे स्वतंत्र और संवैधानिक दर्जा देता है। इसी आधार पर परमार ने कहा कि आयोग की प्रक्रियाओं पर तथ्यहीन आरोप उचित नहीं हैं।
इस पत्रकारवार्ता में और कौन-कौन उपस्थित थे?
केलांग में आयोजित इस पत्रकारवार्ता में भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज, पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रवि ठाकुर, जिला भाजपा अध्यक्ष रिगजिन हायरापा और जिला महामंत्री संजय कटोच उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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