18 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की अध्यक्षता में 19 मई को नई दिल्ली में 'स्मार्ट पावर' सेमिनार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की अध्यक्षता में 19 मई को नई दिल्ली में 'स्मार्ट पावर' सेमिनार

सारांश

भारतीय सेना का थिंक टैंक CLAWS 19 मई को नई दिल्ली में 'सुरक्षा से समृद्धि' विषय पर उच्चस्तरीय सेमिनार आयोजित कर रहा है। थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की अध्यक्षता में यह मंच भारत की 'स्मार्ट पावर' रणनीति — सैन्य, आर्थिक, कूटनीतिक और तकनीकी शक्ति के समन्वय — पर नीतिगत दिशा तय करने की कोशिश करेगा।

मुख्य बातें

सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज (CLAWS) द्वारा 19 मई 2025 को नई दिल्ली में उच्चस्तरीय रक्षा सेमिनार आयोजित किया जाएगा।
थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
सेमिनार का विषय 'सुरक्षा से समृद्धि: सतत राष्ट्रीय विकास के लिए स्मार्ट पावर' है।
चर्चा में रणनीतिक स्वायत्तता , रक्षा आत्मनिर्भरता , इंडो-पैसिफिक में भारत की भूमिका और साइबर-तकनीकी सुरक्षा शामिल हैं।
नीति निर्माता, राजनयिक, रक्षा अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि सहित व्यापक भागीदारी अपेक्षित है।

थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी 19 मई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय रक्षा सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जहाँ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक रणनीति और तकनीकी नवाचार को एकीकृत करने पर व्यापक विचार-विमर्श होगा। सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज (CLAWS) द्वारा आयोजित यह सेमिनार 'सुरक्षा से समृद्धि: सतत राष्ट्रीय विकास के लिए स्मार्ट पावर' विषय पर केंद्रित रहेगा।

सेमिनार का विषय और उद्देश्य

इस सेमिनार का मूल प्रश्न यह है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य और बढ़ती भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत किस प्रकार सैन्य, कूटनीतिक, आर्थिक और तकनीकी क्षमताओं को एकसाथ जोड़कर अपनी रणनीतिक शक्ति को सुदृढ़ कर सकता है। 'स्मार्ट पावर' की अवधारणा इस चर्चा के केंद्र में होगी, जिसके अंतर्गत केवल सैन्य बल नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूती, तकनीकी आत्मनिर्भरता, प्रभावी कूटनीति और राष्ट्रीय संस्थाओं की क्षमता को समेकित करने पर जोर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि CLAWS भारतीय सेना का एक स्वायत्त रणनीतिक थिंक टैंक है, जो जमीनी युद्ध, रणनीतिक मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वैचारिक पहलुओं पर शोध करता है।

प्रमुख प्रतिभागी और चर्चा के विषय

इस उच्चस्तरीय आयोजन में नीति निर्माता, राजनयिक, रक्षा क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और रणनीतिक विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। चर्चा के प्रमुख विषयों में रणनीतिक स्वायत्तता, रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता, नई तकनीकों का सैन्य उपयोग, आर्थिक सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका शामिल हैं।

सुरक्षा और समृद्धि का अंतर्संबंध

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय में सुरक्षा और समृद्धि एक-दूसरे से गहराई से जुड़ चुके हैं। वैश्विक संघर्ष, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, साइबर खतरे, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और समुद्री सुरक्षा जैसी चुनौतियों के बीच किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति उसकी सुरक्षा संरचना पर निर्भर करती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक मंचों पर अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को लगातार मुखर कर रहा है।

अपेक्षित परिणाम

इस आयोजन से नीति निर्माण और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये सुझाव आने वाले वर्षों में भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा और वैश्विक रणनीतिक स्थिति को मजबूती देने में सहायक हो सकते हैं। सेमिनार के निष्कर्ष भविष्य की रक्षा और विदेश नीति के लिए एक वैचारिक आधार तैयार कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नीति और क्रियान्वयन के बीच की खाई अभी भी चौड़ी है। CLAWS जैसे थिंक टैंक के सेमिनार तब सार्थक होते हैं जब उनके निष्कर्ष सरकारी नीति में ठोस रूप लेते हैं, न कि केवल रिपोर्टों में दर्ज होकर रह जाते हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब भारत एक साथ चीन सीमा पर सतर्कता, पाकिस्तान के साथ तनाव और इंडो-पैसिफिक में बढ़ती जिम्मेदारियाँ संभाल रहा है। असली सवाल यह है कि इस सेमिनार के विचार-विमर्श से निकले सुझाव रक्षा बजट, खरीद नीति और कूटनीतिक प्राथमिकताओं को कितनी तेज़ी से प्रभावित कर पाते हैं।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CLAWS का 'स्मार्ट पावर' सेमिनार क्या है और यह कब होगा?
यह सेमिनार 19 मई 2025 को नई दिल्ली में सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज (CLAWS) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसका विषय 'सुरक्षा से समृद्धि: सतत राष्ट्रीय विकास के लिए स्मार्ट पावर' है, जिसमें भारत की सैन्य, आर्थिक, कूटनीतिक और तकनीकी क्षमताओं के समन्वय पर चर्चा होगी।
इस सेमिनार में कौन शामिल होंगे?
थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा नीति निर्माता, राजनयिक, रक्षा क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और रणनीतिक विशेषज्ञ भी भाग लेंगे।
सेमिनार में किन विषयों पर चर्चा होगी?
सेमिनार में रणनीतिक स्वायत्तता, रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता, साइबर और तकनीकी सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की भूमिका जैसे विषयों पर मंथन होगा। 'स्मार्ट पावर' की अवधारणा के तहत यह समझने की कोशिश होगी कि भारत दीर्घकालिक विकास और सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकता है।
इस सेमिनार से क्या परिणाम अपेक्षित हैं?
इस आयोजन से नीति निर्माण और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार ये सुझाव भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा और वैश्विक रणनीतिक स्थिति को मजबूती देने में सहायक हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले