चीन ने 'हजार पाल नक्षत्र' के लिए लांगमार्च-8 से उपग्रहों का 9वाँ बैच लॉन्च किया

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चीन ने 'हजार पाल नक्षत्र' के लिए लांगमार्च-8 से उपग्रहों का 9वाँ बैच लॉन्च किया

सारांश

चीन ने 17 मई की रात हाईनान से लांगमार्च-8 रॉकेट के ज़रिए 'हजार पाल नक्षत्र' के 9वें बैच के उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में भेजे। G60 स्टारलिंक के नाम से पहचानी जाने वाली यह परियोजना चीन की स्वदेशी उपग्रह इंटरनेट महत्वाकांक्षा का प्रतीक है और वैश्विक अंतरिक्ष इंटरनेट होड़ में बीजिंग की बढ़ती दावेदारी को रेखांकित करती है।

मुख्य बातें

चीन ने 17 मई 2025 की रात 10:42 बजे हाईनान प्रांत से लांगमार्च-8 रॉकेट के ज़रिए उपग्रह प्रक्षेपित किए।
'हजार पाल नक्षत्र' परियोजना का यह 9वाँ बैच था; सभी उपग्रह निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हुए।
परियोजना को G60 स्टारलिंक भी कहा जाता है — यह चीन की स्वदेशी निम्न कक्षा ब्रॉडबैंड इंटरनेट योजना है।
यह परियोजना वैश्विक स्तर पर स्पेसएक्स स्टारलिंक और अमेज़न कुइपर जैसी सेवाओं की प्रतिस्पर्धी मानी जाती है।
प्रक्षेपण वाणिज्यिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र, हाईनान से किया गया और पूरा अभियान सफल रहा।

चीन ने 17 मई 2025 की रात 10 बजकर 42 मिनट पर हाईनान प्रांत स्थित वाणिज्यिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र से लांगमार्च-8 वाहक रॉकेट के ज़रिए 'हजार पाल नक्षत्र' (SpaceSail Constellation) परियोजना के 9वें बैच के उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजे। सभी उपग्रह निर्धारित कक्षा में सुचारू रूप से स्थापित हो गए और उनकी स्थिति सामान्य बताई गई।

मुख्य घटनाक्रम

प्रक्षेपण दक्षिण चीन के हाईनान प्रांत स्थित वाणिज्यिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र से किया गया। लांगमार्च-8 रॉकेट चीन के मध्यम-श्रेणी के प्रक्षेपण यानों में से एक है, जिसे विशेष रूप से वाणिज्यिक उपग्रह प्रक्षेपणों के लिए विकसित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रक्षेपण कार्य पूरी तरह सफल रहा।

'हजार पाल नक्षत्र' परियोजना क्या है

'हजार पाल नक्षत्र' चीन द्वारा स्वतंत्र रूप से विकसित एक निम्न कक्षा (Low Earth Orbit) उपग्रह इंटरनेट परियोजना है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य ब्रॉडबैंड और इंटरनेट कनेक्टिविटी सेवाएँ प्रदान करना है। इस परियोजना को G60 स्टारलिंक के नाम से भी जाना जाता है। यह परियोजना वैश्विक स्तर पर अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स के स्टारलिंक नेटवर्क के समकक्ष चीन का जवाब मानी जाती है।

वैश्विक संदर्भ और महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर निम्न कक्षा उपग्रह इंटरनेट सेवाओं की होड़ तेज़ हो रही है। स्पेसएक्स, अमेज़न (प्रोजेक्ट कुइपर) और यूरोपीय वनवेब जैसी कंपनियाँ इस क्षेत्र में पहले से सक्रिय हैं। गौरतलब है कि चीन इस परियोजना के ज़रिए अपनी अंतरिक्ष-आधारित डिजिटल अवसंरचना को स्वदेशी तकनीक से मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 9वाँ बैच यह भी दर्शाता है कि परियोजना तेज़ गति से अपने नक्षत्र निर्माण की ओर अग्रसर है।

आगे की राह

विशेषज्ञों के अनुसार, 'हजार पाल नक्षत्र' परियोजना के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद यह चीन के दूरदराज़ क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुँचाने में सक्षम होगी। इस परियोजना के तहत आने वाले वर्षों में सैकड़ों और उपग्रहों के प्रक्षेपण की योजना है, जिससे वैश्विक उपग्रह इंटरनेट प्रतिस्पर्धा और भी तीव्र होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रणनीतिक स्वायत्तता की दिशा में एक सुनियोजित कदम है। जब अमेरिकी स्टारलिंक वैश्विक कनेक्टिविटी पर अपनी पकड़ मज़बूत कर रहा है, तो G60 चीन का वह दांव है जो उसे पश्चिमी डिजिटल ढाँचे पर निर्भरता से मुक्त रखना चाहता है। भारत के लिए यह प्रासंगिक है — एक पड़ोसी देश द्वारा LEO नक्षत्र का तेज़ विस्तार क्षेत्रीय अंतरिक्ष शक्ति संतुलन को प्रभावित करता है और भारत की अपनी उपग्रह इंटरनेट योजनाओं पर दबाव बढ़ाता है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'हजार पाल नक्षत्र' परियोजना क्या है?
'हजार पाल नक्षत्र' चीन की स्वदेशी निम्न कक्षा उपग्रह इंटरनेट परियोजना है, जिसे G60 स्टारलिंक भी कहा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य ब्रॉडबैंड और इंटरनेट कनेक्टिविटी सेवाएँ प्रदान करना है।
17 मई 2025 को चीन ने कहाँ से उपग्रह लॉन्च किए?
यह प्रक्षेपण दक्षिण चीन के हाईनान प्रांत स्थित वाणिज्यिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र से रात 10 बजकर 42 मिनट पर किया गया। लांगमार्च-8 वाहक रॉकेट का उपयोग किया गया और सभी उपग्रह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित हुए।
G60 स्टारलिंक और अमेरिकी स्टारलिंक में क्या फ़र्क है?
G60 स्टारलिंक चीन की सरकार-समर्थित स्वदेशी परियोजना है, जबकि अमेरिकी स्टारलिंक स्पेसएक्स की निजी व्यावसायिक सेवा है। दोनों निम्न कक्षा उपग्रहों के ज़रिए ब्रॉडबैंड इंटरनेट देने का लक्ष्य रखती हैं, लेकिन G60 का ज़ोर चीन की डिजिटल स्वायत्तता पर है।
इस प्रक्षेपण का वैश्विक अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा पर क्या असर होगा?
9वें बैच का सफल प्रक्षेपण यह दर्शाता है कि चीन LEO उपग्रह नक्षत्र निर्माण में तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। इससे स्पेसएक्स, अमेज़न कुइपर और वनवेब जैसी कंपनियों के साथ वैश्विक अंतरिक्ष इंटरनेट प्रतिस्पर्धा और तीव्र होने की संभावना है।
लांगमार्च-8 रॉकेट क्या है?
लांगमार्च-8 चीन का मध्यम-श्रेणी वाहक रॉकेट है, जिसे विशेष रूप से वाणिज्यिक उपग्रह प्रक्षेपणों के लिए विकसित किया गया है। यह चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम की लांगमार्च श्रृंखला का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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