क्या क्लब चॉकलेट ने प्रधानमंत्री मोदी की भारत की पहली खास मूर्ति बनाई है?

सारांश
Key Takeaways
- क्लब चॉकलेट ने अनोखी चॉकलेट मूर्ति बनाई है।
- यह मूर्ति प्रधानमंत्री मोदी के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
- 15 छात्रों ने मिलकर 70 किलोग्राम चॉकलेट का उपयोग किया।
- मूर्ति में उज्ज्वला योजना और जन धन योजना का भी समावेश है।
- यह कला और कौशल का एक अद्भुत उदाहरण है।
भुवनेश्वर, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के भुवनेश्वर में क्लब चॉकलेट द स्कूल ऑफ बेकिंग एंड फाइन पेस्ट्री आर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारत की पहली चॉकलेट मूर्ति बनाई है। इसमें कलात्मकता, समर्पण और मधुर रचनात्मकता का अद्वितीय संगम है।
इस खूबसूरत कृति को संस्थान के 15 डिप्लोमा छात्रों ने शेफ राकेश कुमार साहू और मेंटॉर रंजन परिदा के मार्गदर्शन में जीवंत किया है। सात दिनों की मेहनत के बाद इन युवा कलाकारों ने 70 किलोग्राम चॉकलेट का उपयोग कर इस मूर्ति को तैयार किया। इसमें 15 किलोग्राम व्हाइट चॉकलेट और 55 किलोग्राम डार्क चॉकलेट का इस्तेमाल हुआ है।
यह मूर्ति न केवल प्रधानमंत्री की छवि को प्रदर्शित करती है, बल्कि उनकी ऐतिहासिक पहलों जैसे उज्ज्वला योजना, ऑपरेशन सिंदूर, और जन धन योजना का भी प्रतीक है।
क्लब चॉकलेट के सह-संस्थापक शेफ राकेश साहू ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि हमने यह मूर्ति डिप्लोमा पाठ्यक्रम के अंतर्गत बनाई है। अगले महीने प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन आ रहा है, इसलिए हमने सोचा कि क्यों न उनकी एक मूर्ति बनाई जाए। इसमें हमने एक छोटे से ग्लोब के साथ देश की उपलब्धियों और पीएम की योजनाओं को सजाया है। हम 17 सितंबर से पहले उनके जन्मदिन के अवसर पर यह मूर्ति उपहार के रूप में भेंट करना चाहते हैं।
क्लब चॉकलेट के छात्र रंजन कुमार परिदा ने कहा कि इस रचना का हिस्सा बनकर हमने धैर्य, टीम वर्क, और नवाचार की शक्ति का पाठ सीखा। यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है।
छात्रा सुनयना महापात्रा ने कहा कि हमने 15 लोगों ने रोजाना 14 घंटे तक मेहनत की है। हमारे लिए सबसे चुनौतीपूर्ण था कि हमने कभी पीएम मोदी को बिना चश्मे के नहीं देखा था। हमें उम्मीद नहीं थी कि हम ऐसा कर पाएंगे, लेकिन हमने इसे कर दिखाया। यह हमारे लिए गर्व की बात है। हम यह दिखाना चाहते थे कि चॉकलेट, एक स्वादिष्ट व्यंजन होने के अलावा, भावनाओं और सम्मान को समेटे कला का एक रूप भी हो सकती है। हमारे लिए यह सिर्फ एक मूर्ति से कहीं बढ़कर है, यह कृतज्ञता का संदेश है।
इस रचना के साथ, क्लब चॉकलेट ने न केवल बेकिंग कला की दुनिया में अपनी जगह बनाई है, बल्कि यह भी एक नया मानक स्थापित किया है कि कैसे पाक कला कौशल प्रेरणा, नेतृत्व और राष्ट्रीय गौरव की कहानियाँ कह सकते हैं।