प्रियंका गांधी ने अमित शाह के बयान पर उठाई आपत्ति, स्पीकर की चुप्पी पर सवाल
सारांश
Key Takeaways
- प्रियंका गांधी ने अमित शाह की भाषा पर सवाल उठाया है।
- स्पीकर ओम बिरला की चुप्पी पर चर्चा हुई।
- नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर विचार विमर्श किया गया।
- कांग्रेस सांसदों ने संसद में भाषा के उपयोग पर ध्यान दिलाया।
- उत्तर प्रदेश में गैस की कमी की समस्या उठाई गई।
नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के संदर्भ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि अमित शाह द्वारा उपयोग की गई भाषा उचित नहीं थी। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने आपत्ति क्यों नहीं उठाई?
लोकसभा में अमित शाह ने यह कहा कि विपक्ष के नेता की शिकायत है कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। मैं जानना चाहता हूँ, यह कौन तय करेगा कि किसे बोलना है। जब बोलने का अवसर आता है, तो आप जर्मनी या इंग्लैंड में नजर आते हैं, और फिर उसी पर शिकायत करते हैं।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नो-कॉन्फिडेंस मोशन स्पीकर के खिलाफ था, न कि राहुल गांधी के खिलाफ। उन्हें इस मुद्दे पर बोलना चाहिए था। आज उन्होंने संसद में एक असंसदीय शब्द का प्रयोग किया, लेकिन स्पीकर ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि स्पीकर के व्यवहार पर आपत्ति थी, अन्यथा कोई कारण नहीं था। अमित शाह का यह कहना कि इतिहास में स्पीकर के खिलाफ दो बार ही नो-कॉन्फिडेंस मोशन आया है, सही है। लेकिन क्या कानून केवल विपक्ष के लिए है? वर्तमान सरकार और अन्य के लिए क्या कानून के नियम नहीं हैं?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर कहा कि हम सभी सदस्य स्पीकर ओम बिरला का पूरा सम्मान करते हैं। भाजपा के लोगों का लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है। महिला सांसदों के संदर्भ में सरकार ने स्पीकर के माध्यम से बयान जारी किया कि पीएम की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि सभी भाषण और बातें स्पीकर के लिए थीं। जिस तरह से सदन का संचालन होना चाहिए था, उस प्रक्रिया पर चर्चा होनी चाहिए। अमित शाह का भाषा का उपयोग उचित नहीं है। इस प्रकार की भाषा निंदनीय है। हमें अपने व्यवहार में सुधार लाना चाहिए।
सपा सांसद ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर गैस की कमी देखी गई है। भाजपा को बताना चाहिए कि संकट से बाहर निकलने के लिए प्रदेश या केंद्र की सरकार द्वारा क्या उपाय किए गए हैं।
सांसद महुआ माजी ने कहा कि यह स्पष्ट है कि जिनके पास संख्या में ताकत होगी, वही सदन में अपने अनुसार निर्णय लेगा। आवाज उठाना विपक्ष का कार्य है।