राजस्थान सरकार तीर्थ स्थलों के विकास को दे रही है विशेष महत्व: सीएम भजनलाल शर्मा

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राजस्थान सरकार तीर्थ स्थलों के विकास को दे रही है विशेष महत्व: सीएम भजनलाल शर्मा

सारांश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने धार्मिक संरचनाओं के महत्व पर जोर देते हुए कहा है कि राजस्थान सरकार तीर्थ स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने धर्म के अनुसरण की आवश्यकता और महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डाला।

Key Takeaways

  • राजस्थान सरकार तीर्थ स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है।
  • धर्म का पालन जीवन के हर क्षेत्र में आवश्यक है।
  • धार्मिक आयोजन सामाजिक सद्भाव को बढ़ाते हैं।
  • वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा के अवसर दिए जा रहे हैं।
  • राजस्थान दिवस मनाना संस्कृति को बढ़ावा देता है।

जयपुर, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को धार्मिक आधारभूत संरचनाओं के महत्व पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार राज्य के विभिन्न तीर्थ स्थलों के विकास को उच्च प्राथमिकता दे रही है। शर्मा ने यह भी कहा कि शासन और लोक सेवा समेत जीवन के हर क्षेत्र में धर्म का अनुसरण करना आवश्यक है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्म के बिना किसी भी कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा नहीं किया जा सकता और सच्ची सिद्धि केवल धर्म के मार्ग पर चलने से संभव है।

इस अवसर पर, बालोतरा के कानाना श्री मठ में आयोजित श्री ललिता महायज्ञ के पूर्णाहुति (समापन समारोह) और देवी सरस्वती मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को शर्मा ने संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देते हैं और युवा पीढ़ी को उनकी संस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं।

उन्होंने बालोतरा के धार्मिक महत्व को उजागर करते हुए कहा कि यहां के तीर्थ स्थल राज्य की गौरवशाली परंपराओं के संरक्षक हैं और कानाना मठ में एक गहरी आध्यात्मिक आभा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपने सांस्कृतिक और धार्मिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं।

उन्होंने उल्लेख किया कि अयोध्या में श्री राम लल्ला की प्राण प्रतिष्ठा, वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल महालोक और प्रसाद योजना के तहत प्रमुख तीर्थ स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

शर्मा ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर दिया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री विकासशील ग्राम एवं वार्ड योजना राज्यभर में धार्मिक स्थलों के व्यवस्थित विकास में योगदान कर रही है।

देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को राजस्थान दिवस मनाना इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

महंत परशुराम गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और सरकार की जन कल्याणकारी पहलों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की धार्मिक सभाएं सनातन संस्कृति और अखंड भारत के सार का प्रतीक हैं, जो वैश्विक शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने में भारत की भूमिका पर जोर देती हैं।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने वर्षभर चलने वाले श्री ललिता महायज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न की। देशभर से आए संतों और महंतों को पारंपरिक भेंट अर्पित की गई।

Point of View

बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी प्रोत्साहित करता है। मुख्यमंत्री के बयान से स्पष्ट है कि राज्य सरकार धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में तत्पर है, जो युवा पीढ़ी को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में मदद करेगा।
NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

राजस्थान सरकार तीर्थ स्थलों के विकास को क्यों प्राथमिकता दे रही है?
राजस्थान सरकार का मानना है कि तीर्थ स्थलों का विकास धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने धार्मिक आयोजनों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से युवा पीढ़ी को उनकी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मदद मिलती है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए तीर्थ यात्रा योजना क्या है?
इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान किया जाता है।
राजस्थान दिवस मनाने का क्या महत्व है?
राजस्थान दिवस मनाना राज्य की सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में क्या बदलाव आए हैं?
उनके नेतृत्व में भारत ने धार्मिक और सांस्कृतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखा है, जैसे अयोध्या में श्री राम लल्ला की प्राण प्रतिष्ठा।
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