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क्या सीएम धामी का निर्देश श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का है?

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क्या सीएम धामी का निर्देश श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का है?

सारांश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। धर्मांतरण कानून को सख्त करने की भी बात कही गई है, जिससे प्रदेश की संस्कृति और धरोहर की रक्षा हो सके।

मुख्य बातें

धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना।
धर्मांतरण कानून को और सख्त करना।
भीड़ प्रबंधन में सुधार करना।
श्रद्धालुओं का पंजीकरण अनिवार्य करना।
सुरक्षित दर्शन अनुभव प्रदान करना।

देहरादून, 28 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे हरिद्वार स्थित मनसा देवी, चंडी देवी मंदिर, टनकपुर स्थित पूर्णागिरि धाम, नैनीताल के कैंची धाम, अल्मोड़ा के जागेश्वर मंदिर, पौड़ी स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर सहित अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि इन मंदिरों में भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालु पंजीकरण, पैदल मार्गों और सीढ़ियों का चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने और अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुरक्षित दर्शन अनुभव प्राप्त हो।

उन्होंने निर्देश दिए कि दोनों मंडलों के आयुक्तों की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाए। इस समिति में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने विशेष रूप से मनसा देवी मंदिर परिसर और अन्य प्रमुख मंदिर परिसरों के सुनियोजित विकास, धारणा क्षमता में वृद्धि और व्यवस्थित दुकान प्रबंधन पर बल देते हुए निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था को सुदृढ़, सुव्यवस्थित और सुगम बनाया जाए। श्रद्धालुओं का पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाए तथा दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित करते हुए चरणबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इसके अलावा, सीएम धामी ने बैठक में धर्मांतरण के कानून को और सख़्त करने के निर्देश दिए। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में कहा कि उत्तराखंड सीमांत प्रदेश होने के साथ ही सनातन की पुण्यभूमि भी है। इसलिए यहां डेमोग्राफी में बदलाव की किसी भी कोशिश को सख्ती से रोका जाए।

उन्होंने कहा कि पुलिस इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे। धर्मांतरण कराने वाले तत्वों के जाल में फंसे लोगों को उचित परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया जाए। हाल की घटनाओं को देखते हुए, धर्मांतरण कानून को और सख्त बनाए जाने की दिशा में तत्काल कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऑपरेशन कालनेमी भी ऐसे तत्वों पर लगाम लगाने में सफल रहा है। इस मुहिम को आगे भी चलाए जाने की जरूरत है, इसलिए पुलिस मुख्यालय के स्तर पर, इसकी निगरानी के लिए एसआईटी का गठन किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कह सकता हूँ कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उठाए गए कदम न केवल धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह धर्मांतरण को नियंत्रित करने की दिशा में भी एक ठोस प्रयास हैं। यह कदम प्रदेश की संस्कृति और धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम धामी ने श्रद्धालुओं के लिए कौन सी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया?
सीएम धामी ने प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
धर्मांतरण कानून को सख्त करने का कारण क्या है?
उत्तराखंड की संस्कृति और डेमोग्राफी में बदलाव को रोकने के लिए धर्मांतरण कानून को सख्त करने का निर्देश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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