19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे? : सीएम पुष्कर सिंह धामी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे? : सीएम पुष्कर सिंह धामी

सारांश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूकेएसएसएससी की परीक्षा रद्द करने का निर्णय छात्रों के हित में लिया है। सीबीआई जांच की सिफारिश से पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया है। यह निर्णय छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।

मुख्य बातें

यूकेएसएसएससी परीक्षा रद्द की गई है।
सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है।
छात्रों के हित को प्राथमिकता दी गई है।
परीक्षा की पारदर्शिता को बनाए रखा जाएगा।
भविष्य में निष्पक्षता सुनिश्चित की जाएगी।

देहरादून, 11 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) द्वारा 21 सितंबर को आयोजित होने वाली परीक्षा अब रद्द कर दी गई है। इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर साझा की।

सीएम धामी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यूकेएसएसएससी द्वारा आयोजित स्नातक स्तर की भर्ती परीक्षा को छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निरस्त किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय जांच आयोग की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि राज्य में परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे। पुनः आयोजित होने वाली यह परीक्षा अन्य परीक्षाओं के कार्यक्रम पर कोई असर नहीं डालेगी। उत्तराखंड में हर छात्र के लिए निष्पक्ष अवसर और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि हमने नकल प्रकरण की जांच के लिए सीबीआई की संस्तुति कर दी है। हमारी सरकार छात्रों के भविष्य और अभिभावकों के विश्वास के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने देगी।

यूकेएसएसएससी द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग ने शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। इस आयोग की अध्यक्षता उत्तराखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि आयोग ने कम समय में व्यापक जनसुनवाई की और अभ्यर्थियों व अन्य पक्षों से सुझाव लेकर यह रिपोर्ट तैयार की है। उन्होंने आयोग के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि सरकार इस रिपोर्ट का गहन अध्ययन करेगी और अभ्यर्थियों के हित में उचित निर्णय लेगी। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की सिफारिश की जा चुकी है। इससे मामले की पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार परीक्षाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि किसी भी भर्ती परीक्षा में अनियमितता की कोई गुंजाइश न रहे। उनका कहना था कि सरकार का लक्ष्य अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बनाए रखना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह न केवल छात्रों के लिए बल्कि समाज के लिए भी गंभीर मुद्दा बन जाता है। मुख्यमंत्री का यह प्रयास पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूकेएसएसएससी परीक्षा क्यों रद्द की गई?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों के हित में और जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया।
सीबीआई जांच की आवश्यकता क्यों पड़ी?
यह नकल प्रकरण की जांच के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
भविष्य में परीक्षाओं की निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित होगी?
राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में परीक्षाओं में अनियमितताओं की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले