उत्तराखंड की सपना राणा को जर्मनी में नर्सिंग नौकरी, ₹3,30,000 मासिक वेतन; सीएम धामी से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
टिहरी गढ़वाल की युवा नर्स सपना राणा ने उत्तराखंड सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जर्मन भाषा प्रशिक्षण प्राप्त कर जर्मनी के हैमबर्ग स्थित शॉन क्लीनिक हॉस्पिटल में नर्स पद पर नियुक्ति हासिल की है। उन्हें 3,060 यूरो (लगभग ₹3,30,000) प्रतिमाह के वेतन पर चुना गया है। बुधवार, 24 जून को सपना ने देहरादून स्थित सीएम आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की।
योजना की पृष्ठभूमि और सपना की शैक्षिक यात्रा
सपना राणा ने अपनी स्कूली शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, पोखाल, टिहरी गढ़वाल से और नर्सिंग की पढ़ाई स्टेट नर्सिंग कॉलेज, देहरादून से पूरी की। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार के विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा संचालित जर्मन भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया और भाषा परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। यह प्रकोष्ठ कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत कार्यरत है।
मुख्यमंत्री धामी का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के माध्यम से राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जापान और जर्मनी में सेवायोजन के लिए भाषा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, और अब तक करीब 65 युवाओं को जापान में नियुक्ति मिल चुकी है।
कैबिनेट मंत्री का बयान
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि जर्मनी में नर्सिंग क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाएँ हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रकोष्ठ द्वारा जर्मन भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। सपना राणा इस कार्यक्रम की पहली लाभार्थी हैं जिन्होंने जर्मनी में नर्स के रूप में सफलतापूर्वक चयन प्राप्त किया। इस अवसर पर सचिव सी. रविशंकर भी उपस्थित रहे।
आम युवाओं पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों से पलायन एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। गौरतलब है कि टिहरी गढ़वाल जैसे दूरस्थ जिलों के युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने की यह पहल राज्य में कौशल-आधारित विदेश रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। आने वाले महीनों में जर्मनी के लिए भी और युवाओं के चयन की प्रक्रिया जारी रहने की उम्मीद है।