21 अक्टूबर 2026
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सिंहस्थ महाकुंभ: CM फडणवीस आज राष्ट्रपति मुर्मू से मिलेंगे, 31 अक्टूबर के ध्वजारोहण का न्योता देंगे

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सिंहस्थ महाकुंभ: CM फडणवीस आज राष्ट्रपति मुर्मू से मिलेंगे, 31 अक्टूबर के ध्वजारोहण का न्योता देंगे

सारांश

महाराष्ट्र के सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारी अब राजकीय स्तर पर पहुँच गई है। CM फडणवीस आज दिल्ली में राष्ट्रपति मुर्मू को 31 अक्टूबर के ध्वजारोहण का न्योता देंगे। नासिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर में एक साथ दोपहर 12:02 पर होगा यह अनुष्ठान — महाकुंभ के औपचारिक शुभारंभ की पहली कड़ी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलेंगे।
राष्ट्रपति को 31 अक्टूबर को नासिक में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के ध्वजारोहण समारोह का निमंत्रण दिया जाएगा।
ध्वजारोहण दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर दो स्थानों — रामकुंड घाट (नासिक) और कुशावर्त कुंड (त्र्यंबकेश्वर) — पर एक साथ होगा।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के भी समारोह में उपस्थित रहने की उम्मीद।
कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन की अध्यक्षता में सितंबर में हुई बैठक में सुरक्षा, यातायात और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की गई।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट करेंगे और उन्हें नासिक में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के ध्वजारोहण समारोह में सम्मिलित होने का आमंत्रण देंगे। यह ध्वजारोहण समारोह 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाना है, जो महाकुंभ के औपचारिक शुभारंभ का प्रतीक होगा।

ध्वजारोहण समारोह की रूपरेखा

31 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर एक साथ दो स्थानों पर ध्वजारोहण किया जाएगा। पहला स्थान नासिक का ऐतिहासिक रामकुंड घाट है और दूसरा त्र्यंबकेश्वर स्थित कुशावर्त कुंड — जो त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर से संलग्न है। कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन के अनुसार, रामकुंड घाट पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के करकमलों से ध्वजारोहण होने की योजना है, जबकि त्र्यंबकेश्वर में मुख्यमंत्री फडणवीस स्वयं उपस्थित रहेंगे।

समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के भी उपस्थित रहने की संभावना जताई जा रही है। इसके अतिरिक्त केंद्र और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ नेता भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे।

प्रशासनिक तैयारियाँ

सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों के सिलसिले में सितंबर माह में कुंभ मेला प्रशासन और कुंभ मेला प्राधिकरण की एक अहम बैठक आयोजित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने की। इस बैठक में साधु-संत, महंत, विभिन्न अखाड़ों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए थे।

बैठक में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, पार्किंग, आपातकालीन प्रबंध और प्रशासनिक समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना के मद्देनज़र ये इंतज़ाम अतिआवश्यक माने जा रहे हैं।

सिंहस्थ महाकुंभ का धार्मिक महत्व

नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाला सिंहस्थ महाकुंभ हिंदू आस्था के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र सरकार इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विशेष तैयारियाँ कर रही है। गौरतलब है कि ध्वजारोहण समारोह धार्मिक परंपराओं के अनुरूप भव्य और सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किए जाने की योजना है।

आगे की राह

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की संभावित उपस्थिति इस आयोजन को राजकीय महत्व प्रदान करेगी और देशभर के श्रद्धालुओं में उत्साह का संचार करेगी। मुख्यमंत्री फडणवीस की दिल्ली यात्रा यह भी दर्शाती है कि राज्य सरकार इस धार्मिक महाकुंभ को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। अब सभी की निगाहें 31 अक्टूबर के उस ऐतिहासिक क्षण पर टिकी हैं, जब दोनों पवित्र स्थलों पर एक साथ ध्वजारोहण से महाकुंभ की औपचारिक शुरुआत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समन्वय की दृष्टि से प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस आयोजन की सफलता राज्य सरकार की प्रशासनिक क्षमता की भी परीक्षा होगी।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंहस्थ महाकुंभ का ध्वजारोहण समारोह कब और कहाँ होगा?
सिंहस्थ महाकुंभ का ध्वजारोहण समारोह 31 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर आयोजित होगा। यह एक साथ दो स्थानों — नासिक के रामकुंड घाट और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त कुंड — पर होगा।
CM देवेंद्र फडणवीस राष्ट्रपति से क्यों मिल रहे हैं?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 21 अक्टूबर को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें 31 अक्टूबर के सिंहस्थ महाकुंभ ध्वजारोहण समारोह में सम्मिलित होने का आमंत्रण देंगे। कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन के अनुसार, रामकुंड घाट पर राष्ट्रपति के करकमलों से ध्वजारोहण होने की योजना है।
सिंहस्थ महाकुंभ 2026 की तैयारियाँ कहाँ तक पहुँची हैं?
सितंबर में कुंभ मेला प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण बैठक हो चुकी है, जिसमें सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पार्किंग और आपातकालीन प्रबंध पर विचार-विमर्श किया गया। साधु-संत, महंत और विभिन्न अखाड़ों के प्रतिनिधि भी इस बैठक में शामिल हुए थे।
ध्वजारोहण समारोह में कौन-कौन उपस्थित रहेंगे?
समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के उपस्थित रहने की उम्मीद है। केंद्र और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ नेता भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे।
सिंहस्थ महाकुंभ क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
सिंहस्थ महाकुंभ नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाला हिंदू धर्म का एक प्रमुख धार्मिक महापर्व है। यह कुंभ मेले का एक प्रमुख स्वरूप है, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने पहुँचते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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