बिहार CM सम्राट चौधरी की निर्मला सीतारमण और जयशंकर से मुलाकात, भारत-नेपाल जल परियोजनाओं और बजट पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में भारत-नेपाल जल एवं बांध परियोजनाओं, बजट से जुड़े विषयों, पर्यटन विकास और बिहार के हित से संबंधित अन्य अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और जनता दल (यूनाइटेड) के राज्यसभा सदस्य संजय झा भी इस बैठक में उपस्थित रहे। सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, 'नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ महत्वपूर्ण बैठक में सम्मिलित हुआ।'
मुख्य एजेंडा: बिहार के विकास और जल परियोजनाएँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक का केंद्रबिंदु बिहार के विकास, समृद्धि और जनहित से जुड़े विषयों को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखना था। भारत-नेपाल जल संसाधन सहयोग के अंतर्गत कोसी, गंडक और महाकाली नदियों पर चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं पर विशेष रूप से चर्चा हुई। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई सुविधा और जलविद्युत उत्पादन है।
भारत-नेपाल जल परियोजनाओं की पृष्ठभूमि
कोसी परियोजना भारत और नेपाल के बीच 1954 के समझौते के तहत शुरू हुई थी, जिसके अंतर्गत कोसी बैराज का निर्माण हुआ। इसका उद्देश्य उत्तर बिहार और नेपाल में बाढ़ नियंत्रण तथा सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करना है। वहीं, गंडक परियोजना 1959 के गंडक समझौते के तहत अस्तित्व में आई, जिसमें भैंसालोटन (बाल्मीकि नगर) में बांध और जलविद्युत संयंत्र का निर्माण किया गया।
इसके अलावा, सप्त कोसी उच्च बांध परियोजना नेपाल में सप्तकोशी नदी पर प्रस्तावित एक बड़ी बहुउद्देशीय योजना है, जिस पर भारत और नेपाल मिलकर काम कर रहे हैं। इस परियोजना का लक्ष्य उत्तरी बिहार और दक्षिण-पूर्वी नेपाल को भीषण बाढ़ से बचाना, बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन और सिंचाई के लिए जल आपूर्ति करना है।
बिहार के लिए क्या मायने रखती है यह बैठक
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बिहार प्रतिवर्ष मानसून में कोसी और गंडक नदियों की बाढ़ से भारी तबाही झेलता है। केंद्र सरकार के साथ सीधे समन्वय से इन परियोजनाओं में तेज़ी आने और बजटीय आवंटन में बिहार की प्राथमिकताओं को जगह मिलने की संभावना है। गौरतलब है कि बिहार लंबे समय से विशेष राज्य का दर्जा और अतिरिक्त केंद्रीय सहायता की माँग करता रहा है।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संकेत दिया कि बेहतर केंद्र-राज्य समन्वय के साथ इन विषयों पर आगे भी काम जारी रहेगा। जल परियोजनाओं पर द्विपक्षीय वार्ता और बजटीय प्रावधानों से बिहार के लाखों किसानों और बाढ़-प्रभावित परिवारों को दीर्घकालिक राहत मिलने की उम्मीद है।