सम्राट चौधरी की दिल्ली में निर्मला सीतारमण व जयशंकर से मुलाकात, बिहार की विकास परियोजनाओं पर मंत्रणा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 22 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों में राज्य की आधारभूत संरचना, सिंचाई, पर्यटन और वित्तीय हितों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक का विवरण
सुबह करीब 11 बजे कर्तव्य भवन में आयोजित इस बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी शामिल रहे। मुख्यमंत्री चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि यह चर्चा केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा बिहार के विकास, समृद्धि और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री चौधरी के अनुसार, बैठक में भारत-नेपाल जल एवं बांध परियोजनाओं, बजट से संबंधित मामलों, पर्यटन विकास और राज्य के हितों से जुड़े अन्य विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। कथित तौर पर कोसी-मेची नदी संपर्क परियोजना भी एजेंडे में शामिल रही, जिसकी लागत का एक हिस्सा फिलहाल बिहार सरकार वहन कर रही है। इसके अलावा राज्य में चल रहे कई बड़े एक्सप्रेसवे और बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए केंद्रीय धनराशि समय पर जारी करने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वित्तीय सहयोग की पृष्ठभूमि
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बिहार सरकार राज्य की प्रमुख विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र से अधिक वित्तीय सहायता हासिल करने पर विशेष जोर दे रही है। गौरतलब है कि राज्य में कई योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर केंद्रीय फंडिंग की आवश्यकता है। हालाँकि, इस बैठक में किसी विशेष वित्तीय माँग को औपचारिक रूप से रखा गया या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
राजनीतिक संदर्भ
रिपोर्टों के अनुसार, बाँकीपुर उपचुनाव के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की यह पहली दिल्ली यात्रा है। केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात से पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता विनोद तावड़े के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी दोबारा नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। चौधरी ने तावड़े के संगठनात्मक नेतृत्व की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि वह पार्टी को नई सफलताएँ दिलाने में अहम भूमिका निभाएँगे।
आगे की राह
इस दिल्ली दौरे और केंद्रीय नेताओं के साथ हुई बैठकों को केंद्र-राज्य समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार के महत्वाकांक्षी विकास एजेंडे को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय वित्तीय और संस्थागत सहयोग की निरंतरता अनिवार्य होगी।