क्या सीएम स्टालिन ने केंद्र सरकार को चुनौती दी? 2026 में द्रमुक सत्ता बनाए रखेगी!

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क्या सीएम स्टालिन ने केंद्र सरकार को चुनौती दी? 2026 में द्रमुक सत्ता बनाए रखेगी!

सारांश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार को चुनौती दी है कि द्रमुक 2026 में सत्ता बनाए रखेगी। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें मतदाता सूची में बदलाव का मुद्दा शामिल है। क्या यह बयान द्रमुक की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है?

Key Takeaways

  • सीएम स्टालिन ने केंद्र सरकार को चुनौती दी।
  • द्रमुक 2026 में सत्ता बनाए रखने का दावा।
  • चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप।
  • बिहार में मतदाता विवाद की तुलना।
  • राजनीतिक जोड़-तोड़ का संकेत।

चेन्नई, 3 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि कोई भी झूठा प्रचार या राजनीतिक जोड़-तोड़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) को 2026 में राज्य में अगली सरकार बनाने से नहीं रोक सकता।

मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी धर्मपुरी में द्रमुक सांसद ए. मणि के परिवार के सदस्य के विवाह समारोह में एक सभा को संबोधित करते हुए की।

मुख्यमंत्री स्टालिन इससे पहले एक निजी विमान से चेन्नई से सलेम गए और समारोह में शामिल होने और वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए कार से धर्मपुरी पहुंचे।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने संबोधन के दौरान चुनाव आयोग पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से एक 'दुर्भावनापूर्ण अभ्यास' को लागू करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य महत्वपूर्ण राज्य चुनावों से पहले वास्तविक मतदाताओं, खासकर भाजपा विरोधी माने जाने वाले मतदाताओं को हटाना है।

उन्होंने कहा, "इस लोकतंत्र-विरोधी कदम को रोकने के लिए, हमने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई और एसआईआर की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। चुनाव से कुछ महीने पहले मतदाता सूची का पूर्ण पुनरीक्षण करने का आयोग का निर्णय, वैध मतदाताओं को हटाने की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है।"

मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि बिहार में भी यही हथकंडा अपनाया गया था, जहां लाखों वास्तविक मतदाताओं को कथित तौर पर सूची से हटा दिया गया था। इस विवादास्पद प्रक्रिया का विरोध सबसे पहले तमिलनाडु से हुआ था, जिसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और बिहार के विपक्षी नेता ने भी कड़ी आपत्ति जताई थी।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा, "कानूनी मामला दर्ज होने के बाद भी, चुनाव आयोग ने कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया।"

अन्नाद्रमुक महासचिव ए. पलानीस्वामी पर निशाना साधते हुए, मुख्यमंत्री स्टालिन ने उन पर दोहरा खेल खेलने और भाजपा के साथ अपने राजनीतिक संबंधों के कारण आयोग से डरने का आरोप लगाया।

उन्होंने आगे कहा कि जहां बिहार के प्रवासी मजदूरों को तमिलनाडु में रोजी-रोटी और सम्मान मिला है, वहीं प्रधानमंत्री 'चुनावी फायदे के लिए बिहार में राजनीतिकरण कर रहे हैं।'

मुख्यमंत्री स्टालिन ने राजनीतिक चुनौती देते हुए कहा, "प्रधानमंत्री तमिलनाडु आएं और वही बयान दें जो उन्होंने बिहार में दिए थे। हमारे खिलाफ चाहे जितने भी झूठ फैलाए जाएं, जनता यह सुनिश्चित करेगी कि 2026 में एक बार फिर डीएमके के नेतृत्व वाली सरकार बने।"

Point of View

सीएम स्टालिन का यह बयान स्पष्ट रूप से राजनीतिक दबाव और सत्ता संघर्ष का परिणाम है। द्रमुक की स्थिति और भाजपा के साथ चल रही राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए, यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले चुनावों में क्या परिणाम आते हैं।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

सीएम स्टालिन ने किस मुद्दे पर केंद्र सरकार को चुनौती दी?
सीएम स्टालिन ने द्रमुक को 2026 में सत्ता बनाए रखने की बात करते हुए केंद्र सरकार को चुनौती दी है।
स्टालिन ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाया?
स्टालिन ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को एक 'दुर्भावनापूर्ण अभ्यास' बताया।
क्या स्टालिन ने बिहार का उल्लेख किया?
हां, स्टालिन ने बिहार में भी इसी प्रकार के मतदाता विवाद का उल्लेख किया।
स्टालिन का मुख्य संदेश क्या था?
स्टालिन का मुख्य संदेश था कि द्रमुक 2026 में सत्ता में लौटेगी, चाहे कितनी भी राजनीतिक जोड़-तोड़ हो।
क्या स्टालिन ने किसी पार्टी पर आरोप लगाया?
जी हां, उन्होंने अन्नाद्रमुक के महासचिव ए. पलानीस्वामी पर आरोप लगाया कि वे दोहरा खेल खेल रहे हैं।
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