बंगाल में भाजपा सरकार को कोई नहीं रोक सकता — केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा दावा
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, 26 अप्रैल 2026। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सियासी हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) चाहे जितनी कोशिश कर लें, बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता। पहले चरण की जोरदार मतदान प्रतिशत ने इस दावे को और बल दिया है।
राहुल-ममता पर केशव मौर्य का तीखा प्रहार
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बंगाल में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधा और कहा कि राज्य में लोकतंत्र नहीं, बल्कि गुंडाराज चल रहा है। इस बयान पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस और टीएमसी एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं।
मौर्य ने कहा, "कांग्रेस ने देश को लूटा और टीएमसी ने बंगाल को।" उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस बार बंगाल में पहली बार बड़े बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने पहले चरण की मतदान प्रक्रिया को भाजपा के पक्ष में जनादेश का संकेत बताया।
अखिलेश यादव पर डिप्टी सीएम का हमला
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को भी मौर्य ने आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 के बीच अखिलेश यादव का कार्यकाल कलंकित रहा और उत्तर प्रदेश की जनता इसे नहीं भूली है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2017 से 2026 के बीच यूपी में सर्वांगीण विकास हुआ है।
मौर्य ने कहा कि यूपी में युवाओं को रोजगार मिला, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई और बुजुर्गों को सम्मान मिल रहा है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि "सपा की साइकिल जल्द पंचर होने वाली है और अखिलेश यादव सैफई लौट जाएंगे।"
कानून-व्यवस्था और महिला आरक्षण पर केशव का रुख
अखिलेश यादव के कानून-व्यवस्था संबंधी बयान का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि यूपी में कोई भी अपराधी कानून से नहीं बच सकता — गिरफ्तारी होगी और सख्त कार्रवाई भी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है।
महिला आरक्षण के सवाल पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आधी आबादी भाजपा के साथ खड़ी है, जो बंगाल के पहले चरण के मतदान में स्पष्ट दिखा। उन्होंने दोहराया कि बंगाल में कमल खिलेगा और 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी भाजपा बड़ी जीत हासिल करेगी।
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक विश्लेषण
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा पिछले कई चुनावों से अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं, जो उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था, लेकिन सत्ता से दूर रही। इस बार पार्टी का दावा है कि जमीनी समीकरण बदल चुके हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, राहुल गांधी का बंगाल में उतरना कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह टीएमसी से अलग अपनी पहचान बनाना चाहती है। हालांकि इसी कदम को भाजपा अपने पक्ष में भुना रही है — यह दिखाते हुए कि विपक्षी खेमे में एकता नहीं है। केशव मौर्य का बयान इसी रणनीतिक कथा का हिस्सा है।
आने वाले चरणों की मतदान प्रक्रिया और मतगणना के नतीजे तय करेंगे कि बंगाल में भाजपा का यह आत्मविश्वास जमीनी हकीकत में कितना खरा उतरता है।