18 अक्टूबर 2026
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नारीशक्ति को यूपी की प्रगति का भागीदार बनाया: महाअष्टमी पर सीएम योगी का दावा, आंगनबाड़ी मानदेय ₹3,000 से ₹12,000

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नारीशक्ति को यूपी की प्रगति का भागीदार बनाया: महाअष्टमी पर सीएम योगी का दावा, आंगनबाड़ी मानदेय ₹3,000 से ₹12,000

सारांश

महाअष्टमी पर सीएम योगी ने एक्स पर पोस्ट कर यूपी में नारी सशक्तिकरण का लेखा-जोखा पेश किया — आंगनबाड़ी मानदेय चौगुना, 31 जनपदों में 4 लाख महिलाएँ दुग्ध उत्पादन से जुड़ीं, 1.20 करोड़ SHG सदस्य। धार्मिक अवसर पर राजनीतिक संदेश।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 18 अक्टूबर 2026 को महाअष्टमी के अवसर पर एक्स पर पोस्ट कर यूपी में नारी सशक्तिकरण की उपलब्धियाँ गिनाईं।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह किया गया, साथ ही स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी दिया गया।
31 जनपदों में 4 लाख से अधिक महिलाएँ दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं।
बीसी सखी और लखपति दीदी पहल ग्रामीण महिलाओं के वित्तीय समावेशन और आय वृद्धि का माध्यम बनी हैं।
सीएम के अनुसार, 2017 से पूर्व पोषण व्यवस्था माफिया के नियंत्रण में थी; स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी देने के बाद पारदर्शिता बढ़ी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी के अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य की डबल इंजन सरकार ने नारीशक्ति को प्रदेश की प्रगति का सक्रिय भागीदार बनाते हुए सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के अवसरों का विस्तार किया है। मुख्यमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के ज़रिये यह बात कही।

मुख्य घोषणाएँ और दावे

सीएम योगी ने एक्स पर लिखा, 'शांति, पवित्रता और करुणा की प्रतीक मां महागौरी की आराधना हमें स्मरण कराती है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब हर माँ स्वस्थ और सुरक्षित हो, हर बेटी को पोषण व बेहतर भविष्य मिले और प्रत्येक नारी सम्मान के साथ आत्मनिर्भर होकर जीवन यापन कर सके।' उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2017 से पूर्व बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्था माफिया के शिकंजे में दम तोड़ रही थी।

स्वयं सहायता समूह और टेक होम राशन

मुख्यमंत्री के अनुसार, डबल इंजन सरकार बनने के बाद टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपी गई, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई और कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई अधिक प्रभावी बनी। इस पहल को नारीशक्ति के आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक अहम कदम बताया गया।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय और स्वास्थ्य बीमा

सीएम योगी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹3,000 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह किया गया है। साथ ही, उन्हें स्वास्थ्य बीमा का लाभ देकर उनके सामाजिक कल्याण को संबल प्रदान किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के पारिश्रमिक को लेकर लंबे समय से माँगें उठती रही हैं।

दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण उद्यमिता

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज प्रदेश में बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़कर 31 जनपदों की 4 लाख से अधिक महिलाएँ दुग्ध उत्पादन को आय और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। गौरतलब है कि यह संख्या सरकारी दावों पर आधारित है।

बीसी सखी और लखपति दीदी पहल

प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीसी सखी पहल के ज़रिये ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन का विस्तार किया गया है। सीएम योगी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इसके अतिरिक्त, लखपति दीदी पहल के माध्यम से महिलाएँ अपनी मेहनत और हुनर को नियमित आय में बदल रही हैं। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, 'सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश।' आगे सरकार की यह पहलें किस हद तक ज़मीन पर परिणाम दे रही हैं, इसका मूल्यांकन स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा किए जाने की ज़रूरत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि इन पहलों ने वास्तविक पारिवारिक आय और पोषण संकेतकों पर कितना फर्क डाला। लखपति दीदी जैसी केंद्रीय योजनाओं के साथ राज्य की पहलों का श्रेय-विभाजन भी अस्पष्ट रहता है। बिना स्वतंत्र डेटा सत्यापन के, ये आँकड़े नीतिगत सफलता से ज़्यादा चुनावी आख्यान लग सकते हैं।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने महाअष्टमी पर नारीशक्ति को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अक्टूबर 2026 को महाअष्टमी के मौके पर एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने नारीशक्ति को यूपी की प्रगति का सक्रिय भागीदार बनाया है। उन्होंने आंगनबाड़ी मानदेय वृद्धि, स्वयं सहायता समूह और लखपति दीदी पहल की उपलब्धियाँ गिनाईं।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय कितना बढ़ाया गया?
सीएम योगी के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह किया गया है, यानी चार गुना वृद्धि। इसके साथ ही उन्हें स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से कितनी महिलाएँ जुड़ी हैं?
मुख्यमंत्री के दावे के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ये महिलाएँ लखपति दीदी जैसी पहलों के तहत नियमित आय अर्जित कर परिवारों की खुशहाली में योगदान दे रही हैं।
बीसी सखी पहल क्या है और यूपी में इसकी क्या भूमिका है?
बीसी सखी (बैंक करेस्पॉन्डेंट सखी) पहल के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में महिलाओं को बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन का विस्तार हुआ है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
यूपी में दुग्ध उत्पादन से कितनी महिलाएँ जुड़ी हैं?
सीएम योगी के अनुसार, प्रदेश के 31 जनपदों में बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों से 4 लाख से अधिक महिलाएँ जुड़कर आय अर्जित कर रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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