ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण चुनाव: BJP नेता आर. अशोक का आरोप — हार के डर से कांग्रेस टाल रही है मतदान

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ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण चुनाव: BJP नेता आर. अशोक का आरोप — हार के डर से कांग्रेस टाल रही है मतदान

सारांश

BJP के आर. अशोक का बड़ा आरोप — कांग्रेस के आंतरिक सर्वेक्षणों में पाँचों प्रशासनिक क्षेत्रों में हार के संकेत मिले, इसीलिए ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण चुनाव टाले जा रहे हैं। अदालत की समय-सीमा के बावजूद सरकार की चुप्पी सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

अशोक ने 20 मई 2026 को कांग्रेस पर GBA चुनाव जानबूझकर टालने का आरोप लगाया।
कथित तौर पर कांग्रेस के आंतरिक सर्वेक्षणों में पाँचों प्रशासनिक क्षेत्रों में हार के संकेत मिले।
उपमुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार पर आरोप — नेतृत्व परिवर्तन प्रक्रिया पूरी होने से पहले चुनाव नहीं चाहते थे।
अदालत ने चुनाव कराने की नई समय-सीमा दी है; BJP ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर शीघ्र चुनाव की माँग की।
आंतरिक कलह के चलते बेंगलुरु में कचरा प्रबंधन और विकास कार्य बाधित होने का आरोप।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने 20 मई 2026 को कांग्रेस सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि वह ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (GBA) के चुनाव जानबूझकर टाल रही है, क्योंकि उसके आंतरिक सर्वेक्षणों में कथित तौर पर हार के संकेत मिले हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक ने इस देरी को बेंगलुरु की जनता के साथ 'विश्वासघात' करार दिया।

मुख्य आरोप: सर्वेक्षण में हार, इसलिए टाला चुनाव

अशोक ने दावा किया कि यदि चुनाव पहले के 198 वार्डों के ढाँचे के आधार पर कराए जाते, तो प्रक्रिया अब तक पूरी हो चुकी होती। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु को पाँच प्रशासनिक क्षेत्रों में विभाजित करने के निर्णय के बाद, कांग्रेस के आंतरिक सर्वेक्षणों में कथित तौर पर सभी पाँचों क्षेत्रों में हार के संकेत सामने आए — और इसी के चलते सरकार ने चुनाव स्थगित किए।

शिवकुमार पर निशाना: नेतृत्व परिवर्तन की आड़ में देरी

अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि बेंगलुरु के प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार नहीं चाहते थे कि कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ये चुनाव हों। उनके अनुसार, पार्टी की आंतरिक खींचतान सीधे तौर पर शहर के प्रशासन पर भारी पड़ रही है।

आम जनता पर असर: कचरा, विकास ठप

अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की आंतरिक कलह के कारण बेंगलुरु भर में कचरे के ढेर लग गए हैं और शहर के विकास कार्य बाधित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के लिए कांग्रेस सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है।

अदालत की समय-सीमा और BJP की तैयारी

अशोक ने बताया कि अदालत ने एक बार फिर चुनाव कराने की अंतिम समय-सीमा दी है। उन्होंने सरकार से तत्काल चुनाव की घोषणा करने का आग्रह किया और स्पष्ट किया कि BJP चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि BJP ने पहले ही चुनाव आयोग को पत्र लिखकर शीघ्र चुनाव की माँग की थी।

कांग्रेस पर विपक्ष को दोष देने का आरोप

BJP नेता ने कहा कि आंतरिक सर्वेक्षणों में हार की भविष्यवाणी के बाद कांग्रेस ने देरी का ठीकरा विपक्षी दलों पर फोड़ना शुरू कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस को जीत का भरोसा है, तो वह चुनाव क्यों टाल रही है? अशोक ने सर्वेक्षणों और SIR (Special Intensive Revision) अभ्यासों का हवाला देकर चुनाव स्थगित करने को सरकार का 'बहाना' बताया और कहा कि हर मुद्दे के लिए विपक्ष को दोषी ठहराना सत्ताधारी दल की आदत बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी जाँच ज़रूरी है — कांग्रेस सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस चुनाव तिथि घोषित न होना खुद में सवाल उठाता है। बेंगलुरु को पाँच क्षेत्रों में बाँटने का निर्णय प्रशासनिक तर्क से किया गया था या चुनावी गणित से, यह स्पष्ट नहीं है। अदालत की बार-बार की समय-सीमाएँ और सरकार की निष्क्रियता मिलकर एक ऐसी तस्वीर बनाती हैं जो कांग्रेस के लिए असहज है। शहर में नागरिक सेवाओं की बदहाली — चाहे कचरा हो या विकास — का सीधा संबंध चुनावी जवाबदेही की अनुपस्थिति से है, और यही GBA चुनावों की असली अहमियत है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (GBA) चुनाव क्यों नहीं हो रहे?
BJP नेता आर. अशोक के अनुसार, कांग्रेस के आंतरिक सर्वेक्षणों में कथित तौर पर सभी पाँच प्रशासनिक क्षेत्रों में हार के संकेत मिले हैं, इसीलिए सरकार चुनाव टाल रही है। सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक चुनाव तिथि घोषित नहीं की गई है।
आर. अशोक ने डी.के. शिवकुमार पर क्या आरोप लगाए?
अशोक ने आरोप लगाया कि बेंगलुरु के प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार नहीं चाहते थे कि कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने से पहले GBA चुनाव हों। यह आरोप पार्टी की आंतरिक खींचतान की ओर इशारा करता है।
GBA चुनाव में देरी का बेंगलुरु की जनता पर क्या असर हो रहा है?
BJP का आरोप है कि चुनाव न होने और आंतरिक कलह के चलते बेंगलुरु में कचरा प्रबंधन चरमरा गया है और विकास कार्य ठप हो गए हैं। निर्वाचित प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में नागरिक जवाबदेही कमज़ोर पड़ती है।
अदालत ने GBA चुनाव को लेकर क्या कहा है?
अशोक के अनुसार, अदालत ने एक बार फिर चुनाव कराने की नई अंतिम समय-सीमा दी है। BJP ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखकर तत्काल चुनाव कराने की माँग की है।
BJP ने GBA चुनाव के लिए क्या रुख अपनाया है?
BJP नेता आर. अशोक ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी GBA चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और उसने पहले ही चुनाव आयोग को पत्र लिखकर शीघ्र चुनाव की माँग की थी। उन्होंने सरकार से तत्काल चुनाव तिथि घोषित करने का आग्रह किया।
राष्ट्र प्रेस
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