क्या कांग्रेस जमीन से कट चुकी है, बीजेपी अब भी जनता के बीच है?: फतेहजंग सिंह बाजवा

Click to start listening
क्या कांग्रेस जमीन से कट चुकी है, बीजेपी अब भी जनता के बीच है?: फतेहजंग सिंह बाजवा

सारांश

पंजाब बीजेपी के उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि कैसे बीजेपी जनता के बीच काम कर रही है जबकि कांग्रेस जमीनी स्तर पर कट चुकी है। जानिए उनकी बातों में क्या खास था।

Key Takeaways

  • बीजेपी जनता के मुद्दों पर सक्रिय है।
  • कांग्रेस का जनता से जुड़ाव घटा है।
  • राहुल गांधी का नेतृत्व स्पष्ट नहीं है।
  • बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार पर सवाल उठाने की आवश्यकता है।
  • कांग्रेस को अपने आरोपों पर सबूत पेश करना चाहिए।

चंडीगढ़, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब बीजेपी के उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर जोरदार आक्रमण करते हुए कई मुद्दों पर अपनी राय स्पष्ट की। उन्होंने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के बयान से लेकर कांग्रेस की जमीनी स्थिति, राहुल गांधी की राजनीति, बांग्लादेश से जुड़े विवाद, मोहन भागवत के बयान और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों पर विस्तार से चर्चा की।

फतेहजंग सिंह बाजवा ने कहा कि टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस को आईना दिखाने की कोशिश की है और यह बात किसी से छिपी नहीं है। आज की तारीख में कांग्रेस पूरी तरह से जमीनी स्तर पर लोगों से कट चुकी है। कांग्रेस नेता केवल बयानबाजी तक सीमित हैं, जबकि जनता के बीच उनका कोई वास्तविक जुड़ाव नहीं रह गया। इसके विपरीत, बीजेपी लगातार लोगों के बीच है और उनके मुद्दों पर काम करती है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि चाहे वहां माहौल जैसा भी हो, बीजेपी के कार्यकर्ता आज भी वहां मौजूद हैं, चुनाव लड़ रहे हैं और चुनाव की योजना बना रहे हैं। बाजवा ने कहा कि यही फर्क है बीजेपी और कांग्रेस में। कांग्रेस केवल भाषण देती है, जबकि बीजेपी जमीन पर उतरकर काम करती है। उन्होंने हरियाणा, बिहार और अन्य राज्यों के चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन जगहों पर कांग्रेस का जनता से जो बेसिक कनेक्शन था, वह अब पूरी तरह टूट चुका है।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए फतेहजंग सिंह बाजवा ने कहा कि राजनीति भी एक तरह का मुकाबला होती है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पूरी टीम है, जिनका विजन, नेतृत्व और दिशा स्पष्ट है। दूसरी तरफ राहुल गांधी और उनकी टीम है, जिन्हें खुद नहीं पता कि वे क्या कहना चाहते हैं और क्या करना चाहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को शायद पीएम मोदी का मुकाबला करने के लिए एक नहीं, कई जन्म लेने पड़ेंगे। जनता दोनों के बीच का अंतर साफ देख रही है।

बीजेपी नेता संगीत सोम द्वारा केकेआर की ओर से एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदने पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बाजवा ने कहा कि जब किसी देश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं को चुन-चुनकर मारा जा रहा हो, तो ऐसे देश से रिश्तों पर सवाल उठना लाजमी है। ऐसे हालात में केवल खेल की बात करना संवेदनहीनता होगी। जब हमारे हिंदू भाइयों की हत्या हो रही है, तो क्या हमें यह सवाल नहीं उठाना चाहिए कि उनकी टीम भारत क्यों आए और हम उनके साथ मैच क्यों खेलें?

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बंद नहीं होता, तब तक भारत को उनके साथ न सिर्फ मैच खेलने से बल्कि रिश्ते रखने से भी परहेज करना चाहिए। बाजवा ने कहा कि भारत हमेशा जुल्म के खिलाफ खड़ा रहा है और आगे भी खड़ा रहेगा। जब एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा हो, तो चुप रहना भी अपराध है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के भारत को हिंदुओं का देश बताने वाले बयान पर बाजवा ने संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत को हिंदुओं का देश कहने का मतलब यह नहीं है कि यहां अल्पसंख्यकों का सम्मान नहीं है। भारत सभी धर्मों, सभी समुदायों का देश है। यहां हर नागरिक को बराबरी का अधिकार है। देश की तरक्की में सभी का योगदान है और इसी वजह से आज भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। भारत हिंदुओं का भी है और अल्पसंख्यकों का भी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए 2025 में बीजेपी की लूट वाले बयान पर बाजवा ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किस लूट की बात की जा रही है? क्या वोटों की लूट, पैसों की लूट या जनता की लूट? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस तरह के आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। यदि कांग्रेस खुद को एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर देखती है, तो उसे पहले अपनी संगठनात्मक कमजोरियों को दूर करना चाहिए और जनता के बीच जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्कैम और घोटालों की बात करें तो देश ने 2जी घोटाला, कोयला घोटाला जैसे बड़े-बड़े स्कैम कांग्रेस शासन में ही देखे हैं। जनता सब कुछ भूली नहीं है और न ही जनता की सोच इतनी छोटी है कि वह बिना सबूत के आरोपों पर भरोसा कर ले। वोट चोरी जैसे आरोपों पर बाजवा ने कहा कि अगर कांग्रेस के पास कोई सबूत है तो सामने लाए। यदि सच में वोट चोरी हुई है और वह साबित हो जाती है, तो जनता कभी भी दोषी पार्टी को माफ नहीं करेगी। लेकिन केवल बातों से सच्चाई नहीं बनती।

वहीं, राहुल गांधी की तुलना भगवान श्रीराम से किए जाने वाले बयान पर बाजवा ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की सोच पर उन्हें तरस आता है। उन्होंने कहा कि किसी इंसान की तुलना भगवान से करना न सिर्फ गलत है बल्कि यह बेहद घटिया किस्म की चापलूसी है। भगवान का दर्जा किसी मनुष्य से कहीं ऊपर होता है और इस तरह की तुलना करना पूरी तरह अनुचित है। बाजवा ने ऐसे बयानों की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि राजनीति में मर्यादा और सोच का स्तर बनाए रखना बेहद जरूरी है।

Point of View

वहीं दूसरी ओर यह दर्शाता है कि भारतीय राजनीति में जनता की राय कितनी मायने रखती है।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

फतेहजंग सिंह बाजवा ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
फतेहजंग सिंह बाजवा ने कांग्रेस को जमीन से कटने का आरोप लगाया और कहा कि उनके पास जनता के बीच कोई वास्तविक जुड़ाव नहीं है।
क्या बीजेपी और कांग्रेस के बीच कोई अंतर है?
बाजवा के अनुसार, बीजेपी जनता के मुद्दों पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस केवल बयानबाजी कर रही है।
राहुल गांधी के बारे में बाजवा का क्या कहना है?
बाजवा ने कहा कि राहुल गांधी का नेतृत्व और दिशा स्पष्ट नहीं है, जबकि मोदी का विजन स्पष्ट है।
बांग्लादेश से रिश्तों पर क्या राय है?
बाजवा ने कहा कि जब तक बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बंद नहीं होता, तब तक भारत को उनके साथ रिश्ते रखने से परहेज करना चाहिए।
कांग्रेस के आरोपों पर बाजवा का क्या जवाब है?
बाजवा ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपनी संगठनात्मक कमजोरियों पर ध्यान देना चाहिए।
Nation Press