BJP महिला मोर्चा अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी का कांग्रेस पर हमला — JNU मामले में महिला सम्मान सिर्फ नारा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी पर कथनी और करनी में गहरे अंतर का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में ग्यारह छात्राओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना के विरोध में BJP महिला मोर्चा का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन कांग्रेस के मीडिया कोऑर्डिनेटर ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की।
कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और विवाद
चौधरी ने बताया कि BJP महिला मोर्चा की कार्यकर्ताएँ कांग्रेस कार्यालय के बाहर पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रही थीं। इसी दौरान कांग्रेस के मीडिया कोऑर्डिनेटर संजीव सिंह ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने देखा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी महिला सम्मान की दुहाई देती हैं, परंतु इस घटना ने उनकी वास्तविक सोच को उजागर कर दिया। चौधरी के अनुसार, यह कांग्रेस की कथनी और करनी के बीच के अंतर का ताज़ा प्रमाण है।
JNU यौन उत्पीड़न मामला — मूल विवाद
BJP महिला मोर्चा का यह प्रदर्शन JNU में कथित तौर पर 11 छात्राओं और युवतियों के साथ हुए यौन उत्पीड़न की घटना के विरोध में था। चौधरी ने बताया कि इस मामले की आंतरिक जाँच के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट में कांग्रेस के मणिपुर से सांसद को दोषी पाया है और उन्हें बर्खास्त भी किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य की परंपरा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, और इस घटना ने उस परंपरा को कलंकित किया है। उनकी माँग है कि कांग्रेस पार्टी दोषी सांसद के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई करे।
राहुल गांधी पर सीधा निशाना
चौधरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने एक महिला कॉन्स्टेबल के साथ राहुल गांधी के कथित 'बॉडी टच' वाले मामले का संदर्भ देते हुए कहा कि ऐसे व्यवहार की सभी ने निंदा की है। उनके अनुसार, कांग्रेस पार्टी के नेता ऐतिहासिक रूप से महिलाओं के अपमान से जुड़ी कई घटनाओं में शामिल रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहुल गांधी को महिला सम्मान के प्रति अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए, न कि केवल नारों तक सीमित रहना चाहिए।
JNU प्रोफेसर के बयान पर पलटवार
JNU के प्रोफेसर बिमोल अकोइजाम ने इस मामले को 'राजनीति से प्रेरित' बताया था, जिस पर चौधरी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पहले स्वयं इस पक्ष ने जाँच का इंतज़ार करने की बात कही थी — और अब जाँच में दोष सिद्ध होने के बाद, मामले को राजनीतिक रंग देना सरासर गलत है।
चौधरी ने दोहराया कि कोई भी संस्था अपने नियमों और जवाबदेही के ढाँचे के अनुसार चलती है, और यह घटना उस ढाँचे की गंभीर उल्लंघना है।
आगे की लड़ाई का ऐलान
चौधरी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया कि BJP महिला मोर्चा उन ग्यारह पीड़ित छात्राओं के सम्मान में आगे भी संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक दिन का नहीं, बल्कि एक निरंतर प्रयास है। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और विश्वविद्यालय परिसरों में जवाबदेही के सवालों को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला दिया है।