क्या प्रियंका गांधी वाड्रा को नई जिम्मेदारी देकर राहुल गांधी के नेतृत्व पर कांग्रेस का भरोसा टूट रहा है?
सारांश
Key Takeaways
- प्रियंका गांधी वाड्रा को असम कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख बनाया गया है।
- राहुल गांधी के नेतृत्व पर संदेह बढ़ रहा है।
- जदयू के प्रवक्ता ने राजनैतिक संकेत दिए हैं।
- बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं।
- शिक्षा के माध्यम से लव जिहाद को रोकने की आवश्यकता है।
पटना, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को असम कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख बनाए जाने पर जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने यह कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व पर कांग्रेस का भरोसा धीरे-धीरे टूट रहा है। यही कारण है कि प्रियंका गांधी को इस जिम्मेदारी के लिए आगे लाया जा रहा है।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में नीरज कुमार ने कहा, "पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कांग्रेस का अंदरूनी मामला स्क्रीनिंग कमेटी देखती है। अब जब राहुल गांधी विदेश में हैं, तो यह जिम्मेदारी प्रियंका गांधी वाड्रा पर आ गई है। यह कहीं न कहीं कांग्रेस के बदलते हुए राजनैतिक संकेत हैं।"
क्या राहुल गांधी से विश्वास उठ गया है? इस सवाल पर जदयू प्रवक्ता ने कहा, "राहुल गांधी के नेतृत्व पर कांग्रेस का भरोसा धीरे-धीरे टूट रहा है। इसी कारण प्रियंका गांधी वाड्रा को आगे किया जा रहा है। लेकिन कांग्रेस में यह भी अहम है कि मल्लिकार्जुन खड़गे और जयराम रमेश जैसे नेताओं को आगे नहीं किया जाएगा। जब भी कांग्रेस से किसी को आगे किया जाएगा, वह गांधी परिवार का ही होगा।"
इसी बीच, नीरज कुमार ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "चाहे बांग्लादेश हो या पाकिस्तान, जहां भी धर्म के आधार पर लोकतंत्र का गला घोंटा गया है, वहां भारत जैसे लोकतांत्रिक देश के साथ संबंध अच्छे कैसे रह सकते हैं?"
उन्होंने कहा कि हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं, जबकि वे इसके खिलाफ काम करते हैं। चाहे नेपाल हो, बांग्लादेश हो या पाकिस्तान, जिन्होंने अपनी राजनीति को इस दिशा में मोड़ा है, उन्हें बदकिस्मती का सामना करना पड़ा है। इसलिए, अब इसका कोई राजनीतिक महत्व नहीं रह गया है। जदयू प्रवक्ता ने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि हमारे एशियाई महाद्वीप में लोकतंत्र के मूल्यों को बनाए रखा जा रहा है और यही हमारी चिंता होनी चाहिए।
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने संघ प्रमुख मोहन भागवत की 'परिवार के अंदर से ही लव जिहाद को रोका जा सकता है' टिप्पणी पर कहा, "लव जिहाद की घटनाएं दुखद और पीड़ा जनक हैं। पारिवारिक मानक के अवमूल्यन के चलते नई पीढ़ी का सांस्कृतिक अवमूल्यन हो रहा है। ऐसे में शिक्षा ही एक रास्ता है। बच्चों को शिक्षित और संस्कारी बनाएं।"