मोदी के 12 साल: बीएल वर्मा बोले — कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति से देश पिछड़ा, अब भारत विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने 11 जून 2026 को नई दिल्ली में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने जो विकास हासिल किया है, वह कांग्रेस के 60 साल के शासनकाल में भी संभव नहीं हो पाया था। उनके अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है — एक उपलब्धि जिसका श्रेय वे सीधे प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को देते हैं।
मुख्य वक्तव्य और आरोप
वर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में विकास को कभी प्राथमिकता नहीं दी और तुष्टिकरण की राजनीति को तरजीह दी। उनके शब्दों में, 'इस पार्टी ने हमेशा मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति की, इस वजह से देश में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया।' उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने 60 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का काम किया है और 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत को व्यवहार में उतारा है।
भाजपा नेताओं की अन्य प्रतिक्रियाएँ
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने भी प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि मोदी ने 'डूबती हुई अर्थव्यवस्था को उबारा' और निषाद समुदाय सहित वंचित वर्गों को सम्मान और प्रतिनिधित्व दिलाया। निषाद ने सुनील बंसल के साथ हुई बैठक का भी उल्लेख किया, जिसमें 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत पर बंसल को बधाई दी और तेलंगाना को अगला लक्ष्य बताया।
चंडीगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने मोदी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं — 4 लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण, एम्स, वंदे भारत ट्रेन और नए हवाई अड्डे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 12वें पायदान से चौथे पायदान पर आ गई है। महंगाई के सवाल पर उन्होंने तर्क दिया कि वैश्विक परिस्थितियों को नज़रअंदाज़ कर आलोचना करना उचित नहीं, और आँकड़ों के हवाले से कहा कि 21,000 भारतीय अमेरिका की महंगाई से तंग आकर स्वदेश लौट चुके हैं।
विपक्ष पर हमला
मल्होत्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि उनके नेतृत्व में पार्टी को 100 से अधिक चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी पर भी उन्होंने कहा कि वे चंडीगढ़ की जनता को जवाब देने की बजाय संसद में भाषणबाजी से काम चलाते हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) पर हमला बोलते हुए मल्होत्रा ने अरविंद केजरीवाल पर अपने पुराने वादों से मुकरने का आरोप लगाया — हेलीकॉप्टर खरीदने और सरकारी आवास पर भारी खर्च करने का उल्लेख किया। पंजाब में भगवंत मान सरकार पर उन्होंने विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाया।
राजनीतिक संदर्भ
यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब भाजपा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों में संगठन को मज़बूत करने की कवायद में जुटी है। गौरतलब है कि ये सभी वक्तव्य भाजपा नेताओं के हैं और विपक्ष की ओर से इन दावों पर अलग दृष्टिकोण सामने आने की संभावना है। विशेषज्ञ और आलोचक अक्सर यह रेखांकित करते हैं कि आर्थिक उपलब्धियों का श्रेय किसी एक कार्यकाल या दल को देना सरलीकरण हो सकता है।
आगे क्या
भाजपा की नज़र अब तेलंगाना पर है, जहाँ पार्टी मछुआरा समुदाय सहित अन्य वर्गों तक पहुँचने की कोशिश करेगी। 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव के मद्देनज़र संगठनात्मक तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं।