दुर्गा पूजा में अशोकनगर: सीपीआईएम का बुक स्टॉल तोड़ा, पुलिस अफसर घायल, भाजपा नेता गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर में 21 अक्टूबर 2026 को दुर्गा पूजा के नवमी की रात भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीआईएम) के एक बुक स्टॉल पर हमले की घटना सामने आई, जिसमें स्थिति काबू करने पहुँचे सब-इंस्पेक्टर आशीष रॉय के चेहरे पर चोट लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने अशोकनगर के एरिया नंबर 5 के भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता बिस्वजीत नाग (45) को गिरफ्तार किया है।
मुख्य घटनाक्रम
सीपीआईएम की शिकायत के अनुसार, मंगलवार रात भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुक स्टॉल से पोस्टर और फ्लेक्स फाड़े। आरोप है कि पार्टी के मुखपत्र 'गणशक्ति' अखबार के बोर्ड और पार्टी पोस्टर के लिए बने स्थायी बोर्ड को भी तोड़ दिया गया।
इस विवाद के बाद शुरू हुई बहस झड़प में बदल गई। अशोकनगर पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर आशीष रॉय जब मौके पर पहुँचकर झड़प रोकने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। उनके चेहरे पर गहरा कट लगा और काफी खून बहा। उन्हें अशोकनगर स्टेट जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
गिरफ्तारी और जाँच
पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और बिस्वजीत नाग को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के बयान के अनुसार, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस झड़प और पुलिसकर्मी पर हमले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे। स्थिति पर नज़र रखने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सीपीआईएम नेताओं की प्रतिक्रिया
सीपीआईएम नेता और अशोकनगर के पूर्व विधायक सत्यसेबी कर ने कहा, 'किताबें लोगों को सही और गलत के बीच का फर्क समझना सिखाती हैं। वे लोगों की आंखें खोलती हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि 'अगर कोई वैचारिक मतभेद है, तो उन्हें भी अपने विचार रखने के लिए एक बुक स्टॉल लगाना चाहिए।'
स्थानीय सीपीआईएम नेता श्यामला बोस ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, 'जो लोग बुक स्टॉल पर हमला कर रहे हैं, वे किताबों और ज्ञान के खिलाफ हैं।' उन्होंने इसे कुछ उपद्रवी तत्वों की करतूत बताया।
भाजपा की चुप्पी और पूर्व की घटनाएँ
इस घटना और भाजपा नेता की गिरफ्तारी पर अब तक भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है — इससे पहले कोलकाता और नदिया सहित पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में दुर्गा पूजा के दौरान सीपीआईएम के बुक स्टॉलों पर हमले हो चुके हैं। यह घटनाक्रम राज्य में BJP और CPIM के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव की ताज़ा कड़ी है।
आगे क्या
पुलिस जाँच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। राजनीतिक गरमाहट के बीच यह देखना अहम होगा कि भाजपा आधिकारिक तौर पर अपना पक्ष कब और किस रूप में रखती है, और क्या सीपीआईएम आगे कोई कानूनी या संगठनात्मक कदम उठाती है।