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अरुण जेटली स्टेडियम के पास टिकट कालाबाजारी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 19 आरोपी गिरफ्तार

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अरुण जेटली स्टेडियम के पास टिकट कालाबाजारी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 19 आरोपी गिरफ्तार

सारांश

भारत-अफगानिस्तान टी-20 मैचों के दौरान अरुण जेटली स्टेडियम के आसपास टिकट दलालों पर दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। चार दिन के विशेष अभियान में 19 आरोपी पकड़े गए, 71 टिकट और ₹7,400 नकद बरामद हुए — डिकॉय कस्टमर तकनीक से जाल बिछाकर।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने अरुण जेटली स्टेडियम के पास टिकट कालाबाजारी में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
13 मामले दर्ज; 71 क्रिकेट टिकट और ₹7,400 नकद बरामद।
अभियान 14, 15 और 17 सितंबर 2026 को चलाया गया; नकली ग्राहक (डिकॉय) तकनीक का इस्तेमाल।
इंस्पेक्टर नरेश कुमार , एसएचओ आई.पी.
एस्टेट, की देखरेख में विशेष एंटी-टाउटिंग टीम गठित।
टिकटों के स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क की जाँच अभी जारी है।

नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम के आसपास भारत-अफगानिस्तान फ्रेंडशिप कप टी-20 मैचों के दौरान क्रिकेट टिकट कालाबाजारी के आरोप में दिल्ली पुलिस ने 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 13, 14, 15 और 17 सितंबर 2026 को चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने 71 क्रिकेट मैच टिकट और ₹7,400 नकद बरामद किए। यह कार्रवाई आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन की एक विशेष एंटी-टाउटिंग टीम ने की।

अभियान की पृष्ठभूमि

अरुण जेटली स्टेडियम में आयोजित भारत बनाम अफगानिस्तान फ्रेंडशिप कप टी-20 मैचों के दौरान स्टेडियम और उसके आसपास के इलाकों में टिकटों की दलाली और गैर-कानूनी पुनर्बिक्री की विशेष सूचनाएँ पुलिस को मिली थीं। इसी के मद्देनज़र आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर नरेश कुमार की देखरेख में एक विशेष एंटी-टाउटिंग टीम का गठन किया गया।

टीम को खुफिया तरीके से निगरानी करने, संदिग्धों की पहचान करने और तत्काल कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए। दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन और उससे सटे संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिसकर्मी और बीट स्टाफ भी तैनात किए गए।

ऑपरेशन का तरीका

टीम ने गुप्त निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर संदिग्धों पर नज़र रखी। जहाँ ज़रूरत समझी गई, वहाँ डिकॉय कस्टमर (नकली ग्राहक) तैनात किए गए ताकि गैर-कानूनी टिकट बिक्री की पुष्टि हो सके। संदिग्धों की पहचान और गतिविधि की पुष्टि होते ही उन्हें तुरंत पकड़ा गया।

गौरतलब है कि इस तरह के स्टिंग-शैली ऑपरेशन बड़े खेल आयोजनों में टाउटिंग रोकने की दिशा में दिल्ली पुलिस की एक आज़माई हुई रणनीति है, जो भीड़ और उत्साह का फायदा उठाने वाले दलालों पर लगाम लगाने के लिए अपनाई जाती है।

गिरफ्तारियों का ब्यौरा

14 सितंबर को 4 मामलों में 5 आरोपियों को पकड़ा गया और उनके पास से 29 टिकट तथा ₹3,400 बरामद किए गए। 15 सितंबर को 10 आरोपी पकड़े गए, जिनके पास 31 टिकट और ₹4,000 नकद मिले। 17 सितंबर को 3 मामले दर्ज कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 11 टिकट बरामद हुए। कुल मिलाकर आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन में 13 मामले दर्ज किए गए।

जाँच की स्थिति

जाँच में सामने आया है कि कुछ आरोपियों ने टिकट कम कीमत पर हासिल किए थे और दर्शकों को कई गुना अधिक दाम पर बेचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ये टिकट कहाँ से आए और आरोपियों तक कैसे पहुँचे। बरामद टिकटों के स्रोत की पुष्टि की प्रक्रिया अभी जारी है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, टिकट आपूर्ति श्रृंखला में शामिल बड़े नेटवर्क की भी जाँच की जा रही है। यह कार्रवाई आने वाले बड़े क्रिकेट आयोजनों से पहले एक स्पष्ट संकेत है कि अधिकारी टिकट दलालों के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता की नीति पर काम कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

400 की बरामदगी खुदरा दलालों तक सीमित दिखती है — बड़े आपूर्तिकर्ताओं और डिजिटल रिसेल प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई अभी तक नहीं दिखती। जब तक टिकट वितरण प्रणाली पारदर्शी नहीं होती और थोक में टिकट हासिल करने वाले नेटवर्क पर शिकंजा नहीं कसा जाता, ये अभियान लक्षण का इलाज करते हैं, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरुण जेटली स्टेडियम पर टिकट कालाबाजारी में कितने लोग पकड़े गए?
दिल्ली पुलिस ने कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 71 क्रिकेट मैच टिकट तथा ₹7,400 नकद बरामद किए। यह कार्रवाई 14, 15 और 17 सितंबर 2026 को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान हुई।
यह कार्रवाई किस मैच के दौरान की गई?
यह कार्रवाई अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित भारत बनाम अफगानिस्तान फ्रेंडशिप कप टी-20 क्रिकेट मैचों के दौरान की गई। मैचों के दौरान स्टेडियम परिसर और आसपास के इलाकों में टिकट दलाली की सूचनाएँ मिली थीं।
पुलिस ने टिकट दलालों को कैसे पकड़ा?
पुलिस ने डिकॉय कस्टमर (नकली ग्राहक) तैनात कर गैर-कानूनी बिक्री की पुष्टि की और फिर तुरंत गिरफ्तारी की। इंस्पेक्टर नरेश कुमार की देखरेख में गठित एंटी-टाउटिंग टीम ने खुफिया निगरानी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर यह ऑपरेशन चलाया।
बरामद टिकटों के स्रोत का क्या पता चला?
जाँच के अनुसार कुछ आरोपियों ने टिकट कम कीमत पर खरीदकर दर्शकों को कई गुना अधिक दाम पर बेचने की कोशिश की। बरामद टिकटों के मूल स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क की पुष्टि अभी की जा रही है।
टिकट कालाबाजारी में कितने मामले दर्ज हुए?
आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन में कुल 13 मामले दर्ज किए गए — 14 सितंबर को 4, 15 सितंबर को कई और 17 सितंबर को 3 मामले। इन सभी में गैर-कानूनी टिकट पुनर्बिक्री के आरोप शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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