संगम विहार में अवैध एलपीजी गैस रैकेट का भंडाफोड़, 183 सिलेंडर और चार गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- गैस सिलेंडर की कालाबाजारी एक गंभीर समस्या है।
- पुलिस ने अवैध रैकेट का भंडाफोड़ किया।
- 183 गैस सिलेंडर और चार आरोपी गिरफ्तार हुए।
- जांच जारी है, और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के संगम विहार क्षेत्र में क्राइम ब्रांच (एएनटीएफ) ने अवैध एलपीजी गैस सिलेंडर स्टोरेज और रिफिलिंग के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया और मौके से 183 गैस सिलेंडर भी बरामद किए।
पुलिस को लगातार जानकारी मिल रही थी कि इस क्षेत्र में गैस की कृत्रिम कमी का माहौल बनाकर कुछ लोग कालाबाजारी कर रहे हैं, जबकि सरकार बार-बार स्पष्ट कर रही थी कि गैस की कोई कमी नहीं है। इस पर ध्यान देते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें इंस्पेक्टर महीपाल सिंह, एसआई गौरव, अंकित, एएसआई तरुण, सत्यवीर, राकेश और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। यह टीम एसीपी सतेन्द्र मोहन की देखरेख में काम कर रही थी।
कई दिनों तक निगरानी करने के बाद पुलिस ने संगम विहार के एल ब्लॉक में तीन अलग-अलग किराए के गोदामों पर एक साथ छापा मारा। इस दौरान चार आरोपी शेर सिंह (35), सूरज परिहार (36), रघुराज सिंह (53) और जितेंद्र शर्मा (39) मौके पर पकड़े गए। ये सभी स्थानीय निवासी हैं और गैस डिलीवरी का काम करते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 183 गैस सिलेंडर बरामद किए, जिनमें से 154 भरे हुए और 29 खाली थे। इसके अलावा, गैस भरने के उपकरण जैसे लोहे के पाइप, आयरन पोकर और इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन भी जब्त की गईं।
जांच में पता चला कि ये सभी आरोपी एक अधिकृत गैस एजेंसी से संबंधित थे और इलाके में गैस सिलेंडर की सप्लाई का कार्य संभालते थे, लेकिन वे अपनी ड्यूटी का गलत लाभ उठा रहे थे। ये गैस एजेंसी से सिलेंडर लेकर अपने निर्धारित डिलीवरी टारगेट पूरे नहीं करते थे, बल्कि उन्हें अपने किराए के गोदामों में छिपाकर रखते थे। इसके बाद ये भरे हुए सिलेंडरों से गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भरते थे और फिर उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेच देते थे।
इनका तरीका काफी चालाक था। सबसे पहले, भरे हुए सिलेंडर की सील को आयरन पोकर से हटाते थे। फिर एक खाली सिलेंडर उल्टा करके भरे हुए सिलेंडर के ऊपर रखते थे और दोनों को लोहे के पाइप से जोड़ देते थे। इसके बाद, धीरे-धीरे गैस को ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस के अनुसार, ये लोग हर भरे हुए सिलेंडर से करीब 1 से 2 किलो गैस निकाल लेते थे और उसे कई खाली सिलेंडरों में भरकर तैयार कर लेते थे। इस तरह, वे एक ही सिलेंडर से कई छोटे सिलेंडर बनाकर उन्हें बाजार में ऊंचे दाम पर बेचकर बड़ा मुनाफा कमाते थे।
तीनों ठिकानों से अलग-अलग मात्रा में सिलेंडर और उपकरण बरामद हुए। पहले ठिकाने से 65, दूसरे से 66 और तीसरे से 52 सिलेंडर जब्त किए गए। इसके साथ ही, अवैध रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जैसे लोहे के पोकर, पाइप और वजन तौलने वाली मशीनें भी मिलीं।
पुलिस ने इस मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं और अन्य संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।