नांगलोई में अवैध एलपीजी रिफिलिंग रैकेट का भंडाफोड़: 96 सिलेंडर जब्त, 3 गिरफ्तार

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नांगलोई में अवैध एलपीजी रिफिलिंग रैकेट का भंडाफोड़: 96 सिलेंडर जब्त, 3 गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने नांगलोई के बक्करवाला में एक खाली प्लॉट पर छापा मारकर 96 अवैध एलपीजी सिलेंडर जब्त किए और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी घरेलू सिलेंडरों को डिलीवरी रूट से हटाकर खाली जगह पर जमा करते थे और गैस ट्रांसफर कर उन्हें ब्लैक मार्केट में ऊँचे दामों पर बेचते थे।

मुख्य बातें

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 6 मई 2026 को नांगलोई के बक्करवाला में अवैध एलपीजी रिफिलिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया।
कुल 96 एलपीजी सिलेंडर , तीन वाहन (दो टाटा ऐस टेम्पो, एक बजाज मैक्सिमा), तीन वजन मशीनें और दो धातु पाइप जब्त।
गिरफ्तार आरोपी: विनोद (37) , विजय (38) और वंश राज (26) — तीनों दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के निवासी।
आरोपियों पर BNS धारा 125, 318(2), 3(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 व 7 के तहत मामला दर्ज।
कार्रवाई पेट्रोलियम मंत्रालय के 5 मार्च 2026 के आदेश के उल्लंघन के आधार पर हुई।

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 6 मई 2026 को नांगलोई के बक्करवाला इलाके में एक बड़े अवैध एलपीजी रिफिलिंग और जमाखोरी रैकेट का भंडाफोड़ किया। खुफिया सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में 96 एलपीजी सिलेंडर, तीन वाहन और रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान जब्त किया गया, तथा तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

कैसे हुई छापेमारी

पुलिस को नांगलोई के लक्ष्मी नगर स्थित बक्करवाला रोड पर जय शिव नर्सरी के पीछे एक खाली प्लॉट पर अवैध एलपीजी गतिविधियों की खास सूचना मिली थी। इनपुट मिलते ही क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

मौके पर क्या मिला

छापेमारी के दौरान खाली प्लॉट पर कुल 96 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए। इसके अलावा मौके पर खड़े तीन वाहनों — दो टाटा ऐस टेम्पो और एक बजाज मैक्सिमा — में भी कई सिलेंडर लोड मिले। पुलिस ने तीन वजन मशीनें और दो धातु के पाइप भी जब्त किए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर एक सिलेंडर से दूसरे में गैस ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।

कौन हैं आरोपी

मौके पर तीन व्यक्ति पकड़े गए — सुल्तानपुरी निवासी विनोद (37), नांगलोई निवासी विजय (38) और कंझावला निवासी वंश राज (26)। पूछताछ में तीनों में से कोई भी इतनी बड़ी मात्रा में सिलेंडर रखने का कोई वैध दस्तावेज़ या संतोषजनक कारण नहीं बता सका। अधिकारियों के अनुसार, तीनों एक गैस एजेंसी के माध्यम से घरेलू सिलेंडर प्राप्त करते थे और उन्हें तय रूट पर पहुँचाने के बजाय खाली प्लॉट पर ले जाते थे।

रैकेट का तरीका

जाँच में सामने आया कि आरोपी एलपीजी डिलीवरी सेवा से जुड़े थे। वे घरेलू गैस सिलेंडरों को उनके असली गंतव्य तक पहुँचाने की बजाय एकांत स्थान पर जमा करते थे। इसके बाद बिना अनुमति के उपकरणों का उपयोग कर भरे सिलेंडरों से खाली सिलेंडरों में गैस भरकर उन्हें खुले बाज़ार में अधिक दामों पर बेचा जाता था। विकासपुरी के फूड एंड सप्लाई ऑफिसर (FSO) ने मौके पर पहुँचकर पुष्टि की कि बिना उचित अनुमति के इस तरह सिलेंडर जमा करना और उनसे छेड़छाड़ करना पूरी तरह गैरकानूनी है।

कानूनी कार्रवाई

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 318(2) और 3(5) के साथ-साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के 5 मार्च 2026 के आदेश संख्या M-13017(11)/1/2026-LPG-PNG का स्पष्ट उल्लंघन किया। गौरतलब है कि यह मामला दिल्ली में एलपीजी की कालाबाजारी के बढ़ते खतरे की ओर ध्यान दिलाता है, जो आम उपभोक्ताओं की रसोई को सीधे प्रभावित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ डिलीवरी कर्मचारी खुद ही रैकेट का हिस्सा बन जाते हैं। गैस एजेंसियों के माध्यम से सिलेंडर प्राप्त कर उन्हें ब्लैक मार्केट में बेचने का यह तरीका नया नहीं है, लेकिन हर बार पकड़े जाने के बाद भी यह सिलसिला जारी रहता है। असली सवाल यह है कि गैस एजेंसियों की निगरानी और डिलीवरी ट्रैकिंग इतनी कमज़ोर क्यों है कि इतनी बड़ी मात्रा में सिलेंडर बिना किसी अलर्ट के डायवर्ट हो जाते हैं। जब तक वितरण श्रृंखला में तकनीकी जवाबदेही नहीं आती, ऐसे रैकेट बार-बार उभरते रहेंगे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नांगलोई एलपीजी रैकेट में क्या हुआ?
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 6 मई 2026 को नांगलोई के बक्करवाला में एक खाली प्लॉट पर छापा मारकर 96 अवैध एलपीजी सिलेंडर जब्त किए और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी घरेलू सिलेंडरों को डिलीवरी रूट से हटाकर अवैध रूप से रिफिल कर ब्लैक मार्केट में बेच रहे थे।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
गिरफ्तार तीनों आरोपी हैं — सुल्तानपुरी के विनोद (37), नांगलोई के विजय (38) और कंझावला के वंश राज (26)। इन पर BNS की धारा 125, 318(2), 3(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 व 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अवैध एलपीजी रिफिलिंग रैकेट कैसे काम करता था?
आरोपी एक गैस एजेंसी के माध्यम से घरेलू सिलेंडर प्राप्त करते थे और उन्हें तय रूट पर पहुँचाने की बजाय खाली प्लॉट पर जमा करते थे। वहाँ धातु के पाइपों से भरे सिलेंडरों की गैस खाली सिलेंडरों में भरकर उन्हें खुले बाज़ार में अधिक दामों पर बेचा जाता था।
इस मामले में कौन-से कानून लागू हुए हैं?
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 318(2) और 3(5) के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 के तहत केस दर्ज हुआ है। यह कार्रवाई पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के 5 मार्च 2026 के आदेश के उल्लंघन के आधार पर भी की गई।
इस छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने 96 एलपीजी सिलेंडर, दो टाटा ऐस टेम्पो और एक बजाज मैक्सिमा सहित तीन वाहन, तीन वजन मशीनें और दो धातु के पाइप जब्त किए। ये पाइप एक सिलेंडर से दूसरे में गैस ट्रांसफर करने के काम आते थे।
राष्ट्र प्रेस
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