सीआरपीएफ डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने 99 ट्रेनी अधिकारियों को किया संबोधित, बोले — अच्छे इंसान बनना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (आईपीएस) ने 7 अक्टूबर 2026 को सीआरपीएफ अकादमी, कादरपुर, गुरुग्राम में सीधे नियुक्त राजपत्रित अधिकारियों (डीएजीओ) के 57वें बैच की बेसिक ट्रेनिंग के उद्घाटन समारोह में 99 ट्रेनी अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने युवा अधिकारियों से आग्रह किया कि वे सक्षम और अनुशासित नेता बनने के साथ-साथ सबसे पहले एक अच्छे इंसान बनने की कोशिश करें।
समारोह का आयोजन और उपस्थित अधिकारी
इस उद्घाटन समारोह में सीआरपीएफ अकादमी के एडीजी/निदेशक सुनील जून, अकादमी के वरिष्ठ अधिकारियों और फैकल्टी सदस्यों ने विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने अपने संबोधन से नए अधिकारियों को प्रेरित किया। यह आयोजन एक ऐसी गहन प्रशिक्षण यात्रा की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक था, जो इन युवा अधिकारियों को बल की विविध और चुनौतीपूर्ण ज़िम्मेदारियों के लिए तैयार करेगी।
57वें बैच की विशेषताएँ
57वें डीएजीओ बैच में देश भर से चुने गए 99 ट्रेनी अधिकारी शामिल हैं, जिनमें तीन महिला अधिकारी भी हैं। इस बैच की शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि विविध है — इसमें 22 पोस्ट-ग्रेजुएट और 77 ग्रेजुएट शामिल हैं और इनकी औसत आयु 26.8 वर्ष है।
28 अधिकारियों को सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ), पुलिस और अन्य सरकारी संगठनों में काम करने का पूर्व अनुभव है। इसके अतिरिक्त, कई ट्रेनी अधिकारियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।
डीजी का संबोधन — नेतृत्व और मानवीय मूल्यों पर जोर
डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने ट्रेनी अधिकारियों से अकादमी में मिलने वाली कड़ी ट्रेनिंग का पूरा लाभ उठाने और खुद को सक्षम, अनुशासित तथा संवेदनशील नेता के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि अपने कर्मियों के साथ सम्मान, गरिमा और देखभाल के साथ पेश आना और स्वयं मिसाल बनकर नेतृत्व करना एक अधिकारी का मूल कर्तव्य है।
डीजी ने शारीरिक फिटनेस के उच्च स्तर को हासिल करने और बनाए रखने, ट्रेनिंग के दौरान गंभीर एवं प्रतिबद्ध रहने तथा लगातार पेशेवर ज्ञान बढ़ाने पर भी बल दिया। उन्होंने 'पुरानी बातें भूलने, नई बातें सीखने और फिर से सीखने' के सिद्धांत को पेशेवर विकास के लिए अनिवार्य बताया।
आगे का मार्ग
यह समारोह इन युवा अधिकारियों के करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सीआरपीएफ जैसे देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए इन्हें कठोर प्रशिक्षण से गुज़रना होगा। डीजी सिंह ने ट्रेनी अधिकारियों को आगे की परिवर्तनकारी प्रशिक्षण यात्रा के लिए शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें देश-सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।