8 अक्टूबर 2026
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सीआरपीएफ डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने 99 ट्रेनी अधिकारियों को किया संबोधित, बोले — अच्छे इंसान बनना सबसे बड़ी जिम्मेदारी

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सीआरपीएफ डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने 99 ट्रेनी अधिकारियों को किया संबोधित, बोले — अच्छे इंसान बनना सबसे बड़ी जिम्मेदारी

सारांश

सीआरपीएफ डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने गुरुग्राम में 57वें डीएजीओ बैच के 99 ट्रेनी अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्दी से बड़ी ज़िम्मेदारी है — अच्छा इंसान बनना और संवेदनशील नेतृत्व देना।

मुख्य बातें

सीआरपीएफ डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने 7 अक्टूबर 2026 को सीआरपीएफ अकादमी, कादरपुर, गुरुग्राम में 57वें डीएजीओ बैच के उद्घाटन समारोह में भाग लिया।
बैच में 99 ट्रेनी अधिकारी शामिल हैं, जिनमें 3 महिला अधिकारी , 22 पोस्ट-ग्रेजुएट और 77 ग्रेजुएट हैं; औसत आयु 26.8 वर्ष है।
28 अधिकारियों को सशस्त्र बलों, सीएपीएफ, पुलिस और सरकारी संगठनों में पूर्व कार्यानुभव है।
डीजी ने अधिकारियों को सम्मान, गरिमा और संवेदनशीलता के साथ नेतृत्व करने और मिसाल बनकर काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने 'पुरानी बातें भूलने, नई बातें सीखने और फिर से सीखने' के सिद्धांत को पेशेवर विकास के लिए अनिवार्य बताया।

केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (आईपीएस) ने 7 अक्टूबर 2026 को सीआरपीएफ अकादमी, कादरपुर, गुरुग्राम में सीधे नियुक्त राजपत्रित अधिकारियों (डीएजीओ) के 57वें बैच की बेसिक ट्रेनिंग के उद्घाटन समारोह में 99 ट्रेनी अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने युवा अधिकारियों से आग्रह किया कि वे सक्षम और अनुशासित नेता बनने के साथ-साथ सबसे पहले एक अच्छे इंसान बनने की कोशिश करें।

समारोह का आयोजन और उपस्थित अधिकारी

इस उद्घाटन समारोह में सीआरपीएफ अकादमी के एडीजी/निदेशक सुनील जून, अकादमी के वरिष्ठ अधिकारियों और फैकल्टी सदस्यों ने विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने अपने संबोधन से नए अधिकारियों को प्रेरित किया। यह आयोजन एक ऐसी गहन प्रशिक्षण यात्रा की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक था, जो इन युवा अधिकारियों को बल की विविध और चुनौतीपूर्ण ज़िम्मेदारियों के लिए तैयार करेगी।

57वें बैच की विशेषताएँ

57वें डीएजीओ बैच में देश भर से चुने गए 99 ट्रेनी अधिकारी शामिल हैं, जिनमें तीन महिला अधिकारी भी हैं। इस बैच की शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि विविध है — इसमें 22 पोस्ट-ग्रेजुएट और 77 ग्रेजुएट शामिल हैं और इनकी औसत आयु 26.8 वर्ष है।

28 अधिकारियों को सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ), पुलिस और अन्य सरकारी संगठनों में काम करने का पूर्व अनुभव है। इसके अतिरिक्त, कई ट्रेनी अधिकारियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

डीजी का संबोधन — नेतृत्व और मानवीय मूल्यों पर जोर

डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने ट्रेनी अधिकारियों से अकादमी में मिलने वाली कड़ी ट्रेनिंग का पूरा लाभ उठाने और खुद को सक्षम, अनुशासित तथा संवेदनशील नेता के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि अपने कर्मियों के साथ सम्मान, गरिमा और देखभाल के साथ पेश आना और स्वयं मिसाल बनकर नेतृत्व करना एक अधिकारी का मूल कर्तव्य है।

डीजी ने शारीरिक फिटनेस के उच्च स्तर को हासिल करने और बनाए रखने, ट्रेनिंग के दौरान गंभीर एवं प्रतिबद्ध रहने तथा लगातार पेशेवर ज्ञान बढ़ाने पर भी बल दिया। उन्होंने 'पुरानी बातें भूलने, नई बातें सीखने और फिर से सीखने' के सिद्धांत को पेशेवर विकास के लिए अनिवार्य बताया।

आगे का मार्ग

यह समारोह इन युवा अधिकारियों के करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सीआरपीएफ जैसे देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए इन्हें कठोर प्रशिक्षण से गुज़रना होगा। डीजी सिंह ने ट्रेनी अधिकारियों को आगे की परिवर्तनकारी प्रशिक्षण यात्रा के लिए शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें देश-सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

महज औपचारिकता नहीं — यह उस बढ़ती चर्चा की प्रतिध्वनि है जो अर्धसैनिक बलों में मानसिक स्वास्थ्य, कर्मियों के साथ व्यवहार और नेतृत्व शैली को लेकर हाल के वर्षों में तेज़ हुई है। गौरतलब है कि बड़े बलों में अधिकारी-जवान संबंध एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। संवेदनशील नेतृत्व पर यह जोर स्वागतयोग्य है, लेकिन असली परीक्षा ट्रेनिंग कक्षाओं से बाहर, मैदान पर होगी।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआरपीएफ के 57वें डीएजीओ बैच में कितने और किस प्रकार के अधिकारी हैं?
57वें डीएजीओ बैच में देश भर से चुने गए 99 ट्रेनी अधिकारी हैं, जिनमें 3 महिला अधिकारी, 22 पोस्ट-ग्रेजुएट और 77 ग्रेजुएट शामिल हैं। इनकी औसत आयु 26.8 वर्ष है और 28 अधिकारियों को सशस्त्र बलों व सरकारी संगठनों में पूर्व कार्यानुभव प्राप्त है।
सीआरपीएफ डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने ट्रेनी अधिकारियों को क्या संदेश दिया?
डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने ट्रेनी अधिकारियों से कहा कि वे सबसे पहले अच्छे इंसान बनने की कोशिश करें और अपने कर्मियों के साथ सम्मान, गरिमा तथा देखभाल के साथ पेश आएँ। उन्होंने शारीरिक फिटनेस, ईमानदारी, चरित्र निर्माण और 'पुरानी बातें भूलकर नई बातें सीखने' के सिद्धांत पर भी जोर दिया।
सीआरपीएफ अकादमी का उद्घाटन समारोह कहाँ और कब हुआ?
यह उद्घाटन समारोह 7 अक्टूबर 2026 को सीआरपीएफ अकादमी, कादरपुर, गुरुग्राम में आयोजित किया गया। समारोह में एडीजी/निदेशक सुनील जून सहित अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी और फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।
डीएजीओ (DAGO) बैच क्या होता है और यह ट्रेनिंग क्यों महत्वपूर्ण है?
डीएजीओ यानी सीधे नियुक्त राजपत्रित अधिकारी वे होते हैं जो सीधी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सीआरपीएफ में अधिकारी पद पर नियुक्त होते हैं। अकादमी में मिलने वाली बेसिक ट्रेनिंग इन्हें देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल में नेतृत्व की विविध और चुनौतीपूर्ण ज़िम्मेदारियों के लिए तैयार करती है।
57वें बैच के ट्रेनी अधिकारियों की विशेष उपलब्धियाँ क्या हैं?
57वें बैच के कई ट्रेनी अधिकारियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसके अलावा, 28 अधिकारियों को सशस्त्र बलों, सीएपीएफ, पुलिस और अन्य सरकारी संगठनों में पूर्व कार्यानुभव है, जो इस बैच को विशेष रूप से अनुभवी बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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