चक्रवात 'मुरासु': चेन्नई-तिरुवल्लुर में स्कूल-कॉलेज बंद, 120 किमी/घंटा की रफ्तार से टकराएगा तूफान
सारांश
मुख्य बातें
चक्रवात 'मुरासु' के चलते चेन्नई और तिरुवल्लुर में सोमवार, 2 नवंबर 2026 को सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) द्वारा इन दोनों जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' घोषित किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने यह एहतियाती कदम उठाया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यह तूफान आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
चक्रवात की वर्तमान स्थिति
आईएमडी द्वारा सोमवार रात 9:14 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात 'मुरासु' दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर 22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। सोमवार की सुबह तक यह प्रणाली पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक गंभीर चक्रवाती तूफान में परिवर्तित हो चुकी थी। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़कर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की तरफ बढ़ेगा।
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह तूफान सोमवार रात 11:30 बजे से मंगलवार सुबह 4:00 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के मध्य तट से टकराएगा। लैंडफॉल के समय हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटा रहने की आशंका है, जबकि झोंकों के साथ यह गति 120 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।
अलर्ट का दायरा और बारिश का अनुमान
चेन्नई और तिरुवल्लुर के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जहाँ 24 घंटों में 12 से 20 सेंटीमीटर बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके अलावा सोमवार को चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी हुआ है, जहाँ 7 से 11 सेंटीमीटर भारी वर्षा की संभावना है।
सोमवार को तिरुवल्लुर, चेन्नई, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई और विल्लुपुरम जिलों के साथ-साथ पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में 55 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की आशंका है, जो झोंकों के दौरान 75 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती हैं। अन्य उत्तरी तटीय जिलों में हवाओं की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा और झोंकों में 60 किमी प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है।
मंगलवार के लिए वर्षा की चेतावनी केवल नीलगिरी के कुछ इलाकों तक सीमित रखी गई है। आरएमसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि आँधी-तूफान और बिजली गिरने की यह चेतावनी 5 नवंबर 2026 तक कुछ क्षेत्रों में प्रभावी रहेगी — जो चक्रवात के लैंडफॉल के अनुमानित समय से भी आगे है।
प्रशासन और सरकार की तैयारी
तमिलनाडु के राज्य राजस्व प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने उत्तरी तमिलनाडु के सभी जिला कलेक्टरों को 'हाई अलर्ट' पर रहने और आपदा प्रबंधन की मानक प्रक्रियाओं को सक्रिय करने का निर्देश दिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं राजस्व प्रशासन आयुक्त ने कलेक्टरों को कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने, आपदा प्रबंधन की तैयारियाँ मज़बूत करने और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल 'राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र' को देने के आदेश जारी किए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु का तटीय क्षेत्र उत्तर-पूर्व मानसून के सक्रिय दौर से पहले ही संवेदनशील स्थिति में था। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवातों की आवृत्ति और तीव्रता में वृद्धि देखी गई है।
आम जनता पर असर और सावधानियाँ
स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी के साथ-साथ प्रशासन ने तटीय इलाकों के निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। आरएमसी ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी के मद्देनज़र खुले स्थानों पर न रहने की सलाह जारी की है। मछुआरों को समुद्र में न जाने के निर्देश दिए गए हैं।
आने वाले घंटों में स्थिति की निगरानी बनाए रखना ज़रूरी होगा क्योंकि लैंडफॉल के बाद भी तूफान का असर तमिलनाडु के कई जिलों में 5 नवंबर तक बना रहने की संभावना है।