कुशीनगर सड़क हादसे में 6 की मौत, CM योगी ने जताया शोक; घायल BRD मेडिकल कॉलेज रेफर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली क्षेत्र में रविवार देर रात एक वैन के ट्रक से टकरा जाने से छह लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को घायलों के उचित उपचार और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
हादसे का मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना हाटा कोतवाली क्षेत्र के थारुडीह गाँव के निकट हुई। वैन में सवार आठ लोग 'तिलक' समारोह में शामिल होने के बाद हाटा से कप्तानगंज स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान अहीरोली की दिशा से आ रहे एक ट्रक ने वैन को जोरदार टक्कर मारी, जिससे वैन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मरने वालों में कप्तानगंज के एक ही परिवार के पाँच सदस्य शामिल थे, जो किसी रिश्तेदार के घर आयोजित कार्यक्रम से लौट रहे थे।
घायलों का उपचार और पुलिस कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुँची और दोनों घायलों को नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया। बाद में उन्हें आगे के इलाज के लिए गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने बताया, "वैन में सवार आठ लोगों में से छह की मौत हो गई, जबकि दो घायलों को पुलिस ने तुरंत इलाज के लिए गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुँचा दिया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी गई है। आगे की कानूनी कार्रवाई भी जारी है।"
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर जिले में हुई एक दुखद सड़क दुर्घटना में लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट की हैं।"
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार एवं मृतकों के परिजनों से संवाद कर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की।
आम जनता और परिवारों पर असर
यह हादसा उस परिवार के लिए अत्यंत दर्दनाक है, जिसके पाँच सदस्य एक ही झटके में काल के गाल में समा गए। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में रात्रिकालीन सड़क दुर्घटनाओं की यह कोई पहली घटना नहीं है — राज्य राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर ओवरस्पीडिंग और रात में बड़े वाहनों की आवाजाही लंबे समय से चिंता का विषय रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है और कानूनी कार्रवाई जारी है। जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों से संपर्क में है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राहत और सहायता की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।