दतिया उपचुनाव: कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को उतारा, खड़गे ने दी हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश विधानसभा की दतिया सीट पर प्रस्तावित उपचुनाव के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 11 जुलाई 2026 को अपने प्रत्याशी का ऐलान कर दिया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह की उम्मीदवारी पर अंतिम मुहर लगाई है।
उम्मीदवारी का फैसला कैसे हुआ
कांग्रेस संगठन ने प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में घनश्याम सिंह का एकमात्र नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजा था। शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश संगठन की इस सिफारिश को स्वीकार करते हुए उनकी दावेदारी को स्वीकृति दे दी। इस घोषणा के साथ ही दतिया में चुनावी माहौल और गर्म हो गया है।
घनश्याम सिंह का राजनीतिक परिचय
घनश्याम सिंह दतिया क्षेत्र की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं। वह पहले दतिया विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और विधायक के रूप में कार्य कर चुके हैं। बाद के वर्षों में उन्होंने अपना राजनीतिक केंद्र सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र की ओर स्थानांतरित किया।
2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में घनश्याम सिंह ने सेवढ़ा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब कांग्रेस ने उन्हें एक बार फिर दतिया विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। कथित तौर पर घनश्याम सिंह का संबंध दतिया राजघराने से भी माना जाता है, जिससे क्षेत्र में उनकी सामाजिक और राजनीतिक पकड़ मजबूत मानी जाती है।
दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का दांव
दतिया विधानसभा का यह उपचुनाव कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों के लिए प्रतिष्ठा का मुकाबला बन गया है। कांग्रेस जहाँ इस सीट पर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है, वहीं BJP भी सीट बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत लगाने की तैयारी में बताई जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में BJP की सरकार है और कांग्रेस विपक्ष में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए हर उपचुनाव को गंभीरता से ले रही है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार की घोषणा के बाद अब दतिया में चुनावी गतिविधियाँ तेज होने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख दलों के वरिष्ठ नेताओं के प्रचार अभियान और जनसभाओं का सिलसिला शुरू हो सकता है। घनश्याम सिंह की स्थानीय पहचान और संगठन में सक्रिय भूमिका कांग्रेस के लिए एक अहम कारक मानी जा रही है।