दीपावली पर यूपी की 57,694 ग्राम पंचायतों में विशेष स्वच्छता अभियान, योगी सरकार के निर्देश जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपावली 2026 के अवसर पर प्रदेश की समस्त 57,694 ग्राम पंचायतों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। योगी सरकार के निर्देशानुसार यह अभियान त्योहार से पहले, उसके दौरान और समाप्ति के बाद भी जारी रहेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
अभियान का दायरा और तैयारियाँ
इस विशेष अभियान के तहत गाँवों में स्थित शिव मंदिरों, देवी मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों की साफ-सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी। मंदिर परिसरों के साथ-साथ आसपास के मार्गों और सार्वजनिक स्थलों को भी स्वच्छ रखने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, नदी, तालाब, पोखरे और अमृत सरोवर के घाटों पर सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सफाई कर्मचारियों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो आयोजन स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर निरंतर सफाई सुनिश्चित करेंगी। ग्राम पंचायतें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि के माध्यम से सफाई मशीनों और श्रमिकों की व्यवस्था कर सकेंगी।
संक्रामक बीमारियों की रोकथाम पर ज़ोर
स्वच्छता के साथ-साथ डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। गाँवों में जलभराव वाले स्थानों और कूड़े के ढेरों को चिह्नित कर हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं। चिह्नित स्थानों के आसपास फागिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा, जिससे मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाई जा सके।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के कई जिलों में त्योहारी मौसम के दौरान जलभराव और डेंगू के मामले बढ़ने की पुरानी समस्या रही है। ग्राम पंचायतों को जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
अपशिष्ट प्रबंधन और पेयजल सुनिश्चित करना
आयोजन समाप्त होने के बाद निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों का समुचित निस्तारण अनिवार्य किया गया है। इसके लिए ग्राम पंचायतों में स्थापित आरआरसी (कचरा संग्रहण केंद्रों) पर कचरा एकत्र कराया जाएगा, ताकि पर्व समाप्ति के बाद भी सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न रहे।
इसके साथ ही ग्राम पंचायतों को हैंडपंप लगातार चालू रखने और पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि त्योहार के दौरान ग्रामीणों को स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके।
प्रशासनिक निगरानी और रिपोर्टिंग व्यवस्था
निदेशक पंचायती राज धीरेंद्र सिंह सचान ने बताया कि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारियों और मंडलीय उपनिदेशकों को लगातार निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है। अभियान के तहत की गई गतिविधियों और साफ-सफाई की समेकित रिपोर्ट प्रतिदिन शासन को भेजी जाएगी।
इस रिपोर्टिंग तंत्र के माध्यम से ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था, घाटों की स्थिति और अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। गौरतलब है कि यह पहल योगी सरकार के उस व्यापक विजन का हिस्सा है, जिसके तहत ग्रामीण उत्तर प्रदेश में त्योहारों के दौरान सार्वजनिक स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त रखा जाए।
आने वाले दिनों में अभियान की प्रगति की समीक्षा के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।