यूपी मंडियों में 15 दिवसीय 'स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026', किसानों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएँ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की कृषि उत्पादन मंडियों में स्वच्छता सुधार के उद्देश्य से राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने अक्टूबर 2026 में प्रदेशभर की सभी मंडी एवं उपमंडी स्थलों पर 'स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026' संचालित करने के निर्देश दिए हैं। यह 15 दिवसीय विशेष सफाई अभियान किसानों को स्वच्छ और बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक ठोस कदम है।
अभियान का दायरा और प्राथमिकताएँ
इस अभियान के तहत मंडी परिसरों में जमा कूड़े, बंद नालियों, जलभराव वाले स्थानों, शौचालयों, नीलामी चबूतरों, दुकानों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नालियों में फंसे अपशिष्ट तथा जल-जमाव वाले स्थानों को चिह्नित कर उनकी सफाई सुनिश्चित की जाएगी।
जहाँ नमी बनी रहती है, वहाँ कूड़ा हटाने के पश्चात निर्देशानुसार चूना पाउडर अथवा गैमक्सीन का छिड़काव कराया जाएगा ताकि संक्रमण और बीमारियों की रोकथाम हो सके।
सफाई कर्मियों की युद्धस्तरीय तैनाती
मंडी समितियों के अनुबंधित सफाई ठेकेदारों को अपने समस्त सफाई कर्मियों को तैनात कर युद्धस्तर पर सफाई कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंडी परिसर के प्रत्येक हिस्से में सफाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदारों पर डाली गई है।
शौचालयों, प्रसाधन कक्षों और यूरिनल की नियमित सफाई के साथ-साथ जलापूर्ति एवं जल-निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए गए हैं। शौचालयों के आसपास जलभराव वाले स्थानों पर नियमित रूप से चूने का छिड़काव कराया जाएगा।
त्योहारी सीज़न और धान आवक को देखते हुए विशेष तैयारी
गौरतलब है कि अक्टूबर माह में धान और अन्य कृषि उत्पादों की आवक चरम पर होती है और आगामी त्योहारों के कारण मंडियों में भीड़ भी बढ़ जाती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मंडियों में यातायात और परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब किसान बड़े पैमाने पर अपनी फसल बेचने मंडियों में आते हैं — ऐसे में स्वच्छ वातावरण सीधे उनकी सुविधा और स्वास्थ्य से जुड़ा है।
निर्माण स्थलों और कार्यालयों पर भी ध्यान
मंडी परिसरों में जहाँ नए सिविल, विद्युत अथवा मरम्मत संबंधी कार्य चल रहे हैं, उन स्थलों को अलग से चिह्नित किया जाएगा। निर्माण कार्य के उपरांत बची अनुपयोगी सामग्री और मलबे को अभियान के दौरान हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
कार्यालय भवनों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई तथा आवश्यक साज-सज्जा पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर आराम और सुविधाएँ मिल सकें।
आगे की राह
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद का यह अभियान उत्तर प्रदेश सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों की कड़ी में एक और प्रयास है। अभियान की सफलता इसके क्रियान्वयन की निरंतरता और मंडी समितियों की जवाबदेही पर निर्भर करेगी।