9 अक्टूबर 2026
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कनॉट प्लेस में कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान युवक से मारपीट, पीड़ित फहीम का आरोप — PM के नारे लगाने पर पीटा

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कनॉट प्लेस में कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान युवक से मारपीट, पीड़ित फहीम का आरोप — PM के नारे लगाने पर पीटा

सारांश

दिल्ली के कनॉट प्लेस में कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान श्रीनगर के फहीम नजीर शाह पर हमले का आरोप — PM मोदी और गृह मंत्री के समर्थन में नारे लगाना बना विवाद की जड़। दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की, कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं।

मुख्य बातें

9 अक्टूबर 2026 को कनॉट प्लेस , नई दिल्ली में कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन के दौरान फहीम नजीर शाह पर हमले का आरोप।
फहीम श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं और खुद को PM मोदी का कट्टर समर्थक बताते हैं।
आरोप है कि PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस के समर्थन में नारे लगाने पर मारपीट की गई।
फहीम को आँख और बाजू पर चोटें आईं; दिल्ली पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की।
फहीम ने 23 अगस्त 2021 को श्रीनगर से दिल्ली तक पैदल यात्रा का भी उल्लेख किया।
कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

राजधानी नई दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में 9 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक युवक पर हमले का मामला सामने आया है। पीड़ित की पहचान फहीम नजीर शाह के रूप में हुई है, जो खुद को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर का निवासी बताते हैं। फहीम का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस के समर्थन में नारे लगाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की। दिल्ली पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है।

मुख्य घटनाक्रम

फहीम नजीर शाह के अनुसार, वे कांग्रेस के प्रदर्शन स्थल पर एक पोस्टर लेकर खड़े थे, जिस पर लिखा था — 'मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे बड़ा प्रशंसक हूँ। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री से माफी माँगनी चाहिए।' उन्होंने बताया कि जब उन्होंने 'हिंदुस्तान जिंदाबाद', 'प्रधानमंत्री जिंदाबाद', 'दिल्ली पुलिस जिंदाबाद' और 'होम मिनिस्टर जिंदाबाद' के नारे लगाए, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया।

फहीम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी उस समय पास के एक रेस्टोरेंट में जा रहे थे, लेकिन उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश नहीं की। हालाँकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

पीड़ित की आपबीती

फहीम ने बताया कि उन्हें आँख और बाजू पर चोटें आई हैं। उन्होंने कहा, 'पूरे देश ने देखा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुझे किस तरह मारा।' फहीम ने यह भी कहा कि जब देश की सर्वोच्च न्यायालय संबंधित मामले में सुनवाई कर रही है, तब सड़कों पर इस तरह की घटनाएँ लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध हैं।

फहीम ने कहा, 'मैं इस देश को नेपाल नहीं बनने दूंगा, श्रीलंका नहीं बनने दूंगा, बांग्लादेश नहीं बनने दूंगा।' उन्होंने खुद को पीएम मोदी का कट्टर समर्थक बताते हुए कहा कि वे 23 अगस्त 2021 को श्रीनगर से पैदल दिल्ली तक प्रधानमंत्री से मिलने के लिए निकले थे।

ईवीएम और कांग्रेस पर फहीम का पलटवार

फहीम ने ईवीएम को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईवीएम को 1989 में राजीव गांधी की सरकार ने ही देश में लागू किया था। उन्होंने तर्क दिया, '2004 और 2009 में ईवीएम से चुनाव हुए और कांग्रेस भारी बहुमत से जीती — तब ईवीएम ठीक था। जब से 2014 से प्रधानमंत्री मोदी लगातार जीत रहे हैं, तब ईवीएम में चोरी नजर आने लगी?'

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए जा रहे आरोपों को भी गलत बताया और कहा कि जब केरल में कांग्रेस जीतती है तब चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाया जाता।

पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

फहीम ने दिल्ली पुलिस, कनॉट प्लेस थाने के एसएचओ और उनकी टीम का आभार जताया और कहा कि शिकायत दर्ज कराने पर तुरंत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जाँच जारी है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की घटनाएँ चर्चा में हैं और सर्वोच्च न्यायालय संबंधित विषयों पर सुनवाई कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे वह किसी भी पक्ष में हो। जब सर्वोच्च न्यायालय संबंधित मामलों की सुनवाई कर रहा हो, उस समय सड़क पर इस तरह की हिंसा लोकतांत्रिक परंपरा पर सवाल उठाती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि फहीम का बयान भले ही एकपक्षीय हो, लेकिन जब तक कांग्रेस इसका खंडन नहीं करती, खामोशी राजनीतिक रूप से महंगी पड़ सकती है। FIR दर्ज होना पुलिस की तात्कालिक प्रतिक्रियाशीलता दिखाता है, पर जाँच का परिणाम और न्यायिक प्रक्रिया ही तस्वीर को पूरा करेगी।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कनॉट प्लेस में फहीम नजीर शाह के साथ क्या हुआ?
9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन के दौरान फहीम नजीर शाह पर हमले का आरोप है। उनका कहना है कि PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस के समर्थन में नारे लगाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की।
फहीम नजीर शाह कौन हैं?
फहीम नजीर शाह जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के रहने वाले हैं और खुद को PM नरेंद्र मोदी का कट्टर समर्थक बताते हैं। वे 23 अगस्त 2021 को श्रीनगर से दिल्ली तक पैदल PM से मिलने की कोशिश कर चुके हैं।
क्या दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की?
हाँ, दिल्ली पुलिस ने फहीम नजीर शाह की शिकायत के आधार पर तत्काल FIR दर्ज की। फहीम ने कनॉट प्लेस थाने और एसएचओ की टीम का आभार जताया है।
कांग्रेस ने इस आरोप पर क्या कहा?
अभी तक कांग्रेस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या खंडन सामने नहीं आया है। फहीम का आरोप है कि राहुल गांधी घटनास्थल के पास थे लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया — इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
फहीम ने ईवीएम विवाद पर क्या कहा?
फहीम ने तर्क दिया कि ईवीएम को 1989 में राजीव गांधी की सरकार ने लागू किया था और 2004 व 2009 में कांग्रेस इसी के जरिये जीती थी। उनके अनुसार, जब से 2014 से PM मोदी जीत रहे हैं तभी से ईवीएम पर सवाल उठाए जाने लगे।
राष्ट्र प्रेस
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