सीजेपी प्रदर्शन विवाद: PM मोदी के खिलाफ अपशब्द बोलने वाली 15 वर्षीय लड़की ने माँगी माफी, माँ ने PM से बेटी को गोद लेने की विनती की
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 23 जुलाई को हुए सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने वाली एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने किए पर खेद जताते हुए सार्वजनिक माफी माँगी है। लड़की, उसकी माँ और उनके वकील अनिल कुमार ने अपना पक्ष रखते हुए दर्ज एफआईआर को त्रुटिपूर्ण बताया और उसे वापस लेने की माँग की।
घटनाक्रम: क्या हुआ था 23 जुलाई को
लड़की के अनुसार, वह 23 जुलाई को दिल्ली के कनॉट प्लेस क्षेत्र में आयोजित धरना-प्रदर्शन में गई थी, जहाँ उसे बोलने के लिए प्रेरित किया गया। उसने बताया कि वहाँ अलग-अलग समूह बने हुए थे और उसे कहा गया था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। लड़की का यह भी कहना है कि उसे आश्वासन दिया गया था कि वीडियो साझा नहीं किया जाएगा, लेकिन बाद में वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
लड़की की माफी और आरोप
लड़की ने स्वीकार किया कि उसने 'बहुत गलत' बोला और कहा कि वह तब तक माफी माँगती रहेगी, जब तक उसे माफ नहीं किया जाता। उसने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उसे माफ कर दिया है, जो उसके लिए अप्रत्याशित था। साथ ही लड़की ने आरोप लगाया कि उसे बलात्कार की धमकियाँ दी जा रही हैं और पुलिस उसके घर पर लगातार आ रही है।
एफआईआर पर सवाल
लड़की और उसके वकील अनिल कुमार ने दर्ज एफआईआर को गलत बताया। वकील के अनुसार, एफआईआर में नाम, उम्र और पता — तीनों गलत दर्ज हैं, और यह बिना उचित जाँच के लिखी गई है। लड़की की वास्तविक उम्र 15 वर्ष है और उसका जन्म 1 अगस्त 2011 को हुआ था, जबकि एफआईआर में उम्र 25 वर्ष दर्ज बताई जा रही है। वकील ने कहा कि आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
माँ की अपील: PM मोदी से गोद लेने की विनती
लड़की की माँ ने कहा कि प्रधानमंत्री का माफ करना उनका 'बड़प्पन और शालीनता' है। उन्होंने बताया कि लड़की के पिता का निधन हो चुका है और परिवार अभी अपने पुराने निवास पर नहीं रह पा रहा है। माँ ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि वे उनकी बेटी को गोद ले लें और परिवार को सुरक्षित रहने की जगह प्रदान करें। उन्होंने चेताया कि यदि इस दौरान परिवार को कुछ हुआ, तो असामाजिक तत्व इसका आरोप प्रधानमंत्री पर लगा सकते हैं।
सोशल मीडिया पर उत्पीड़न का आरोप
माँ ने सोशल मीडिया पर परिवार को मिल रही गालियों और धमकियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक गलती की इतनी बड़ी सज़ा उचित नहीं है। यह मामला नाबालिग की पहचान, ऑनलाइन उत्पीड़न और प्रदर्शनों में युवाओं के इस्तेमाल जैसे व्यापक सवाल भी उठाता है। एफआईआर अभी तक वापस नहीं हुई है और मामला कानूनी रूप से लंबित है।