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पीएम मोदी पर टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय छात्रा ने माँगी माफी, कहा — 'इतनी शर्मिंदा हूँ कि नज़रें नहीं उठा पा रही'

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पीएम मोदी पर टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय छात्रा ने माँगी माफी, कहा — 'इतनी शर्मिंदा हूँ कि नज़रें नहीं उठा पा रही'

सारांश

नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मामला दर्ज होने के बाद, 15 वर्षीय छात्रा ने सार्वजनिक माफी माँगी। वायरल वीडियो में वह कहती है — 'इतनी शर्मिंदा हूँ कि नज़रें नहीं उठा पा रही।'

मुख्य बातें

15 वर्षीय छात्रा का माफी वीडियो 1 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
लड़की पर नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप है।
नोएडा पुलिस ने 'जीरो एफआईआर' दर्ज की, जो पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन, नई दिल्ली को स्थानांतरित की गई।
लड़की ने वीडियो में कहा कि वह भीड़ के प्रभाव में आकर ऐसी बातें कह बैठी जो वह आम तौर पर नहीं कहती।
माफी वीडियो पीएम मोदी के उस इंस्टाग्राम वीडियो के कुछ घंटों बाद आया जिसमें उन्होंने संयम और क्षमाशीलता की बात की थी।

नई दिल्ली, 1 अगस्त — नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज होने के बाद, 15 वर्षीय एक छात्रा का माफी माँगते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लड़की हाथ जोड़कर सार्वजनिक रूप से पछतावा जाहिर करती और पूरे देश से माफी माँगती दिख रही है।

वीडियो में क्या कहा लड़की ने

वायरल वीडियो में वह छात्रा सीधे दर्शकों से मुखातिब होती है और स्वीकार करती है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उसने जो बातें कहीं, वे गलत थीं। उसका कहना है कि वह प्रदर्शन में मौजूद अन्य लोगों के प्रभाव में आ गई थी और भीड़ के माहौल ने उसकी सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित किया।

वीडियो में वह कहती है, 'मैं सिर्फ 15 साल की हूँ। मैंने जो कुछ भी किया, वह माफी के लायक नहीं था। मैंने बहुत सी बुरी बातें कहीं।' इसे अपनी 'पहली और आखिरी गलती' बताते हुए उसने कहा, 'मैं पूरे देश से माफी माँगती हूँ। मुझे बहुत शर्म आ रही है। मैं इतनी शर्मिंदा हूँ कि नज़रें भी नहीं उठा पा रही हूँ। प्लीज़ मुझे माफ कर दें।'

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद तब शुरू हुआ जब नोएडा के एक पुलिस स्टेशन में प्रधानमंत्री के विरुद्ध उक्त छात्रा की टिप्पणियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई। नोएडा पुलिस ने 'जीरो एफआईआर' दर्ज की, जिसे बाद में नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित कर दिया गया।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि लड़की की टिप्पणियों से प्रधानमंत्री कार्यालय की गरिमा को ठेस पहुँची है और इससे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका है। गौरतलब है कि यह प्रकरण नीट पेपर लीक के खिलाफ देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सामने आया था।

पीएम मोदी की प्रतिक्रिया का संदर्भ

माफी माँगने वाला यह वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस हालिया इंस्टाग्राम वीडियो के कुछ ही घंटों बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान अपने खिलाफ अपशब्दों के इस्तेमाल के संदर्भ में संयम और क्षमाशीलता की बात कही थी।

सामाजिक प्रभाव और आगे की स्थिति

यह मामला किशोर प्रदर्शनकारियों पर कानूनी कार्रवाई, अभिव्यक्ति की सीमाओं और सार्वजनिक विरोध के दौरान भीड़ के मनोविज्ञान जैसे व्यापक सवाल उठाता है। 15 वर्षीय नाबालिग होने के कारण उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले की जाँच पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के पास है और आगे की कानूनी कार्रवाई अभी स्पष्ट नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों दृष्टियों से विचारणीय है। यह भी उल्लेखनीय है कि माफी वीडियो ठीक उसी समय आया जब पीएम ने स्वयं क्षमाशीलता की बात की — यह संयोग या समन्वय, दोनों ही स्थितियों में सार्वजनिक विमर्श के लिए महत्त्वपूर्ण है। नीट आंदोलन के व्यापक संदर्भ में, इस घटना ने छात्रों की अभिव्यक्ति और राज्य की कानूनी शक्ति के बीच के तनाव को एक बार फिर उजागर किया है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी पर टिप्पणी करने वाली लड़की का मामला क्या है?
नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक 15 वर्षीय छात्रा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगा। नोएडा पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की, जिसे दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन को भेजा गया।
लड़की ने माफी वीडियो में क्या कहा?
वायरल वीडियो में उसने हाथ जोड़कर कहा कि वह प्रदर्शन में भीड़ के प्रभाव में आकर ऐसी बातें कह बैठी जो उसे नहीं कहनी चाहिए थीं। उसने इसे अपनी 'पहली और आखिरी गलती' बताते हुए पूरे देश से माफी माँगी और कहा कि वह इतनी शर्मिंदा है कि नज़रें नहीं उठा पा रही।
जीरो एफआईआर क्या होती है और इसे दिल्ली क्यों भेजा गया?
जीरो एफआईआर वह प्राथमिकी होती है जो अपने क्षेत्राधिकार से बाहर की घटना के लिए दर्ज की जाती है और बाद में संबंधित थाने को स्थानांतरित की जाती है। चूँकि प्रधानमंत्री कार्यालय से संबंधित मामला दिल्ली के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए नोएडा में दर्ज एफआईआर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन भेजी गई।
पीएम मोदी ने इस विवाद पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान अपने खिलाफ अपशब्दों के संदर्भ में संयम और क्षमाशीलता की बात कही। लड़की का माफी वीडियो इसी के कुछ घंटों बाद सामने आया।
इस मामले में आगे क्या होगा?
मामले की जाँच अब दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के पास है। लड़की नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। आगे की कानूनी कार्रवाई के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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