दिल्ली पुलिस ने मुंडका में अवैध एलपीजी सिलेंडर जमाखोरी का खुलासा, 610 सिलेंडर जब्त
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने मुंडका में 610 अवैध एलपीजी सिलेंडर जब्त किए।
- सिलेंडर सरकारी नियमों का उल्लंघन करते थे।
- गोदाम के मालिक फरार हैं।
- लोगों को अधिकृत डीलर से ही सिलेंडर खरीदने की सलाह दी गई है।
- जांच जारी है।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन और किडनैपिंग सेल ने बाहरी दिल्ली के मुंडका क्षेत्र में एक बड़ी अवैध एलपीजी सिलेंडर जमाखोरी और कालाबाजारी की योजना का खुलासा किया है।
पुलिस ने एक गोदाम से विभिन्न कंपनियों के कुल 610 भरे और खाली कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर जब्त किए हैं। ये सिलेंडर सरकारी नियमों और सुरक्षा मानदंडों का गंभीर उल्लंघन करते हुए जमा किए जा रहे थे।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मुंडका में खसरा संख्या 111/22 और प्लॉट संख्या 9 पर स्थित 'गुरुजी इंडेन गैस सर्विस' नामक स्थान पर अवैध रूप से सिलेंडर भंडारित किए जा रहे हैं। इस सूचना पर एंटी-एक्सटॉर्शन सेल की टीम ने इंस्पेक्टर अमित सोलंकी के नेतृत्व में छापेमारी की।
टीम में एसआई राजबीर, एसआई परवीन, एएसआई रविंदर कुमार, एएसआई राजीव, एएसआई उमेश, एचसी अमित, एचसी मोहित, एचसी नितिन, एचसी रविंदर और एचसी दीपक कुमार शामिल थे। इस कार्रवाई की निगरानी एसीपी पंकज अरोड़ा और पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने की।
छापेमारी के दौरान गोदाम में इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के कमर्शियल सिलेंडर पाए गए। जांच में पता चला कि इस गोदाम को केवल इंडेन कंपनी के सिलेंडर वितरित करने का लाइसेंस मिला हुआ था, लेकिन यहाँ भारत गैस और एचपी गैस के सिलेंडर भी अवैध रूप से रखे गए थे। बरामदगी में इंडेन के 423 सिलेंडर (133 भरे और 290 खाली), भारत गैस के 92 सिलेंडर (17 भरे और 75 खाली) और एचपी गैस के 95 सिलेंडर (47 भरे, 27 खाली और 21 छोटे आकार के खाली) शामिल हैं। कुल मिलाकर 610 सिलेंडर और इंडेन के 26 लॉट भी मिले।
पुलिस ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से जानकारी ली तो पता चला कि 10 मार्च 2025 तक गोदाम में इंडेन के कोई सिलेंडर नहीं होने चाहिए थे, लेकिन यहाँ 133 भरे हुए सिलेंडर मौजूद थे। यह स्टॉक में गंभीर गड़बड़ी और अनियमितता की ओर इशारा करता है। पुलिस का मानना है कि ऐसे सिलेंडरों की जमाखोरी अक्सर तब होती है जब बाजार में कमी होती है। फिर इन्हें कालाबाजारी करके अधिक कीमत पर बेचा जाता है, जिससे आम लोगों और छोटे व्यवसायों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इतना बड़ा ज्वलनशील सिलेंडरों का गलत तरीके से भंडारण आग लगने या विस्फोट का बड़ा खतरा उत्पन्न करता है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी विकास कुमार भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने पुष्टि की कि लाइसेंस की शर्तों के खिलाफ अन्य कंपनियों के सिलेंडर रखना अवैध है। इस मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। गोदाम के मालिक छापेमारी के समय मौके पर नहीं थे और वर्तमान में फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
पुलिस ने कहा कि जांच जारी है। पूरी आपूर्ति श्रृंखला, अन्य लोगों की संलिप्तता और कालाबाजारी के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि एलपीजी सिलेंडर खरीदते समय केवल अधिकृत डीलर से खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।