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दिल्ली: डीडीए ने 520 पार्कों में रोशनी बढ़ाई, 323 में सीसीटीवी — सुरक्षा ऑडिट के बाद बड़ी कार्रवाई

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दिल्ली: डीडीए ने 520 पार्कों में रोशनी बढ़ाई, 323 में सीसीटीवी — सुरक्षा ऑडिट के बाद बड़ी कार्रवाई

सारांश

उपराज्यपाल टी.एस. संधू के आदेश पर डीडीए ने 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा किया — 190 को उच्च जोखिम में रखा। अब 520 पार्कों में रोशनी, 323 में सीसीटीवी और 602 में बायोमेट्रिक हाज़िरी के साथ दिल्ली के सार्वजनिक हरित स्थलों की सुरक्षा को नए सिरे से कसा जा रहा है।

मुख्य बातें

डीडीए ने उपराज्यपाल टी.एस.
संधू के आदेश पर 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा किया।
पार्कों को उच्च जोखिम (190) , मध्यम जोखिम (258) और कम जोखिम (288) श्रेणियों में बाँटा गया।
520 पार्कों में रोशनी बढ़ाई गई; 323 पार्कों में सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है।
602 पार्कों में सुरक्षा गार्डों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली सक्रिय।
245 प्रमुख पार्कों में रात्रि गश्त शुरू; 134 उच्च जोखिम पार्कों के लिए सुरक्षा कर्मियों की माँग भेजी गई।
28 सितंबर 2026 को सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने उपराज्यपाल टी.एस. संधू के निर्देश पर 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा करने के बाद 520 पार्कों में अंधेरे स्थानों के पास रोशनी बढ़ाने और 323 पार्कों में सीसीटीवी नेटवर्क को मज़बूत करने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत सुरक्षा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी लागू किया जा रहा है। 2 अक्टूबर 2026 को जारी विवरण में बताया गया कि ऑडिट के बाद पार्कों को जोखिम स्तर के आधार पर तीन श्रेणियों में बाँटा गया है।

जोखिम-आधारित वर्गीकरण

सुरक्षा ऑडिट में सभी 736 डीडीए पार्कों का मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद इन्हें प्राथमिकता के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया — उच्च जोखिम (190 पार्क), मध्यम जोखिम (258 पार्क), और कम जोखिम (288 पार्क)। यह वर्गीकरण सुधारात्मक हस्तक्षेप की प्राथमिकता तय करने के लिए किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, ऑडिट पूरा होने के एक सप्ताह के भीतर 106 पार्कों में काम पहले ही पूरा हो चुका है।

सीसीटीवी और रोशनी का विस्तार

ऑडिट के दौरान पाया गया कि अभी केवल 16 पार्कों में सीसीटीवी प्रणाली कार्यशील थी। इस कमी को दूर करने के लिए 323 अतिरिक्त पार्कों को सीसीटीवी स्थापना के लिए चिन्हित किया गया है। इसके साथ ही, 520 पार्कों में अंधेरे वाले क्षेत्रों के पास पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। 115 पार्कों में सुरक्षा सूचना बोर्ड लगाए जा चुके हैं और 484 अतिरिक्त साइनबोर्ड लगाने का काम अभी जारी है।

सीमा मरम्मत और रात्रि गश्त

डीडीए ने बताया कि 399 पार्कों में सीमा संबंधी समस्याएँ पहचानी गई थीं, जिनमें से 233 पार्कों में टूटी ग्रिलों की मरम्मत और प्रतिस्थापन का काम पूरा हो चुका है। शौचालयों और परित्यक्त ढाँचों के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई है और वहाँ सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, 245 प्रमुख पार्कों में रात्रि गश्त शुरू की जा चुकी है, जबकि उच्च जोखिम वाले 134 पार्कों के लिए सुरक्षा कर्मियों की माँग भेज दी गई है।

समन्वय और जवाबदेही के उपाय

गौरतलब है कि 28 सितंबर 2026 को विशेष ड्यूटी अधिकारी की अध्यक्षता में सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्क सुरक्षा की समीक्षा की गई। 602 पार्कों में सुरक्षा गार्डों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली सक्रिय कर दी गई है और शेष पार्कों में इसे लागू करने की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय पुलिस और बीट अधिकारियों के संपर्क विवरण फ़ील्ड स्टाफ के साथ साझा किए जा चुके हैं — सभी पार्कों में यह वितरण शत-प्रतिशत पूरा हो गया है।

निवासी कल्याण संघों से संवाद

डीडीए ने सुरक्षा एसओपी के तहत गश्त, गार्ड के प्रदर्शन, पर्यवेक्षकों की जवाबदेही और रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं पर ज़ोर दिया है। स्थानीय निवासी कल्याण संघों के साथ व्यवस्थित संवाद भी शुरू किया गया है, ताकि पार्क से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं की पहचान और सुधारात्मक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से हो सके। यह पहल इस बात का संकेत है कि आगे पार्क सुरक्षा को समुदाय की सक्रिय भागीदारी से और मज़बूत किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 190 'उच्च जोखिम' पार्कों के लिए माँगे गए सुरक्षा कर्मी कब तैनात होंगे और उनकी नियमित निगरानी कैसे सुनिश्चित होगी। बायोमेट्रिक उपस्थिति और सीसीटीवी जैसी तकनीकी व्यवस्थाएँ तभी प्रभावी होती हैं जब उनके डेटा की नियमित समीक्षा हो — जो अतीत में अक्सर कागज़ी खानापूर्ति बनकर रह जाती है। निवासी कल्याण संघों को शामिल करना सही दिशा है, पर उनकी शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई के बिना यह महज़ औपचारिकता बनने का जोखिम है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीडीए ने दिल्ली पार्कों में सुरक्षा सुधार क्यों शुरू किए?
उपराज्यपाल टी.एस. संधू के आदेश पर डीडीए ने 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट किया, जिसके बाद पार्कों में रोशनी की कमी, टूटी सीमा-ग्रिल और सीसीटीवी की अनुपस्थिति जैसी खामियाँ सामने आईं। इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए यह सुधार अभियान शुरू किया गया है।
डीडीए पार्कों को किस आधार पर श्रेणियों में बाँटा गया?
सुरक्षा ऑडिट के बाद पार्कों को जोखिम स्तर के आधार पर तीन श्रेणियों में बाँटा गया — उच्च जोखिम (190 पार्क), मध्यम जोखिम (258 पार्क), और कम जोखिम (288 पार्क)। उच्च जोखिम वाले पार्कों में सबसे पहले सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली के कितने पार्कों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँगे?
ऑडिट में केवल 16 पार्कों में पहले से सीसीटीवी प्रणाली मौजूद थी। अब 323 अतिरिक्त पार्कों में सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है।
डीडीए पार्कों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली कितने पार्कों में लागू हुई है?
602 पार्कों में सुरक्षा गार्डों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली सक्रिय कर दी गई है। शेष पार्कों में इसे लागू करने की प्रक्रिया जारी है।
डीडीए ने पार्क सुरक्षा के लिए पुलिस समन्वय कैसे बढ़ाया है?
स्थानीय पुलिस और बीट अधिकारियों के संपर्क विवरण सभी पार्कों के फ़ील्ड स्टाफ के साथ साझा किए गए हैं — यह वितरण शत-प्रतिशत पूरा हो गया है। 28 सितंबर 2026 को विशेष ड्यूटी अधिकारी की अध्यक्षता में सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बैठक भी आयोजित की गई।
राष्ट्र प्रेस
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