आस्था कुंज सामूहिक दुष्कर्म के बाद DDA ने कालकाजी पार्क में लगाए 105 नई लाइटें और CCTV कैमरे
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा अनुरक्षित आस्था कुंज पार्क, कालकाजी में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद 24 अक्टूबर को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पार्क में व्यापक सुरक्षा उपाय लागू कर दिए गए हैं। इनमें 105 अतिरिक्त लाइटों की स्थापना, 4 नए सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और चारदीवारी की मरम्मत शामिल हैं।
मुख्य सुरक्षा उपाय
142.41 एकड़ में फैले और 29 प्रवेश द्वारों वाले इस विशाल पार्क में अब आवंटित संख्या के अनुसार सभी सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। सायरन से लैस दो मोटरसाइकिलें, टॉर्च और अन्य आवश्यक उपकरण रात्रि गश्त के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। साइट इंचार्ज, सुरक्षा पर्यवेक्षक और विभागीय कर्मचारियों द्वारा अचानक रात्रि निरीक्षण भी किए जा रहे हैं।
सभी सुरक्षा गार्ड शारीरिक उपस्थिति के साथ-साथ बायोमेट्रिक उपस्थिति भी दर्ज कराते हैं, जिसकी निगरानी एक डैशबोर्ड के माध्यम से की जाती है। सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट की सिफारिशों के अनुसार सभी 29 द्वारों को ताला लगाने योग्य बना दिया गया है और विकेट गेट प्रतिदिन रात 9 बजे बंद कर दिए जाते हैं।
प्रकाश व्यवस्था में सुधार
अधिकारी के अनुसार, पार्क में मौजूद सभी 340 बत्तियाँ वर्तमान में कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट की अनुशंसा पर 105 अतिरिक्त लाइटें लगाई गई हैं। संबंधित विद्युत अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण भी किया गया है और उपयुक्त स्थानों पर उच्च-स्तंभ प्रकाश व्यवस्था स्थापित करने का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है।
गौरतलब है कि पार्क का लगभग 99 प्रतिशत भाग मॉर्फोलॉजिकल रिज के अंतर्गत आता है। इसलिए घनी वनस्पति वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था की योजना इस प्रकार बनाई जा रही है कि प्राकृतिक वनस्पतियों और जीव-जंतुओं को कोई नुकसान न पहुँचे और साथ ही रास्तों एवं आगंतुकों के उपयोग वाले क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी भी सुनिश्चित हो।
सीसीटीवी निगरानी और चारदीवारी की मरम्मत
घटना के बाद 4 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और अधिकारियों के अनुसार सभी कैमरे वर्तमान में पूरी तरह कार्यरत हैं। चारदीवारी के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कर दी गई है और फिलहाल किसी प्रकार की दरार या टूट-फूट की सूचना नहीं है।
यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में सार्वजनिक स्थानों पर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के उपाय घटना के बाद की प्रतिक्रिया हैं, जबकि इन्हें पहले से ही लागू होना चाहिए था।
आगे की योजना
अधिकारियों के अनुसार, लाइटों, सीसीटीवी कैमरों, फाटकों और चारदीवारी की स्थिति के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की नियमित निगरानी जारी रहेगी। जहाँ भी कमियाँ पाई जाएंगी, वहाँ आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। मॉर्फोलॉजिकल रिज की पारिस्थितिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए प्रकाश व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की प्रक्रिया चल रही है।