दिवाली पर दिल्ली गैस चेंबर बनने का खतरा: AAP के सौरभ भारद्वाज ने BJP सरकार और पुलिस पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 2 नवंबर 2026 को चेतावनी दी कि इस दिवाली के बाद नई दिल्ली एक बार फिर 'गैस चेंबर' बन सकती है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आखिरी समय में ग्रीन पटाखों की अनुमति दिए जाने और निगरानी तंत्र की कमज़ोरी के चलते दिल्लीवासी इस बार भी 'राम भरोसे' हैं।
ग्रीन पटाखों की अनुमति पर सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिवाली की तारीख एक वर्ष पहले से तय होती है, फिर भी सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों की अनुमति आखिरी वक्त पर दी। उन्होंने सवाल किया कि जो अदालत सरकारों और नागरिकों को बेहतर प्रबंधन की सीख देती है, उसने इस मामले में समय रहते निर्णय क्यों नहीं लिया। उनके अनुसार, विलंबित निर्णय से प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने में भारी मुश्किल आएगी।
ग्रीन पटाखों की आड़ में सामान्य पटाखे बिकने की आशंका
भारद्वाज ने यह भी आशंका जताई कि बाज़ार में ग्रीन पटाखों के नाम पर सामान्य प्रदूषणकारी पटाखे बेचे जा सकते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या पटाखा निर्माता पहले से यह जानते थे कि दिल्ली में ग्रीन पटाखों की अनुमति मिलेगी, या उन्होंने पहले से तैयार सामान्य पटाखों पर अदालत के आदेश के बाद 'ग्रीन' का लेबल चिपकाकर उन्हें बाज़ार में उतार दिया। उन्होंने कहा कि जिस व्यवस्था में पटाखा विक्रेताओं के लाइसेंस की भी ढंग से जाँच नहीं होती, वहाँ एक कांस्टेबल असली और नकली ग्रीन पटाखे में फर्क कैसे कर पाएगा।
पिछले साल दिवाली पर प्रदूषण और कथित भ्रष्टाचार के आरोप
AAP नेता ने पिछले वर्ष दिवाली के दौरान दिल्ली पुलिस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कथित तौर पर भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों ने रिश्वत लेकर सामान्य पटाखों की बिक्री और उपयोग की खुलेआम छूट दी। इसके परिणामस्वरूप एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) इतना बिगड़ा कि मॉनिटरिंग स्टेशनों की रीडिंग क्षमता भी प्रभावित हुई।
भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि BJP सरकार ने रात के समय AQI मॉनिटरिंग स्टेशन बंद करवाए और प्रदूषण के वास्तविक आँकड़ों में कथित तौर पर हेरफेर की गई। उन्होंने कहा कि जिस व्यवस्था पर प्रदूषण की निगरानी की जिम्मेदारी है, यदि वही आँकड़ों में गड़बड़ी करे तो आम नागरिक किस पर भरोसा करें।
बच्चों के स्वास्थ्य पर चिंता और सरकार से माँग
भारद्वाज ने विशेष रूप से दिल्ली में रहने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रदूषण के सीधे असर की बात कही। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसी सरकार और पुलिस पर नागरिकों की सेहत की जिम्मेदारी छोड़ी जा सकती है। उन्होंने सरकार से माँग की कि पटाखों की बिक्री और गुणवत्ता की कड़ी निगरानी हो तथा प्रदूषण के वास्तविक आँकड़े सार्वजनिक किए जाएँ।
आगे क्या हो सकता है
भारद्वाज ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इस दिवाली के बाद भी दिल्लीवासियों को प्रदूषण की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली हर सर्दी में वायु प्रदूषण के संकट से जूझती है और शहर का AQI अक्टूबर-नवंबर में 'गंभीर' श्रेणी में पहुँचता रहा है। गौरतलब है कि ग्रीन पटाखों की निगरानी और प्रवर्तन की कमज़ोरी पर यह पहली बार सवाल नहीं उठाया गया — यह एक दीर्घकालिक प्रशासनिक चुनौती बनी हुई है।