दिल्ली में जलभराव 80-90% कम हुआ, प्रवेश वर्मा बोले — 20 साल के लंबित काम अब पूरे हो रहे हैं
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने 18 जुलाई 2025 को दावा किया कि राजधानी में जलभराव की समस्या 80 से 90 प्रतिशत तक कम हो चुकी है और पिछले 20 वर्षों से लंबित बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं पर अब तेज़ गति से काम हो रहा है। उनके अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली जल बोर्ड, आईएफसी और अन्य इंजीनियरिंग विभाग मिलकर शहर के विभिन्न हिस्सों में विकास कार्यों को गति दे रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
वर्मा ने कहा कि जो काम पिछले 20 साल में नहीं हो सके, वे अब तेज़ी से पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने इन उपलब्धियों का श्रेय क्षेत्रीय विधायकों को दिया, जो जनता की समस्याओं और माँगों को सरकार के सामने लगातार रख रहे हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि जिस चौराहे पर वे मौजूद थे, वहाँ जल्द ही आईटीओ की तर्ज पर एक आधुनिक स्काईवॉक का निर्माण किया जाएगा।
स्काईवॉक प्रस्ताव
विधानसभा के चीफ व्हिप अभय वर्मा के सुझाव पर सरकार ने इस व्यस्त चौराहे पर स्काईवॉक बनाने का प्रस्ताव स्वीकार किया है। प्रवेश वर्मा के अनुसार, यह क्षेत्र अत्यधिक यातायात वाला है जहाँ पैदल यात्रियों को सड़क पार करते समय दुर्घटनाओं का जोखिम बना रहता है। स्काईवॉक बनने से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
जलभराव पर दावे और राजनीतिक प्रतिक्रिया
मंत्री ने पूर्वी दिल्ली के एक इलाके का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ पहले बारिश के दौरान स्थिति इतनी खराब होती थी कि बसें तक पानी में डूब जाती थीं और नाव चलाने जैसे हालात बन जाते थे। उन्होंने दावा किया कि जहाँ आम आदमी पार्टी (AAP) के शासनकाल में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया 10 वर्षों में इस समस्या का समाधान नहीं कर सके, वहीं विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने एक वर्ष के भीतर आवश्यक कार्य पूरे कर दिए। हालिया बारिश में उस क्षेत्र में न तो वाहन पानी में फँसे और न ही जलभराव की स्थिति बनी — यह दावा मंत्री का है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आम जनता पर असर
वर्मा ने कहा कि पहले दिल्लीवासी बारिश से पहले मंदिरों में जाकर यह प्रार्थना करते थे कि बारिश न हो, क्योंकि जलभराव का डर रहता था। उनके अनुसार, अब स्थिति बदल चुकी है और लोग अधिक बारिश की कामना कर सकते हैं। राजधानी की कई सड़कों पर इस समय बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहे हैं, जो दीर्घकालिक विकास के लिए किए जा रहे हैं।
आगे की योजना
जहाँ अभी दीर्घकालिक समाधान के तहत परियोजनाएँ चल रही हैं, वहाँ भी आने वाले समय में स्थायी रूप से जलभराव की समस्या समाप्त करने का लक्ष्य है। दिल्ली को आधुनिक और सुरक्षित बुनियादी ढाँचे वाली राजधानी बनाने की दिशा में सरकार के प्रयास जारी हैं — और इन दावों की असली परीक्षा आने वाले मानसून सीज़न में होगी।