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क्या दिल्ली में शेयर बाजार में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर ठगने वाले गिरफ्तार हुए?

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क्या दिल्ली में शेयर बाजार में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर ठगने वाले गिरफ्तार हुए?

सारांश

दिल्ली की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग घोटाले का पर्दाफाश किया है। गुजरात से गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने भोले-भाले निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर 11.20 लाख रुपए ठगे। इस घोटाले का खुलासा करते हुए पुलिस ने कई डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं।

मुख्य बातें

साइबर अपराध में बढ़ोतरी फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स से सावधान रहें निवेश करने से पहले अच्छी तरह जांचें पुलिस कार्रवाई से ठगों को पकड़ना संभव है सामाजिक मीडिया के माध्यम से ठगी का खतरा

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के आउटर-नॉर्थ जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग घोटाले का पर्दाफाश करते हुए गुजरात से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने भोले-भाले लोगों को शेयर बाजार में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर ठगा।

इस घोटाले में एक पीड़ित से 11.20 लाख रुपए की ठगी की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, एक पासबुक, दो डेबिट कार्ड और एक चेकबुक बरामद की है।

13 मई 2025 को एनसीआरपी पोर्टल पर एक शिकायत दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें फेसबुक ग्रुप के जरिए ब्लिंकएक्समैक्स नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर निवेश के लिए लुभाया गया। 5-10 फीसदी दैनिक मुनाफे का झांसा देकर फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाए गए। इसके बाद उनसे 11.20 लाख रुपए ठग लिए गए।

शिकायत के आधार पर आउटर-नॉर्थ साइबर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी हरेश्वर स्वामी और संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर गोविंद सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इसमें सब-इंस्पेक्टर अमित अहलावत, हेड कांस्टेबल रमन सिंह, मंदीप और पवन शामिल थे।

टीम ने तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गुजरात के साबरकांठा जिले के गढ़ा गांव में छापेमारी की। वहां से दो आरोपियों, जाबिर हुसैन (38) और माज अरोदिया (30) को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप बनाकर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को लुभाया। पीड़ितों का भरोसा जीतने के बाद उन्हें फर्जी बैंक खातों में पैसे जमा करने को कहा गया।

ठगी की रकम को कई खातों में बांटकर गुजरात और महाराष्ट्र के खातों में ट्रांसफर किया गया। जांच में इन खातों का संबंध एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज तीन अन्य शिकायतों से भी जुड़ा, जो एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क की ओर इशारा करता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान ऐप्स या सोशल मीडिया लिंक के जरिए निवेश न करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

देश भर में साइबर अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है। हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए और अनजान ऐप्स के माध्यम से निवेश से बचना चाहिए। यह घटना इस बात का संकेत है कि हमें अपनी वित्तीय सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शेयर बाजार में ठगी से कैसे बच सकते हैं?
आपको अनजान ऐप्स से बचना चाहिए और हमेशा विश्वसनीय स्रोतों से निवेश करना चाहिए।
क्या यह घोटाला अकेला है?
नहीं, यह एक अंतरराज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और मामले की विस्तृत जांच शुरू की।
राष्ट्र प्रेस
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