क्या दिल्ली में यमुना की सफाई पर 'आप' ने खोला मोर्चा, सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए?
सारांश
Key Takeaways
- यमुना की सफाई को लेकर राजनीतिक आरोप
- छठ पूजा के दौरान अस्थायी उपाय
- दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता
- सत्यता का सामना करने का समय
- स्वच्छ वातावरण की आवश्यकता
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) ने यमुना नदी की सफाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने यमुना प्रदूषण के मुद्दे पर एक खुलासा सीरीज की शुरुआत की और यह दावा किया कि छठ महापर्व और बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यमुना को अस्थायी रूप से साफ दिखाने का प्रयास किया गया।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि छठ पूजा के दौरान यमुना के पानी को साफ दिखाने के लिए भाजपा शासित हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों ने किसानों के हिस्से का सिंचाई जल यमुना में छोड़ दिया। उनके अनुसार, हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पूर्वी और पश्चिमी नहर का पानी मोड़कर यमुना में डाला गया, ताकि औद्योगिक कचरे और सीवर के गंदे पानी को डायल्यूट किया जा सके। इससे कुछ दिनों के लिए यमुना का पानी अपेक्षाकृत साफ दिखाई दिया, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं था।
आप नेता ने कहा कि छठ पूजा के कुछ ही दिनों बाद बिहार विधानसभा चुनाव होने थे और दिल्ली में रहने वाले बिहार के लाखों मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही छठ पूजा और बिहार चुनाव समाप्त हुए, वैसे ही किसानों का पानी दोबारा नहरों में मोड़ दिया गया, जिसके बाद यमुना का प्रदूषण अपने वास्तविक और चिंताजनक स्तर पर लौट आया।
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि भाजपा समर्थक कुछ न्यूज एंकर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की ओर से यह भ्रम फैलाया गया कि भाजपा सरकार ने मात्र आठ महीनों में यमुना को साफ कर दिया है। उन्होंने इसे 'झूठी कहानी' बताते हुए कहा कि सच्चाई यह है कि बिना स्थायी ट्रीटमेंट प्लांट, सीवर प्रबंधन और औद्योगिक अपशिष्ट नियंत्रण के यमुना की सफाई संभव नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी आने वाले दिनों में इस सीरीज के अन्य हिस्सों के जरिए यमुना प्रदूषण से जुड़े तथ्यों, आंकड़ों और सरकारी फैसलों को जनता के सामने रखेगी। आम आदमी पार्टी का कहना है कि यमुना की सफाई को चुनावी हथकंडा बनाने के बजाय दीर्घकालिक और ईमानदार प्रयासों की जरूरत है, ताकि नदी को वास्तव में प्रदूषण मुक्त किया जा सके और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को स्वच्छ पर्यावरण मिल सके।