क्या एफएसएल रिपोर्ट ने दिल्ली के मंत्री सिरसा के आरोपों को सही साबित किया?

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क्या एफएसएल रिपोर्ट ने दिल्ली के मंत्री सिरसा के आरोपों को सही साबित किया?

सारांश

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आतिशी से माफी की मांग की है। एफएसएल रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है। क्या आतिशी इस मामले में स्पष्टीकरण देंगी?

Key Takeaways

  • दिल्ली के मंत्री सिरसा ने आतिशी से माफी की मांग की।
  • एफएसएल रिपोर्ट ने वीडियो को प्रामाणिक बताया।
  • सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप।
  • राजनीतिक पक्षों के बीच खींचतान।
  • आतिशी ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री और सिख नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को कहा कि विधानसभा में गुरु तेग बहादुर पर हुई चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी द्वारा कहे गए विवादास्पद शब्दों का सच अब देश के सामने आ गया है और उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

सिरसा ने कहा कि आतिशी को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ मिलकर देश और सिख समाज से स्पष्टीकरण और माफी मांगनी चाहिए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि राज्य पुलिस और सरकार ने आतिशी को बचाने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं है। पंजाब की पवित्र भूमि पर धर्म को पुलिस और राज्य की शक्ति के माध्यम से डराया नहीं जा सकता। सिरसा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने आतिशी का बचाव करने के लिए एक विकृत पुलिस शिकायत दर्ज करने की असफल कोशिश की।

सिरसा ने कहा कि दिल्ली फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट ने स्पष्ट रूप से प्रमाणित किया है कि विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी के भाषण का उक्त वीडियो पूरी तरह से प्रामाणिक है, इसमें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है, और बोले गए शब्द स्पीकर विजेंद्र गुप्ता द्वारा जारी आधिकारिक बयान से बिल्कुल मेल खाते हैं।

उन्होंने कहा कि आतिशी आज तक सामने नहीं आई हैं क्योंकि उनके पास इस पाप का कोई जवाब नहीं है।

दिल्ली फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सिरसा ने कहा कि इसके मुख्य निष्कर्ष ये हैं: वीडियो और ऑडियो पूरी तरह से प्रामाणिक हैं। कोई संपादन या छेड़छाड़ नहीं की गई है और स्पीकर द्वारा जारी बयान में बोले गए शब्द वीडियो में बोले गए शब्दों से पूरी तरह मेल खाते हैं।

सिरसा ने कहा कि 6 जनवरी को जब गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान पर चर्चा चल रही थी, तब आतिशी ने हंगामा खड़ा कर दिया और जब उसे रोका गया, तो उन्होंने ऐसे अपमानजनक शब्द कहे जो न केवल सदन की गरिमा के विरुद्ध थे बल्कि सिख समुदाय की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाते थे। वह आज तक सामने नहीं आई है क्योंकि उसे अपने किए गए पाप का कोई जवाब नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि विडंबना यह है कि उन्होंने प्रदूषण पर सदन में हुई चर्चा में भी भाग नहीं लिया, जिसकी वे पहले मांग कर रही थीं।

सिरसा ने आरोप लगाया कि आतिशी को बचाने के लिए आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार ने संस्थागत दुरुपयोग में मिलीभगत की।

Point of View

जो न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश में चर्चाओं का विषय बन गया है। यह मुद्दा सिख समुदाय की भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

एफएसएल रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष क्या है?
एफएसएल रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि वीडियो और ऑडियो में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है और यह पूरी तरह से प्रामाणिक है।
आतिशी को माफी मांगने की आवश्यकता क्यों है?
सिरसा के अनुसार, आतिशी द्वारा बोले गए शब्दों ने सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, इसलिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
क्या यह मामला राजनीतिक है?
सिरसा ने कहा है कि यह कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं है, बल्कि सिख समुदाय के धार्मिक सम्मान से जुड़ा मामला है।
क्या पंजाब सरकार ने आतिशी का बचाव किया?
सिरसा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने आतिशी का बचाव करने के लिए एक विकृत पुलिस शिकायत दर्ज करने की कोशिश की।
क्या आतिशी ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
आतिशी अभी तक इस मुद्दे पर सामने नहीं आई हैं।
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