दिल्ली पुलिस ने माया गैंग के मकोका-वांछित समेत दो स्नैचर दबोचे, 11 मामले सुलझे
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 25 अक्टूबर 2026 को दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में दो पेशेवर स्नैचरों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक कुख्यात माया गैंग का कथित सदस्य और मकोका (MCOCA) मामले में वांछित फरारी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अमर कॉलोनी, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और कालकाजी थानों में दर्ज 11 आपराधिक मामले सुलझाने का दावा किया है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल अजहरुद्दीन और कांस्टेबल देवेंद्र सोमवार रात 9 बजे पुश्ता रोड, जेजे कॉलोनी, मदनपुर खादर के पास पीपल चौक पर गश्त कर रहे थे। उन्होंने दो व्यक्तियों को मोटरसाइकिल पर संदिग्ध गतिविधि के साथ जाते देखा। रुकने का इशारा मिलते ही दोनों भागने लगे, परन्तु मोटरसाइकिल का नियंत्रण खो बैठे और सड़क पर गिर पड़े — जिसके बाद सतर्क पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल काबू कर लिया।
आरोपियों की पहचान और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित बेनीवाल (उम्र 23 वर्ष) और मोहम्मद उमर अंसारी (उम्र 23 वर्ष) के रूप में हुई। बेनीवाल के पास से एक अवैध बटन वाला चाकू, एक चोरी का मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई — जो न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाने के इलाके से चोरी की निकली। अंसारी से बरामद मोबाइल फोन की ज़िपनेट सिस्टम पर जाँच में वह 25 अक्टूबर को अमर कॉलोनी थाने में दर्ज ई-एफआईआर से जुड़ा पाया गया। अंसारी के पास एक अन्य मोबाइल फोन भी मिला, जिसे उसने अपना निजी फोन बताया।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस ने बताया कि मोहम्मद उमर अंसारी अमर कॉलोनी थाने का घोषित बदमाश है और माया गैंग का कथित सदस्य है। वह इस वर्ष मई में दर्ज मकोका के मामले में भी वांछित था और फरार चल रहा था। अंसारी पर चोरी, स्नैचिंग और सेंधमारी के कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं। सुमित बेनीवाल भी आदतन चोर और स्नैचर बताया गया है। वह पहले अमर कॉलोनी थाने का 'बीट क्रिमिनल' (BC) था, बाद में निवास बदलने पर उसका रिकॉर्ड सनलाइट कॉलोनी थाने में स्थानांतरित किया गया। उस पर चोरी, सेंधमारी और आर्म्स एक्ट सहित 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
कानूनी कार्रवाई
कांस्टेबल अजहरुद्दीन की शिकायत पर 26 अक्टूबर 2026 को कालिंदी कुंज थाने में आर्म्स एक्ट, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और दिल्ली पुलिस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। यह ऑपरेशन दक्षिण-पूर्वी जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में संपन्न हुआ, जिसमें कालिंदी कुंज थानाध्यक्ष रमन कुमार सिंह भी शामिल थे।
स्ट्रीट क्राइम पर पुलिस की रणनीति
पुलिस ने कहा कि ये गिरफ्तारियाँ स्ट्रीट क्राइम पर अंकुश लगाने के लिए तेज गश्त, नाका चेकिंग और खुफिया जानकारी पर आधारित कार्रवाई का हिस्सा हैं। इन गिरफ्तारियों से 2026 में दर्ज कई मामलों सहित कुल 11 मामले सुलझाए गए हैं। गौरतलब है कि दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आवासीय इलाकों में स्नैचिंग और सेंधमारी की घटनाएँ लंबे समय से निवासियों के लिए चिंता का विषय रही हैं। आने वाले दिनों में पुलिस माया गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी रखेगी।