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दिल्ली पुलिस ने 100 से अधिक CCTV फुटेज और 30 KM रूट ट्रेस कर झपटमार को दबोचा

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दिल्ली पुलिस ने 100 से अधिक CCTV फुटेज और 30 KM रूट ट्रेस कर झपटमार को दबोचा

सारांश

100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज और 30 किलोमीटर के रूट की भौतिक पुष्टि — दिल्ली पुलिस की 16 दिन की मेहनत ने नेपाली नागरिक विकास गुरुंग को झपटमार के रूप में बेनकाब किया। एक गिरफ्तारी से पाँच मामले सुलझे, चोरी की स्कूटी और ज़ेवरात बरामद।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज और 30 किलोमीटर के रूट ट्रेसिंग के बाद झपटमार को गिरफ्तार किया।
आरोपी विकास गुरुंग ( 25 वर्ष ), नेपाल का नागरिक, 2022 में भारत आया था।
जांच 3 अगस्त को सरोजिनी नगर थाने में दर्ज FIR से शुरू हुई; 16 दिन की कोशिश के बाद गिरफ्तारी।
बरामदगी में चोरी की स्कूटी , सोने का पेंडेंट , चांदी की पायल और दो मोबाइल फोन शामिल।
एक गिरफ्तारी से पाँच अलग-अलग थानों के मामले — झपटमारी, चोरी और खोए सामान की रिपोर्ट — सुलझे।

नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस की सरोजिनी नगर थाना टीम ने 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने और लगभग 30 किलोमीटर के भागने के रास्ते की भौतिक पुष्टि करने के बाद विकास गुरुंग (उम्र 25 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। नेपाल के रहने वाले गुरुंग पर दक्षिण और मध्य दिल्ली के विभिन्न इलाकों में झपटमारी और चोरी की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप है।

मामले की शुरुआत और जांच का दायरा

जांच की नींव 3 अगस्त को पड़ी, जब सरोजिनी नगर पुलिस स्टेशन में झपटमारी की एक घटना को लेकर FIR दर्ज हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण-पश्चिम जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक विशेष टीम गठित की। टीम ने तकनीकी और फील्ड जांच दोनों मोर्चों पर एक साथ काम किया — स्थानीय पूछताछ से लेकर सीसीटीवी नेटवर्क के बारीक विश्लेषण तक।

गौरतलब है कि 16 दिनों की लगातार मेहनत के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे पकड़ा। यह जांच इस मायने में उल्लेखनीय है कि टीम ने अलग-अलग कैमरों के फुटेज को जोड़कर एक निरंतर विज़ुअल ट्रेल तैयार किया, जिससे संदिग्ध और उसकी गाड़ी की हर हरकत को मैप किया जा सका।

आरोपी का पृष्ठभूमि और अपराध का तरीका

पुलिस के अनुसार, विकास गुरुंग ने 11वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और 2022 में रोज़गार की तलाश में नेपाल से भारत आया था। शुरुआत में उसने हाउसकीपर और हेल्पर के रूप में काम किया। पुलिस के मुताबिक, करीब छह महीने पहले जब वह मुनिरका में रह रहा था, तो उसने एक व्यक्ति को नशे की हालत में एक स्कूटी के पास सोते देखा — जिसकी चाबी इग्निशन में लगी थी। उसने वह स्कूटी चुरा ली और बाद में करोल बाग में जाकर रहने लगा।

कथित तौर पर इसके बाद उसने चोरी की उसी स्कूटी का उपयोग करते हुए दक्षिण और मध्य दिल्ली के विभिन्न इलाकों में झपटमारी और चोरी की वारदातें करना शुरू किया। पुलिस के अनुसार, उसका तरीका यह था कि वह पैदल चलने वालों — खासकर मोबाइल फोन, बैग या अन्य कीमती सामान लिए महिलाओं — को निशाना बनाता था, पीछे या बगल से आकर सामान झपटता और कनेक्टिंग सड़कों से तेज़ी से फरार हो जाता था।

बरामदगी और सुलझाए गए मामले

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से एक चोरी की स्कूटी, सोने का एक पेंडेंट, चांदी की पायल की एक जोड़ी और दो मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ में गुरुंग ने सरोजिनी नगर केस सहित झपटमारी और चोरी की कई अन्य घटनाओं में अपनी भूमिका स्वीकार की।

इस एक गिरफ्तारी से दिल्ली के अलग-अलग थानों में दर्ज कुल पाँच मामलों को सुलझाने में मदद मिली — सरोजिनी नगर और सफदरजंग एन्क्लेव थानों में दर्ज झपटमारी के दो मामले, तुगलक रोड और किशनगढ़ थानों में दर्ज चोरी के मामले, और आर.के. पुरम थाने में दर्ज खोए हुए सामान की रिपोर्ट।

तकनीकी जांच की भूमिका

यह मामला दिल्ली पुलिस की CCTV-आधारित जांच क्षमता का उदाहरण है। 100 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग को क्रमवार जोड़कर एक निर्बाध विज़ुअल श्रृंखला तैयार करना और उसे 30 किलोमीटर के भौतिक रूट से मिलान करना — यह प्रक्रिया आधुनिक शहरी अपराध जांच में निगरानी तकनीक की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में झपटमारी की घटनाएँ नागरिकों के लिए लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं।

आगे की कार्रवाई

आरोपी विकास गुरुंग को न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में अन्य संभावित मामलों की भी पड़ताल जारी है। इस गिरफ्तारी से प्रभावित पीड़ितों को उनका बरामद सामान लौटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक बड़ा सवाल भी उठाती है — अगर एक अकेले आरोपी को पकड़ने में 100 से अधिक कैमरे और 16 दिन लगे, तो दिल्ली में झपटमारी की उन अनगिनत घटनाओं का क्या, जहाँ CCTV कवरेज नहीं है या फुटेज उपलब्ध नहीं होती? यह मामला निगरानी बुनियादी ढाँचे की सफलता की कहानी है, लेकिन साथ ही यह भी बताता है कि बिना तकनीक के ऐसे मामले अनसुलझे रह जाते। असली चुनौती यह है कि झपटमारी की रोकथाम के लिए केवल प्रतिक्रियाशील जांच नहीं, बल्कि सक्रिय गश्त और सामाजिक पुनर्वास की भी ज़रूरत है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने झपटमार विकास गुरुंग को कैसे पकड़ा?
पुलिस ने 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज को क्रमवार जोड़कर एक विज़ुअल ट्रेल बनाया और लगभग 30 किलोमीटर के रास्ते की भौतिक पुष्टि की। 16 दिनों की तकनीकी और फील्ड जांच के बाद आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी संभव हुई।
विकास गुरुंग कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
विकास गुरुंग 25 वर्षीय नेपाली नागरिक है, जो 2022 में रोज़गार की तलाश में भारत आया था। उस पर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में चोरी की स्कूटी से झपटमारी और चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है।
इस गिरफ्तारी से कितने मामले सुलझे?
इस एक गिरफ्तारी से दिल्ली के पाँच अलग-अलग थानों के मामले सुलझे — सरोजिनी नगर और सफदरजंग एन्क्लेव में झपटमारी के दो मामले, तुगलक रोड और किशनगढ़ में चोरी के मामले, और आर.के. पुरम में खोए सामान की रिपोर्ट।
आरोपी ने स्कूटी कैसे हासिल की थी?
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने करीब छह महीने पहले मुनिरका में एक व्यक्ति को नशे की हालत में स्कूटी के पास सोते देखा, जिसकी चाबी इग्निशन में लगी थी। उसने वह स्कूटी चुरा ली और बाद में उसी का उपयोग अपराधों के लिए करता रहा।
गिरफ्तारी के बाद क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपी के पास से एक चोरी की स्कूटी , सोने का एक पेंडेंट , चांदी की पायल की एक जोड़ी और दो मोबाइल फोन बरामद किए।
राष्ट्र प्रेस
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