दिल्ली के सदर बाज़ार में नाबालिग से दुष्कर्म, 56 वर्षीय आरोपी मकसूद गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के सदर बाज़ार इलाके में एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर दुकान में बंधक बनाने और उसके साथ यौन उत्पीड़न करने का गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने 56 वर्षीय आरोपी मकसूद को घटना के दिन ही न्यायिक हिरासत में भेज दिया और उत्तरी जिले के महिला पुलिस स्टेशन में दुष्कर्म, पॉक्सो अधिनियम तथा बंधक बनाने की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर 2026 की रात करीब 11 बजे पीड़िता नाबालिग लड़की स्टेशनरी का सामान खरीदने के लिए अकेले घर से निकली थी। उसी समय पड़ोस की दुकान में मौजूद मकसूद ने उसे बहला-फुसलाकर दुकान के भीतर बुलाया। अंदर ले जाकर उसने लड़की के हाथ-पैर बाँधे और उसका यौन उत्पीड़न किया।
घटना की सूचना पीसीआर कॉल के माध्यम से पुलिस को मिली, जिसके बाद सदर बाज़ार थाने की टीम और महिला पुलिस स्टेशन के एसीपी तत्काल मौके पर पहुँचे।
पुलिस की कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलते ही उत्तरी जिले के महिला थाने में कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी मकसूद को उसी दिन गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ संभाला।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध की किसी भी शिकायत पर उत्तरी जिले का महिला थाना त्वरित और सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
पृष्ठभूमि: दिल्ली में नाबालिगों के विरुद्ध बढ़ते अपराध
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राजधानी में नाबालिग पीड़ितों से जुड़े अपराध लगातार सुर्खियों में हैं। 13 सितंबर 2026 को उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में कुशक रोड पर जयपाल राणा के खेत के पास एक 17 वर्षीय लड़की का बुरी तरह सड़ा-गला शव मिला था। जाँच में पता चला कि इस वारदात में चार लोग शामिल थे, जिनमें तीन नाबालिग थे।
पुलिस के अनुसार, उस मामले में पीड़िता आरोपियों को पहचानती थी और उनके साथ टेंपो में सफर कर रही थी। सफर के दौरान शराब पिलाई गई, फिर दुष्कर्म किया गया और बाद में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। शव को खुले मैदान में फेंक दिया गया था।
आम जनता और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि रात के समय नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इलाके में पुलिस गश्त और सीसीटीवी निगरानी को और मज़बूत करने की ज़रूरत है। पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में त्वरित सुनवाई की माँग भी उठ रही है।
आगे क्या होगा
आरोपी मकसूद फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और जाँच जारी है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है और बाल कल्याण समिति को भी सूचित किया गया है। मामले की आगामी सुनवाई पॉक्सो विशेष न्यायालय में होने की संभावना है।