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रोहन गुप्ता का विपक्ष पर हमला: 'षड्यंत्र नहीं, जनादेश से चलता है भारत'

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रोहन गुप्ता का विपक्ष पर हमला: 'षड्यंत्र नहीं, जनादेश से चलता है भारत'

सारांश

BJP राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने अहमदाबाद में तीन मोर्चों पर एकसाथ विपक्ष को घेरा — सोरोस-षड्यंत्र का आरोप, संजय राउत की संवैधानिक भाषा पर सवाल, और अखिलेश यादव के संकल्प पत्र को SP शासन के 'माफिया राज' के आईने में रखा। सत्तारूढ़ दल का संदेश साफ़ है: जनादेश के बिना सत्ता का रास्ता नहीं।

मुख्य बातें

BJP राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने 19 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में विपक्ष पर एकसाथ कई मोर्चों पर हमला बोला।
जॉर्ज सोरोस विवाद पर कहा — भारत में 'सत्ता परिवर्तन का षड्यंत्र' रचा जा रहा है; देश संविधान और जनादेश से चलता है।
संजय राउत द्वारा चुनाव आयोग को 'माफिया' बताने पर गुप्ता ने इसे 'बौखलाहट और निराशा' की भाषा करार दिया।
कांग्रेस शासनकाल में नवीन चावला की नियुक्ति का मुद्दा उठाया; गोपालस्वामी के विरोध के बावजूद नियुक्ति पर सवाल किया।
अखिलेश यादव के 26 नवंबर के संकल्प पत्र पर कहा — पहले सपा शासन के कथित माफिया राज और कानून-व्यवस्था का जवाब दें।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने 19 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जॉर्ज सोरोस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की टिप्पणी, चुनाव आयोग को लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के बयान और समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से 26 नवंबर को संकल्प पत्र जारी करने की घोषणा पर एक साथ प्रतिक्रिया दी। गुप्ता का आरोप था कि विपक्ष जनता का विश्वास जीतने के बजाय षड्यंत्र और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति पर निर्भर है।

सोरोस विवाद और सत्ता परिवर्तन का आरोप

जॉर्ज सोरोस से जुड़े विवाद पर गुप्ता ने कहा कि दुनिया के कुछ देशों में सत्ता परिवर्तन से जुड़े जो पैटर्न देखे गए हैं, उसी तरह का माहौल भारत में भी बनाने की कोशिश हो रही है। उनके अनुसार, 'विपक्ष की मंशा किसी न किसी षड्यंत्र के ज़रिए सत्ता परिवर्तन करने की है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत लोकतंत्र और संविधान से चलता है और यहाँ जनता की आवाज़ सर्वोपरि है — किसी बाहरी षड्यंत्र से नहीं।

गुप्ता ने कहा कि विपक्ष को पहले जनता का विश्वास जीतना चाहिए, उसके बाद सत्ता परिवर्तन की बात करनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि 'देश के दिल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, BJP और एनडीए हैं', जबकि विपक्ष के दिल में जनता और युवाओं की जगह केवल सत्ता पाने की लालसा है।

संजय राउत के बयान पर पलटवार

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा चुनाव आयोग को 'माफिया' बताए जाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर की गई टिप्पणी पर गुप्ता ने कहा कि इंडी गठबंधन के नेताओं की भाषा उनकी बौखलाहट और निराशा को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें रही हैं, वहाँ माफिया राज देखने को मिला।

गुप्ता ने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुख का इस प्रकार अपमान करना गठबंधन के नेताओं को शोभा नहीं देता। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में नवीन चावला की नियुक्ति का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त गोपालस्वामी के विरोध के बावजूद चावला को किस आधार पर नियुक्त किया गया और उनके नेतृत्व में चुनाव जीता गया।

अखिलेश यादव के संकल्प पत्र पर सवाल

समाजवादी पार्टी द्वारा 26 नवंबर को संकल्प पत्र जारी करने की घोषणा पर गुप्ता ने कहा कि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की जनता को अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। उनके अनुसार, प्रदेश की जनता सपा शासन में कथित माफिया राज, कानून-व्यवस्था की स्थिति, महिला सुरक्षा और आर्थिक विकास से जुड़े सवालों को भली-भाँति जानती है।

गुप्ता ने कहा कि जनता वास्तविकता और प्रचार के बीच फर्क समझती है, और धमकी भरी भाषा बोलने वाले नेताओं पर उसका भरोसा नहीं बनता। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ होती दिख रही हैं।

BJP सरकार का बचाव और आगे का रुख

गुप्ता ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में BJP सरकार के सुशासन से परिस्थितियों में उल्लेखनीय सुधार आया है और प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ा है। उन्होंने विश्वास जताया कि विपक्ष चाहे जितने भी दावे करे, उत्तर प्रदेश की जनता BJP के साथ खड़ी रहेगी।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय चुनावी माहौल में विभिन्न मुद्दों पर सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो रही है। आने वाले हफ्तों में दोनों पक्षों की ओर से और भी तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सत्तारूढ़ दल की रणनीतिक एकजुटता दर्शाता है — लेकिन आरोप-प्रत्यारोप दोनों तरफ से हैं। सोरोस-षड्यंत्र की थीसिस पर BJP ने दावा तो किया, परंतु ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए। नवीन चावला प्रकरण पुराना मुद्दा है जिसे नए संदर्भ में उठाना BJP की 'इतिहास से जवाबदेही' रणनीति का हिस्सा है। असली सवाल यह है कि क्या संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर चल रही बहस में दोनों पक्ष तथ्यों से बात करें — या यह केवल चुनावी मौसम की बयानबाज़ी बनकर रह जाए।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहन गुप्ता ने जॉर्ज सोरोस विवाद पर क्या कहा?
BJP राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने कहा कि दुनिया के कुछ देशों में सत्ता परिवर्तन के जो पैटर्न देखे गए हैं, वैसा माहौल भारत में भी बनाने की कोशिश हो रही है। उनके अनुसार विपक्ष की मंशा षड्यंत्र के ज़रिए सत्ता परिवर्तन की है, जबकि भारत संविधान और जनादेश से चलता है।
संजय राउत के चुनाव आयोग वाले बयान पर BJP की क्या प्रतिक्रिया है?
रोहन गुप्ता ने संजय राउत द्वारा चुनाव आयोग को 'माफिया' बताने को इंडी गठबंधन की 'बौखलाहट और निराशा' की अभिव्यक्ति करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुख का इस तरह अपमान करना गठबंधन नेताओं को शोभा नहीं देता।
अखिलेश यादव के 26 नवंबर के संकल्प पत्र पर BJP का क्या रुख है?
गुप्ता ने कहा कि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की जनता को अपने शासनकाल में कथित माफिया राज, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार प्रदेश की जनता वास्तविकता और प्रचार का फर्क समझती है।
नवीन चावला का मुद्दा इस बहस में क्यों उठाया गया?
रोहन गुप्ता ने कांग्रेस शासनकाल में नवीन चावला की मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्ति का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन चुनाव आयुक्त गोपालस्वामी के विरोध के बावजूद यह नियुक्ति हुई, और इस संदर्भ में विपक्ष का चुनाव आयोग पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
रोहन गुप्ता ने उत्तर प्रदेश में BJP की स्थिति के बारे में क्या दावा किया?
गुप्ता ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में BJP सरकार के सुशासन से परिस्थितियाँ बेहतर हुई हैं और प्रदेश विकास के पथ पर है। उन्होंने विश्वास जताया कि विपक्ष के तमाम दावों के बावजूद उत्तर प्रदेश की जनता BJP के साथ बनी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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