ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न की मांग पर संजय राउत का वार: 'जनता जूतों से मारेगी'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ सांसद संजय राउत ने 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। राउत ने कहा कि ऐसी मांग करने वाले लोगों को जनता कड़ा जवाब देगी।
राउत का तीखा हमला
नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न दिए जाने की मांग किए जाने पर राउत ने कहा, 'जो लोग उन्हें भारत रत्न देने की बात कर रहे हैं, उन्हें जनता जूतों से मारेगी।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'जो व्यक्ति देश का गद्दार है, देश का सबसे बड़ा दुश्मन है और लोकतंत्र का हत्यारा है, अगर कोई उसे सर्वोच्च सम्मान देने की बात कर रहा है, तो इसका मतलब है कि देश की सत्ताधारी पार्टी के भीतर हिटलर की आत्मा आ गई है।'
विरोध-प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर नाराज़गी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने पर राउत ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, 'सरकार को अनुमति देनी चाहिए थी। अभिजीत दीपके और उनके साथियों ने अपनी शादी के लिए अनुमति नहीं मांगी थी — क्या उन्होंने मुंबई के शिवाजी पार्क में शादी के लिए अनुमति माँगी? नहीं। यह लड़ाई देश के लोकतंत्र के लिए लड़ी जा रही है।'
27 सितंबर का पूर्व बयान और बंगाल का मुद्दा
गौरतलब है कि 27 सितंबर को भी राउत ने कहा था कि 'चुनाव के दौरान चुनाव आयोग का इस्तेमाल एक हथियार के तौर पर किया गया।' उन्होंने उस समय यह भी घोषणा की थी कि विपक्ष अब केवल मुद्दा उठाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ज्ञानेश कुमार को हटाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
पश्चिम बंगाल का संदर्भ देते हुए राउत ने यह भी आरोप लगाया था कि 'बंगाल का चुनाव भी चोरी किया गया' और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को शिवसेना (यूबीटी) के समर्थन का भरोसा दिलाया, बशर्ते वे सभी को एकजुट कर लड़ाई लड़ने को तैयार हों।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएँ जाहिर कर चुके हैं। राउत के ताज़ा बयान से स्पष्ट है कि आगामी दिनों में विपक्ष चुनाव आयोग के मुद्दे पर और आक्रामक रुख अपना सकता है।