देवास शराब कांड: मंत्री विश्वास सारंग का आरोप — कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे अमन कासलीवाल का सीधा जुड़ाव
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने 29 अक्टूबर 2026 को देवास शराब कांड को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जांच में कांग्रेस के प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल का इस कांड से सीधा संबंध सामने आया है। मंत्री सारंग के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मामले के मुख्य आरोपियों ने अमन कासलीवाल से ही थिनर का ड्रम खरीदा था।
जांच में क्या सामने आया
संवाददाताओं से बातचीत में मंत्री सारंग ने कहा कि देवास कांड के मुख्य आरोपी अज्जू राठौर और गोविंद ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि उन्होंने अमन कासलीवाल से ही थिनर का ड्रम खरीदा था। उन्होंने स्पष्ट किया, 'ये हम नहीं कह रहे — यह जांच में सामने आया है और आरोपी ने स्वयं इसे स्वीकार किया है।' सारंग ने यह भी आरोप लगाया कि अमन कासलीवाल ने एक पूरा रैकेट तैयार किया था, जिसके वे स्वयं सरगना थे।
कासलीवाल परिवार पर पुराने जुड़ाव का आरोप
मंत्री सारंग ने आगे दावा किया कि कासलीवाल परिवार का पहले से ही जहरीली शराब बनाने और शराब से जुड़े मामलों में संबंध रहा है। उनका आरोप है कि कांग्रेस के धरने-प्रदर्शन में टेंट, लाइट, माइक, पार्टी कार्यालय का बिजली बिल और कर्मचारियों की तनख्वाह — सब आनंद और अमन कासलीवाल द्वारा प्रायोजित किए जाते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वह धन जहरीली और नकली शराब के व्यापार से अर्जित होता था — जो उन्होंने जांच का विषय बताया।
कांग्रेस पर निष्क्रियता का आरोप
सारंग ने कहा कि मामला सामने आए 24 घंटे से अधिक बीत चुके हैं, फिर भी कांग्रेस ने आनंद कासलीवाल के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि आनंद कासलीवाल आज भी कांग्रेस के प्रवक्ता बने हुए हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ सार्वजनिक रूप से घूम रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कांड से जितने लोग प्रताड़ित हुए, उसके लिए 'केवल और केवल कांग्रेस पार्टी' जिम्मेदार है।
देवास कांड की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि देवास में लगभग 20 दिन के भीतर 13 लोगों की मौत का मामला सामने आया था, जिसे कथित तौर पर जहरीली शराब के सेवन से जोड़ा गया है। इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पद से हटा दिया और कई कर्मचारियों को निलंबित किया। यह मामला राज्य में नकली और जहरीली शराब के अवैध कारोबार को लेकर बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।
आगे क्या होगा
पुलिस जांच अभी जारी है और मंत्री सारंग के आरोपों के बाद कांग्रेस पर दबाव बढ़ने की संभावना है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या जांच एजेंसियाँ कासलीवाल परिवार से आगे पूछताछ करती हैं।