29 अक्टूबर 2026
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देवास शराब कांड: मंत्री विश्वास सारंग का आरोप — कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे अमन कासलीवाल का सीधा जुड़ाव

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देवास शराब कांड: मंत्री विश्वास सारंग का आरोप — कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे अमन कासलीवाल का सीधा जुड़ाव

सारांश

देवास शराब कांड अब सीधे कांग्रेस के दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। मंत्री विश्वास सारंग का आरोप है कि पुलिस जांच में कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे अमन कासलीवाल का मुख्य आरोपियों से थिनर खरीद का स्वीकारोक्ति-समर्थित लिंक मिला है — और 24 घंटे बाद भी कांग्रेस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

मुख्य बातें

मंत्री विश्वास सारंग ने आरोप लगाया कि देवास शराब कांड के मुख्य आरोपियों अज्जू राठौर और गोविंद ने अमन कासलीवाल से थिनर का ड्रम खरीदा — जिसे आरोपियों ने स्वयं स्वीकार किया।
अमन कासलीवाल , कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे हैं; सारंग के अनुसार वे रैकेट के कथित सरगना थे।
देवास में 20 दिन में 13 लोगों की मौत कथित जहरीली शराब से हुई; सरकार ने कलेक्टर और SP को हटाया।
मामला सामने आने के 24 घंटे बाद भी कांग्रेस ने आनंद कासलीवाल के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की।
सारंग का आरोप — कांग्रेस आयोजनों का खर्च कासलीवाल परिवार उठाता था; यह धन जहरीली शराब के व्यापार से आता था या नहीं, जांच का विषय।

मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने 29 अक्टूबर 2026 को देवास शराब कांड को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जांच में कांग्रेस के प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल का इस कांड से सीधा संबंध सामने आया है। मंत्री सारंग के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मामले के मुख्य आरोपियों ने अमन कासलीवाल से ही थिनर का ड्रम खरीदा था।

जांच में क्या सामने आया

संवाददाताओं से बातचीत में मंत्री सारंग ने कहा कि देवास कांड के मुख्य आरोपी अज्जू राठौर और गोविंद ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि उन्होंने अमन कासलीवाल से ही थिनर का ड्रम खरीदा था। उन्होंने स्पष्ट किया, 'ये हम नहीं कह रहे — यह जांच में सामने आया है और आरोपी ने स्वयं इसे स्वीकार किया है।' सारंग ने यह भी आरोप लगाया कि अमन कासलीवाल ने एक पूरा रैकेट तैयार किया था, जिसके वे स्वयं सरगना थे।

कासलीवाल परिवार पर पुराने जुड़ाव का आरोप

मंत्री सारंग ने आगे दावा किया कि कासलीवाल परिवार का पहले से ही जहरीली शराब बनाने और शराब से जुड़े मामलों में संबंध रहा है। उनका आरोप है कि कांग्रेस के धरने-प्रदर्शन में टेंट, लाइट, माइक, पार्टी कार्यालय का बिजली बिल और कर्मचारियों की तनख्वाह — सब आनंद और अमन कासलीवाल द्वारा प्रायोजित किए जाते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वह धन जहरीली और नकली शराब के व्यापार से अर्जित होता था — जो उन्होंने जांच का विषय बताया।

कांग्रेस पर निष्क्रियता का आरोप

सारंग ने कहा कि मामला सामने आए 24 घंटे से अधिक बीत चुके हैं, फिर भी कांग्रेस ने आनंद कासलीवाल के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि आनंद कासलीवाल आज भी कांग्रेस के प्रवक्ता बने हुए हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ सार्वजनिक रूप से घूम रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कांड से जितने लोग प्रताड़ित हुए, उसके लिए 'केवल और केवल कांग्रेस पार्टी' जिम्मेदार है।

देवास कांड की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि देवास में लगभग 20 दिन के भीतर 13 लोगों की मौत का मामला सामने आया था, जिसे कथित तौर पर जहरीली शराब के सेवन से जोड़ा गया है। इस मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पद से हटा दिया और कई कर्मचारियों को निलंबित किया। यह मामला राज्य में नकली और जहरीली शराब के अवैध कारोबार को लेकर बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।

आगे क्या होगा

पुलिस जांच अभी जारी है और मंत्री सारंग के आरोपों के बाद कांग्रेस पर दबाव बढ़ने की संभावना है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या जांच एजेंसियाँ कासलीवाल परिवार से आगे पूछताछ करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि अब तक जो सामने आया है वह पुलिस जांच के दावों और आरोपियों की स्वीकारोक्ति पर आधारित है — न कि किसी न्यायिक निष्कर्ष पर। देवास में 13 मौतें एक निर्विवाद त्रासदी हैं, लेकिन राजनीतिक जिम्मेदारी तय करने और आपराधिक जिम्मेदारी साबित करने के बीच का अंतर महत्वपूर्ण है। कांग्रेस की चुप्पी राजनीतिक रूप से नुकसानदेह है, फिर भी मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह सवाल चूक जाती है कि सरकारी मशीनरी — जिले का कलेक्टर और SP — इतने लंबे समय तक अवैध शराब के कारोबार को रोक क्यों नहीं पाई।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवास शराब कांड क्या है?
देवास शराब कांड मध्य प्रदेश के देवास जिले में हुई वह घटना है जिसमें कथित तौर पर जहरीली शराब के सेवन से लगभग 20 दिनों में 13 लोगों की मौत हो गई। इस मामले में सरकार ने जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाने के साथ कई कर्मचारियों को निलंबित किया।
अमन कासलीवाल का देवास कांड से क्या संबंध बताया जा रहा है?
मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, पुलिस जांच में मुख्य आरोपी अज्जू राठौर और गोविंद ने स्वीकार किया है कि उन्होंने अमन कासलीवाल से ही थिनर का ड्रम खरीदा था। सारंग का आरोप है कि अमन कासलीवाल एक पूरे रैकेट के कथित सरगना थे।
कांग्रेस ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
मंत्री सारंग के अनुसार मामला सामने आने के 24 घंटे बाद भी कांग्रेस ने आनंद कासलीवाल के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है। आनंद कासलीवाल अभी भी कांग्रेस के प्रवक्ता के पद पर बने हुए हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने देवास कांड में क्या कदम उठाए?
मध्य प्रदेश सरकार ने देवास के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पद से हटा दिया है। इसके साथ ही कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और पुलिस जांच जारी है।
क्या अमन कासलीवाल के खिलाफ कोई आधिकारिक कार्रवाई हुई है?
स्रोत में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस जांच में उनका नाम आरोपियों की स्वीकारोक्ति में सामने आया है। हालांकि किसी औपचारिक गिरफ्तारी या आरोपपत्र की पुष्टि अब तक नहीं हुई है और जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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